अपराध
कल्याण अधिवक्ता आत्महत्या मामला: शिवसेना (यूबीटी) नेता, सह-आरोपी ने अग्रिम जमानत मांगी; पति ने विरोध किया
कार्यकर्ता-अधिवक्ता सरिता खानचंदानी को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद पाँच आरोपियों में से दो ने अग्रिम ज़मानत के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायालय का रुख किया है। हालाँकि, मृतका के पति, अधिवक्ता पुरुषोत्तम खानचंदानी ने इन याचिकाओं का कड़ा विरोध किया है, और दावा किया है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और सबूतों से छेड़छाड़ का ख़तरा है।
शिवसेना (यूबीटी) कल्याण ज़िला अध्यक्ष, आरोपी धनंजय बोडारे ने अपनी ज़मानत याचिका में सरिता के परिवार द्वारा बरामद सुसाइड नोट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। बोडारे ने नोट को “अस्पष्ट और बहुरूपी” बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें कई व्यक्तियों का सामूहिक रूप से ज़िक्र है, लेकिन किसी की भी विशिष्ट भूमिका नहीं बताई गई है।
एफपीजे ने विस्तृत अग्रिम जमानत आवेदन प्राप्त किया है, जिसमें सुसाइड नोट को चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया है कि यह ‘अस्पष्ट और बहुविकल्पीय प्रकृति का’ है, जिसमें कहा गया है: “नोटिस में कई व्यक्तियों के नामों का उल्लेख बिना किसी विवरण या कृत्यों के उल्लेख के साथ किया गया है।”
एबीए की प्रति में आगे लिखा है, “मृतका, उसका पति और बेटी, सभी पेशे से वकील हैं और कानून के अच्छे जानकार हैं। अगर कोई उकसावे की बात होती, तो वे तुरंत सुसाइड नोट पेश कर देते। इसके बजाय, कई दिनों बाद इसका मिलना—जब पुलिस ने शुरुआत में उकसावे का मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया—इसकी प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह पैदा करता है। ऐसा लगता है कि यह नोट बाद में लिखा गया है और आवेदक को झूठे मामले में फँसाने के लिए गढ़ा गया है,” याचिका में तर्क दिया गया है।
आवेदन में आगे बताया गया है कि 28 अगस्त की घटना के बाद, परिवार द्वारा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों के बावजूद, शुरुआत में कोई भी आत्महत्या का मामला दर्ज नहीं किया गया था। कथित सुसाइड नोट 1 सितंबर को मिला था, जब मृतका का “खोया हुआ मोबाइल” और सीसीटीवी फुटेज में उसे डायरी में लिखते हुए दिखाया गया था।
याचिकाओं का विरोध करते हुए, सरिता के पति, एडवोकेट पुरुषोत्तम खानचंदानी ने आरोप लगाया कि बोडारे और अन्य ने संपत्ति विवाद को लेकर सरिता को कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से परेशान किया है। उन्होंने दावा किया कि बोडारे ने कथित तौर पर सरकारी ज़मीन पर अवैध अतिक्रमण किया, एक अनधिकृत शिवसेना शाखा बनाई और सरिता की संपत्ति के एक हिस्से पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।
आपत्ति में कहा गया है, “आरोपियों ने जानबूझकर डर और दबाव का माहौल बनाया और सरिता को यह कदम उठाने के लिए उकसाया। उन्होंने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल किया और एफआईआर वापस लेने के लिए दबाव बनाने हेतु अत्याचार अधिनियम के तहत झूठे मामले भी दर्ज कराए। उन्होंने अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए भी सरिता को बदनाम किया।”
पति ने आगे आरोप लगाया कि बोडारे ने सह-आरोपी उल्हास फाल्के को अनधिकृत शाखा का शाखा प्रमुख नियुक्त करके पुरस्कृत किया और सरिता को डराने के लिए धमकियों और उपद्रव का इस्तेमाल किया। जवाब में बोडारे की दंगा, भूमि अतिक्रमण, आपराधिक धमकी और जल प्रदूषण अधिनियम के उल्लंघन में कथित संलिप्तता का भी हवाला दिया गया है।
पति ने ज़ोर देकर कहा कि प्रभावी जाँच के लिए अभियुक्तों से हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है, क्योंकि उनके पास महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अग्रिम ज़मानत देने से उन्हें सबूतों से छेड़छाड़ करने, गवाहों को प्रभावित करने और जाँच को पटरी से उतारने का मौका मिल सकता है।
जवाब में कहा गया है, “बोडारे इस अपराध के मास्टरमाइंडों में से एक है और एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार है।”
एक अन्य आरोपी राज चंदवानी ने भी अग्रिम ज़मानत की माँग करते हुए तर्क दिया कि प्राथमिकी में उनकी कोई विशिष्ट भूमिका नहीं बताई गई है और उनकी गिरफ्तारी से उनके परिवार को परेशानी होगी। खानचंदानी ने उनकी याचिका का भी विरोध किया।
अदालत ने अग्रिम जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अपराध
चिकबल्लापुर के रेजिडेंशियल स्कूल में 15 साल की छात्रा का यौन उत्पीड़न, प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज

कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में सरकारी मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के 9वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा के साथ स्कूल के प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया।
शिडलघट्टा तालुका के गोरलुम्मनहल्ली गांव में स्थित स्कूल में हुई कथित घटना के सिलसिले में प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
छात्रा के बयान के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे स्कूल के मेडिसिन रूम में हुई थी।
छात्रा ने बताया कि वह छठी कक्षा के एक बीमार छात्र को दवा देने गई थी, तभी प्रिंसिपल ने उसे कमरे में बुलाया, गलत व्यवहार किया और यौन उत्पीड़न किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी थी।
खबरों के मुताबिक, छात्रा ने अपने सहपाठियों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद यह जानकारी शिक्षकों और उसके माता-पिता तक पहुंची।
एफआईआर के अनुसार, छात्रा के माता-पिता 27 सितंबर को स्कूल गए, घटना के बारे में पता चला और फिर वे पुलिस के पास गए। 28 सितंबर को चिक्कबल्लापुर में बाल कल्याण अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रा का बयान दर्ज किया गया।
शिडलघट्टा तालुक की डिब्बुराहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कथित यौन उत्पीड़न की जांच शुरू कर दी है।
अपनी शिकायत में 15 साल की पीड़िता ने कहा, “मैं मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा हूं। मैं स्कूल में पढ़ने वाले 250 छात्रों में से एक हूं। स्कूल के प्रिंसिपल ने शनिवार (26 सितंबर) को और इस सप्ताह भी मेरे साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने मुझे किस किया, मेरी कमर पर हाथ रखा और मुझे गलत तरीके से छुआ। उन्होंने मेरा मुंह भी बंद कर दिया था।”
उसने बताया, “ये यादें मेरे दिमाग में छप गई हैं। ऐसी स्थिति में, किसी को भी उस अनुभव से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे मैं गुजरी हूं। किसी के साथ भी वह अन्याय नहीं होना चाहिए जिसका मैंने सामना किया। कृपया मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।” इस मामले में और जानकारी अभी आनी बाकी है।
अपराध
गुजरात में 3,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त

गुजरात में नशे के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। दोनों एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर अरब सागर में एक नाव से करीब 3,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की है।
इस कार्रवाई में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। नाव से कुल 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
अरब सागर में भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने संयुक्त अभियान चलाकर ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों एजेंसियों ने समुद्र में संदिग्ध नाव को रोका। तलाशी के दौरान नाव से 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई में नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे भारत में कहां पहुंचाया जाना था।
इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के बाद ही ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकेगी।
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