राष्ट्रीय
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने अदाणी पोर्ट्स, अदाणी ग्रीन और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को दी मजबूत रेटिंग
अहमदाबाद, 30 जनवरी : जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआरए) ने शुक्रवार को अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों- अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (एपीएसईजेड), अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को स्टेबल आउटलुक के साथ लंबी अवधि की फॉरेन करेंसी क्रेडिट रेटिंग्स प्रदान की हैं।
दिग्गज जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने एपीएसईजेड को ए- (स्टेबल) रेटिंग दी है। वहीं, इसके अलावा, एजीईएल और एईएसएल दोनों को बीबीबी+ (स्थिर) रेटिंग दी गई है। ये रेटिंग भारत की सॉवेरन रेटिंग बीबीबी+ के बराबर हैं।
अदाणी ग्रुप के ग्रुप सीएफओ जुगेशिंदर सिंह ने कहा,”ये महत्वपूर्ण रेटिंग्स अदाणी समूह की अनुशासित वित्तीय प्रबंधन, मजबूत बैलेंस शीट आधार और हमारे विविध बुनियादी ढांचे में विश्व स्तरीय निष्पादन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”
सिंह ने आगे कहा,”ये हमारे व्यापारिक मॉडल की गहराई और मजबूती की पुष्टि करते हैं और वैश्विक ऋणदाताओं, संस्थागत निवेशकों और पूंजी बाजारों द्वारा हमारी दीर्घकालिक रणनीति में रखे गए विश्वास को दर्शाते हैं। यह समर्थन भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण में एक अग्रणी भागीदार के रूप में हमारी स्थिति को और मजबूत करता है और सतत, उच्च-गुणवत्ता वाली वृद्धि प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।”
अदाणी पोर्ट्स की मजबूत रेटिंग इसकी मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल, विविध परिसंपत्ति आधार और मजबूत नकदी प्रवाह सृजन क्षमता की पुष्टि करती है और इसे एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी से सॉवेरन (देश की रेटिंग) से ऊपर की रेटिंग प्राप्त करने वाली चुनिंदा भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के समूह में शामिल करती है।
ये रेटिंग भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफार्मों के जेसीआरए द्वारा इन स्तरों पर मूल्यांकन किए जाने के पहले उदाहरणों में से एक है, जो वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के साथ अदाणी समूह की बढ़ती भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट मानकों के साथ इसके बढ़ते तालमेल को दिखाती है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि एपीएसईजेड की साख उसके सहायक समूह के बराबर है, और इसकी बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं, लगातार मजबूत लाभ, स्थिर दीर्घकालिक नकदी प्रवाह और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन का हवाला देते हुए कहा कि यह कंपनी को भारत की संप्रभु विदेशी मुद्रा रेटिंग से ऊपर रखती है।
राष्ट्रीय
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: सीएम स्टालिन ने दी श्रद्धांजलि, अस्पृश्यता उन्मूलन की शपथ दिलाई

चेन्नई, 30 जनवरी : महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई में श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह कार्यक्रम चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी संग्रहालय में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और तमिलनाडु सरकार की ओर से उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर उदयनिधि स्टालिन और अन्य राज्य मंत्री भी मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री स्टालिन ने अस्पृश्यता उन्मूलन की शपथ दिलाई। सभी मौजूद लोगों ने इस शपथ को दोहराया, जिसमें अस्पृश्यता को खत्म करने, समानता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई। महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए स्टालिन ने कहा कि बापू का सपना था एक ऐसा समाज जहां कोई भेदभाव न हो और हर व्यक्ति सम्मान से जी सके। तमिलनाडु सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
बता दें कि 30 जनवरी को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1948 में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। तमिलनाडु में यह दिन गांधीजी के सिद्धांतों को याद करने और उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर बनता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे गांधीजी के अहिंसा, सत्य और समानता के मार्ग पर चलें तथा समाज में फैले किसी भी प्रकार के भेदभाव को दूर करने में योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और कई लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। यह आयोजन गांधीजी के प्रति राज्य सरकार की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने संदेश में कहा कि गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हें अपनाकर ही हम एक मजबूत और एकजुट भारत बना सकते हैं।
राजनीति
यूजीसी के नाम पर कुछ लोग फैला रहे हैं गलत खबर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत: गिरिराज सिंह

पटना, 30 जनवरी : यूजीसी पर राजनीति धमने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग देश में गलतफहमी फैला रहे हैं, इससे कुछ होने वाला नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए यूजीसी नियमों पर रोक लगाने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं और उसके फैसले का स्वागत करते हैं। कुछ लोगों ने गंदी राजनीति शुरू कर दी थी। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। सबका साथ, सबका विकास सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि एक अमल है। हम ये मानते हैं कि अगर दाहिने हाथ में दर्द हो तो भी शरीर को कष्ट, बाएं हाथ में हो तो भी शरीर को कष्ट।”
उन्होंने कहा कि यूजीसी पर मैं तीन बातें कहना चाहूंगा। जब शेड्यूल कास्ट के लोगों के प्रमोशन का कोर्ट का मामला था, उसको उन्होंने संसद से व्यवहारिकता में लाया। ओबीसी के मान्यता कमीशन को कानूनी मान्यता देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उसी तरह से जो सवर्ण के गरीब तबके के लोग थे, उनको भी दस प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया। उसमें सभी लोग आते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी देश हित में काम करते हैं और मोदी ने वो सारे काम किए हैं जो देश के हित में होने चाहिए। इसलिए कुछ लोगों को परेशानी हो रही है और ये लोग राजनीति कर रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद देता हूं। इन लोगों ने देश के विकास के लिए काफी काम किए हैं और आगे भी कर रहे हैं।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की सोच जब पूरा देश देख चुका है। आज पूरा महाराष्ट्र अजित पवार के शोक में डूबा हुआ है और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस पर भी राजनीति कर रही है। ये एक हादसा है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ममता बनर्जी की सोच समाज को बांटने वाली है और ममता बनर्जी की सोच वोट परस्त राजनीति करना है।
राष्ट्रीय
गुरु रविदास जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग, सांसद चरणजीत चन्नी ने स्पीकर को लिखा पत्र

चंडीगढ़, 29 जनवरी : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से एक अहम मांग की है। उन्होंने कहा है कि 1 फरवरी 2026 को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर चन्नी ने लोकसभा स्पीकर को एक औपचारिक पत्र भी लिखा है।
चन्नी का कहना है कि श्री गुरु रविदास जी सिर्फ एक संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देते हैं। ऐसे में उनके प्रकाश पर्व पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि उस दिन संसद के कामकाज में बदलाव किया जाए।
सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पत्र में लिखा, “मैं सम्मानपूर्वक निवेदन करता हूं कि 1 फरवरी 2026 को पूजनीय संत, दार्शनिक और समाज सुधारक श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र जयंती है, जिनकी समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं भारत के सभ्यतागत और संवैधानिक मूल्यों का एक अभिन्न अंग हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “गुरु रविदास जी महाराज का पूरे भारत में बहुत सम्मान किया जाता है, और उनकी जयंती कई राज्यों में, खासकर सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में बहुत श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर लाखों भक्त धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।”
चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि यह दिन वैसे तो प्रतिबंधित छुट्टी के रूप में अधिसूचित है और रविवार को भी पड़ रहा है। हालांकि, 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश किया जाना है, जिसके लिए संसद सदस्यों को सदन में उपस्थित होना होगा, जिससे वे इस राष्ट्रीय महत्व के अवसर में भाग नहीं ले पाएंगे।
उन्होंने कहा, “पूरे भारत में सम्मान, गुरु रविदास जी महाराज की सामाजिक और आध्यात्मिक विरासत, और लाखों अनुयायियों की भावनाओं को देखते हुए, मैं सरकार से सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि 1 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, और तदनुसार संसदीय कामकाज में आवश्यक समायोजन किया जाए।”
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