अंतरराष्ट्रीय
जैक डोर्सी की फर्म स्क्वायर ने अपना नाम बदलकर ब्लॉक कर दिया
जैक डोर्सी की वित्तीय सेवा कंपनी स्क्वायर ने 10 दिसंबर से अपना नाम बदलकर ब्लॉक करने की घोषणा की है, क्योंकि पूर्व ट्विटर सीईओ ने ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। स्क्वायर के संस्थापक डोरसी, जो बिटकॉइन के कट्टर समर्थक हैं, उन्होंने ट्विटर के सीईओ के रूप में पद छोड़ने के बाद यह घोषणा की।
उन्होंने बुधवार देर रात एक बयान में कहा, “ब्लॉक एक नया नाम है, लेकिन आर्थिक सशक्तिकरण का हमारा उद्देश्य वही है। हम जैसे भी बढ़े या बदलें, हम अर्थव्यवस्था तक पहुंच बढ़ाने में मदद करने के लिए उपकरणों का निर्माण जारी रखेंगे।”
2009 में अपनी शुरुआत के बाद से, कंपनी ने कैश ऐप, टीआईडीएएल और टीबीडी54566975 को व्यवसायों के रूप में जोड़ा है और नाम परिवर्तन आगे के विकास के लिए जगह बनाता है।
स्क्वायर विक्रेताओं को वाणिज्य समाधान, व्यापार सॉफ्टवेयर और बैंकिंग सेवाओं के अपने एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र के साथ अपने व्यवसाय चलाने और विकसित करने में मदद करता है।
कैश ऐप के साथ, कोई भी आसानी से स्टॉक या बिटकॉइन में अपना पैसा भेज, खर्च या निवेश कर सकता है।
स्क्वायर इस साल रीब्रांड करने वाली पहली बड़ी टेक कंपनी नहीं है।
फेसबुक ने अपनी कॉर्पोरेट ब्रांडिंग को एक महीने पहले ही मेटा में बदल दिया है।
राष्ट्रीय
भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा : आरबीआई

नई दिल्ली, 22 जनवरी: वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव के बीच भारत की जीडीपी मजबूत बनी हुई है और यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से दी गई।
आरबीआई ने कहा कि देश ने बाहरी जोखिम को कम करने के लिए पिछले कुछ समय में तेजी से निर्यात का विविधीकरण किया है।
केंद्रीय बैंक ने मासिक बुलेटिन में कहा, ” वर्तमान में देश यूरोपीय संघ, खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित लगभग 50 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 14 देशों या समूहों के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है।”
आरबीआई ने बुलेटिन में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान दिखाते हैं कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
दिसंबर के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स विकास की गति में निरंतर तेजी का संकेत देते हैं, साथ ही मांग की स्थिति भी सकारात्मक बनी हुई है।
आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, “दिसंबर में महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन यह निर्धारित सीमा से नीचे रही। पिछले एक वर्ष में वाणिज्यिक क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों का प्रवाह बढ़ा है, जिसमें गैर-बैंक और बैंक दोनों स्रोतों का योगदान रहा है।”
दिसंबर में भारत ने न्यूजीलैंड और ओमान के साथ व्यापार वार्ता संपन्न की। वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार भी हुए, जिनमें कर संरचनाओं का युक्तिकरण, श्रम बाजार सुधारों के लिए श्रम संहिता का कार्यान्वयन और वित्तीय क्षेत्र का उदारीकरण शामिल है। इन सभी से विकास की संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारतीय रिजर्व बैंक की ‘भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति पर रिपोर्ट 2024-25’ में बताया गया कि मजबूत पूंजी भंडार, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और अच्छे मुनाफे के चलते भारत का बैकिंग सिस्टम मजबूत बना हुआ है।
आरबीआई ने कहा, “आगे चलकर, नवाचार और स्थिरता, उपभोक्ता संरक्षण और विनियमन एवं पर्यवेक्षण के प्रति विवेकपूर्ण दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित नीति उत्पादकता बढ़ाने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देने में सहायक सिद्ध होगी।”
राष्ट्रीय
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, सेंसेक्स 150 अंक नीचे

मुंबई, 21 जनवरी : कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले बंद से गिरावट के साथ सपाट खुले। इस दौरान निफ्टी के अधिकतर इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए।
शुरुआती कारोबार में खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.22 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 167.99 अंक या 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,012.48 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 24.35 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,208.15 पर था।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, इसके बाद निफ्टी मेटल इंडेक्स (0.3 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.2 प्रतिशत) और निफ्टी एफएमसीजी (0.16 प्रतिशत) में भी बढ़त देखी गई।
वहीं दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, एचसीएल टेक, ट्रेंट, इंफोसिस, एल एंड टी और टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं दूसरी ओर इटरनल, इंडिगो, सन फार्मा, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, एचयूएल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
वहीं मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि मंगलवार को आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है और बढ़ते उतार-चढ़ाव के बीच बाजार को पास के स्तरों पर मजबूत सहारा नहीं मिल पा रहा है।
एक्सपर्ट ने कहा कि तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए अब 25,350 से 25,400 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इस दायरे के नीचे बना रहता है, तो तेजी की कोशिशें सीमित रह सकती हैं। वहीं नीचे की तरफ 25,050-25,100 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यह सपोर्ट टूटता है, तो निफ्टी में और गिरावट आ सकती है और यह 24,900-24,800 तक फिसल सकता है।
इसके साथ ही एक्सपर्ट ने बताया कि निवेशकों की धारणा पर फंड फ्लो का असर लगातार बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) कुछ हद तक खरीदारी कर गिरावट को थामने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच इंडिया वीआईएक्स में तेजी देखी गई है, जो यह संकेत देती है कि बाजार में आगे भी ज्यादा उतार-चढ़ाव रह सकता है।
ऐसे में ट्रेडर्स के लिए जरूरी है कि वे सतर्क रहें और जोखिम प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान दें। निवेशक प्रमुख सपोर्ट स्तरों के आसपास बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करने के बाद ही नया निवेश करने पर विचार करें।
व्यापार
बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल, बनाया एक और नया रिकॉर्ड

मुंबई, 20 जनवरी : बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सोने और चांदी ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में एक और नया रिकॉर्ड बना लिया है।
एमसीएक्स पर कीमती धातुओं की कीमतें पिछले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। गोल्ड फरवरी वायदा 1,47,996 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,19,949 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना जहां रिकॉर्ड 1,45,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सिल्वर की कीमत 94.320 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। तो वहीं गोल्ड 4,708.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले के सत्र में सोने ने 4,689.39 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों और टैरिफ की धमकियों से वैश्विक तनाव बढ़ गया है, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन विकल्पों की ओर रुख किया।
खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.55 प्रतिशत यानी 2,255 रुपए की तेजी के साथ 1,47,894 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 7,279 रुपए यानी 2.35 प्रतिशत की उछाल के साथ 3,17,554 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी।
यह तेजी उस समय आई थी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया।
कीमती धातुओं में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दोहराया कि यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी पर वे अमल करेंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वे यूरोपीय संघ के ‘एंटी-कोएरशन’ तंत्र को लागू करने की मांग करेंगे। वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संयम बरतने की अपील की। इसके अलावा, डेनमार्क द्वारा ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के फैसले से भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।
बाजार इस बात पर भी नजर रखे हुए हैं कि कहीं ट्रंप प्रशासन अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के खिलाफ कोई कदम तो नहीं उठाएगा। इससे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका फायदा भी कीमती धातुओं को मिल रहा है।
इसके साथ ही, अमेरिका में आगे और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दे रही हैं। साल 2025 में भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से इन धातुओं को काफी सपोर्ट मिला था।
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में आई यह तेजी सुरक्षित निवेश के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग को भी दिखाती है। चांदी का उपयोग सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।
विश्लेषकों ने कहा कि तकनीकी रूप से कॉमेक्स पर चांदी का रुख अभी मजबूत बना हुआ है। 85 से 88 डॉलर प्रति औंस का स्तर आने वाले समय में कीमतों को सहारा दे सकता है।
ऑगमोंट की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है और चांदी 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपए प्रति किलो तक आ सकती है, इसके बाद फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बहुत तेज बढ़त के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, लेकिन उनका मानना है कि आपूर्ति की चिंताओं और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण लंबे समय में सोने और चांदी का रुझान मजबूत बना रहेगा।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
