राष्ट्रीय
7 सितंबर को लगेगा. साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, इन राशि वालों को रहना होगा सतर्क
नई दिल्ली, 6 सितंबर। इस साल का दूसरा और आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को है। जब धरती सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चांद पर डालती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह खगोलीय घटना न सिर्फ वैज्ञानिकों के लिए खास है, बल्कि धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस बार का चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा और 8 सितंबर की रात 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्रमा पूरी तरह धरती की छाया में डूब जाएगा, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चंद्रमा उस समय हल्के लाल रंग का दिखता है। यह पूरा ग्रहण लगभग 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगा और भारत के सभी हिस्सों में आसानी से दिखाई देगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय सूतक काल लगता है, जिसे अशुभ काल कहा जाता है। इस बार सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा, जो ग्रहण मोक्ष यानी समाप्ति के समय रात 1:26 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। पूजा-पाठ, भोजन बनाना, या खाना खाना मना होता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे कि नुकीली चीजों से दूर रहना और बाहर न निकलना। इस समय केवल भगवान का नाम जपना, मंत्र जाप करना और ध्यान लगाना ही शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान मंत्रों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
ज्योतिष के मुताबिक, यह चंद्र ग्रहण भी बेहद खास है क्योंकि यह शनि की राशि कुंभ और गुरु के नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में लग रहा है। साथ ही राहु चंद्रमा के साथ युति बना रहा है, जिससे ग्रहण योग बनता है। यह योग कुछ राशियों के लिए थोड़ी मुश्किलें लेकर आ सकता है। वृषभ, तुला और कुंभ राशि वाले लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है। वृषभ राशि वालों को स्वास्थ्य और व्यापार में परेशानी हो सकती है, तुला राशि के लोगों को मानसिक तनाव और धन के मामलों में नुकसान झेलना पड़ सकता है, जबकि कुंभ राशि में तो ग्रहण लग ही रहा है, इसलिए उनके लिए यह समय काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
इन समस्याओं के समाधान के तौर पर वृषभ राशि के लोग सफेद वस्त्र पहनें और दूध का दान करें। तुला राशि के लोग देवी लक्ष्मी की पूजा करें और वस्त्र दान करें, और कुंभ राशि के जातक महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद हर व्यक्ति को स्नान करके साफ वस्त्र पहनने चाहिए, भगवान को भोग लगाना चाहिए, और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। इससे मन को शांति और जीवन में शुभ ऊर्जा मिलती है।
राष्ट्रीय
क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।
अपराध
बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”
जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।
थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
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