अपराध
अपनी बेगुनाही साबित करने में व्यक्ति को लगे 24 साल
उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए तीन महीने की जेल की कैद के साथ अदालती लड़ाई में 24 साल लग गए। अब उस व्यक्ति राम रतन की उम्र 65 साल है। आखिरकार मुजफ्फरनगर की एक लोकल कोर्ट ने उन्हें पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कोई सबूत पेश करने में विफल रहने पर बरी कर दिया।
करीब 24 साल पहले उन पर एक अवैध बन्दूक रखने को लेकर मामला दर्ज किया गया था। इसके लिए वह तीन महीने जेल में भी काट चुके हैं।
उनके परिवार ने दावा किया कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे थे और उन्हें पंचायत चुनावों के दौरान चुनावी दुश्मनी के कारण फंसाया गया था।
उनके वकील धरम सिंह गुज्जर ने कहा, “राम रतन को पिछले 24 सालों के दौरान 500 से अधिक तारीखों पर अदालत में उपस्थित होना पड़ा। उन्हें बहुत मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।”
मुज़फ्फरनगर के रोहाना खुर्द गांव के निवासी राम रतन को 1996 में शहर कोतवाली थाने की एक पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके कब्जे से दो गोलियों के साथ एक देसी पिस्तौल बरामद की गई है।
उन पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। तीन महीने जेल में बिताने के बाद उन्हें जमानत दे दी गई।
साल 2006 में लोकल कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय किए और पुलिस को सबूत और बरामद हथियार पेश करने को कहा।
वहीं सबूत के लिए 14 साल के इंतजार के बाद सीजेएम कोर्ट ने राम रतन को बरी कर दिया, क्योंकि इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
उनके वकील ने कहा, “कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को सबूत देने के लिए कहा और उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन वे मेरे मुवक्किल के खिलाफ कोई सबूत पेश करने में विफल रहे। सबूतों की कमी के कारण अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।”
राम रतन ने संवाददाताओं से कहा, “जब उन्होंने मुझे गिरफ्तार किया और आरोप लगाया, तब मैं 41 साल का था। यह वास्तव में लंबे समय की तरह लगता है। मैं आखिरकार राहत की सांस ले सकता हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि मैंने जो यातना और उत्पीड़न इतने सालों तक सहा, उसके लिए मुझे कौन मुआवजा देगा।”
अपराध
मुंबई में बिल को लेकर बवाल, ग्राहक ने दांतों से काटकर अलग कर दी दुकानदार की अंगुली

CRIME
मुंबई, 31 मार्च : मुंबई के मलाड पूर्व इलाके में एक मामूली बिल विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। सहारा वडापाव की दुकान पर समोसा-कटलेट खाने आए एक ग्राहक ने दुकान मालिक की अंगुली ही अपने दांत से काटकर अलग कर दी।
दरअसल, ग्राहक समोसा-कटलेट खाने आया था। उसने खाने के बाद पैसे भी दे दिए, लेकिन इसी दौरान दुकान मालिक के बेटे से बिल को लेकर बहस शुरू हो गई। इस दौरान दुकानदार रंजीत हरिवंश सिंह बीच बचाव के लिए आया, जिससे ग्राहक और गुस्सा हो गया और उसने दुकानदार की अंगुली ही काट दी। इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम करीब 8:30 बजे शिवाजी चौक के पास हुई। रंजीत हरिवंश सिंह के अनुसार, ग्राहक ने समोसा-कटलेट खाने के बाद ऑनलाइन पेमेंट कर दिया था, लेकिन जब उनके बेटे आर्यन ने पैसे की पुष्टि मांगी, तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। माहौल बिगड़ते देख रंजीत ने उसे शांत रहने और जाने को कहा, लेकिन आरोपी का गुस्सा और बढ़ गया।
अचानक उसने रंजीत पर हमला कर दिया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आरोपी ने रंजीत के दाहिने हाथ की बीच वाली अंगुली को अपने मुंह में दबाकर जोर से काट दिया, जिससे अंगुली का अगला हिस्सा अलग हो गया। इतना ही नहीं, उसने बाएं हाथ की दो उंगलियों को भी काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
दुकान पर मौजूद कर्मचारी और रंजीत के बेटे ने किसी तरह आरोपी को काबू में किया। खून से लथपथ रंजीत को तुरंत परेल के केईएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान लक्ष्मीधर मंगल मलिक के रूप में की है। उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अपराध
मुंबई के होटल में बीसीसीआई के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

मुंबई, 31 मार्च : मुंबई के ट्राइडेंट होटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब आईपीएल मैच देखने आए एक विदेशी मेहमान का शव उसके कमरे से बरामद हुआ। मृतक की पहचान ब्रिटिश नागरिक यान विलियम्स लेग्नफोर्ड के रूप में हुई है, जो बीसीसीआई के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे।
यान 24 मार्च से ट्राइडेंट होटल में ठहरे हुए थे और आईपीएल मैचों के प्रसारण से जुड़े काम के सिलसिले में मुंबई आए थे। 29 मार्च को मैच खत्म होने के बाद वह अपने होटल के कमरे में लौटे थे। इसके बाद 30 मार्च को होटल स्टाफ ने जब उनके कमरे से संपर्क करने की कोशिश की, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
शक होने पर होटल के कर्मचारियों ने मास्टर चाबी की मदद से कमरे का दरवाजा खोला। अंदर पहुंचने पर उन्होंने यान को फर्श पर पड़ा हुआ पाया। इस घटना की सूचना तुरंत होटल प्रशासन को दी गई, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इस संबंध में एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या बाहरी चोट के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। होटल स्टाफ और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि घटना के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
इस घटना के बाद होटल में ठहरे अन्य मेहमानों और स्टाफ के बीच चिंता का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों का खुलासा हो सके।
अपराध
मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

gas
मुंबई, 28 मार्च : ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध के बाद से अचानक गैस सिलेंडरों के लिए मारामारी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट से जुड़ी चिंताओं के बीच कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में चोर डिलीवरी वाहन का ताला तोड़कर 27 सिलेंडर ले गए।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना 25 और 26 मार्च की दरमियानी रात को हुई। आरोपियों ने गैस वितरण के लिए इस्तेमाल होने वाले एक टैंपो को निशाना बनाया और 27 सिलेंडर लेकर फरार हो गए। इनमें पांच भरे हुए और 22 खाली सिलेंडर थे।
मुंबई पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ चारकोप पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
मलाड पश्चिम के जय जनता नगर के निवासी शिकायतकर्ता नंदकुमार रामराज सोनी (35) पिछले सात वर्षों से चारकोप में श्रीजी गैस सर्विस के साथ डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
वह टैंपो का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर पहुंचाता है। 25 मार्च को नंदकुमार ने अपनी रोजाना की डिलीवरी का काम पूरा किया और फिर रात करीब 11 बजे घर लौटने से पहले टैंपो को चारकोप इलाके में खड़ा कर दिया। वाहन में अगले दिन वितरण के लिए रखे गए सिलेंडर लदे हुए थे।
जब वह 26 मार्च को सुबह करीब 8 बजे उसी जगह पर वापस आए, तो उन्होंने पाया कि वाहन के साथ छेड़छाड़ की गई है। टैंपो की खिड़की का शीशा टूटा हुआ था और पीछे का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर नंदकुमार ने पाया कि सभी सिलेंडर चोरी हो चुके थे। चोरी हुए सिलेंडरों की कुल कीमत लगभग 15,500 रुपये आंकी गई है।
शुरुआत में नंदकुमार ने अपने सहकर्मियों से संपर्क करके यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या सिलेंडरों को किसी और जगह ले जाया गया है, लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति वाहनों के साथ नजर आए हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
जांचकर्ता चोरी हुए सिलेंडरों का पता लगाने के लिए स्क्रैप बाजारों और अवैध गैस व्यापार नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रहे हैं।
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