अंतरराष्ट्रीय
आईपीएल 2022 : लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंजाब किंग्स को 20 रन से हराया
मोहसिन खान (3/24) और क्रुणाल पांड्या (2/11) की शानदार गेंदबाजी के कारण यहां महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए आईपीएल 2022 के मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को 20 रन से हरा दिया। एलएसजी ने 20 ओवरों में आठ विकेट खोकर 153 रन बनाए थे। पंजाब की ओर से बेयरस्टो (32) और मयंक अग्रवाल (25) ने सबसे ज्यादा रन बनाए। लखनऊ की ओर से शानदार गेंदबाजी करने के लिए क्रुणाल पांड्या को ‘मैन ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।
एलएसजी द्वारा दिए गए जीत के लिए 154 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की शुरुआत धीमी रही। सलामी जोड़ी के रूप में शिखर धवन और मयंक अग्रवाल ने पारी की शुरुआत की।
दुश्मंता चमीरा ने अपने ओवर में पंजाब को पहला झटका दिया। उन्होंने कप्तान मयंक अग्रवाल (25) को केएल राहुल के हाथों कैच कराया। उनके बाद जॉनी बेयरस्टो क्रीज पर आए। वहीं, टीम ने पॉवरप्ले में एक विकेट खोकर 46 रन बनाए।
वहीं, दूसरे गेंदबाज रवि बिश्नोई ने पंजाब को दूसरा झटका शिखर धवन के रूप में दिया। बिश्नोई ने अपने पहले ओवर की तीसरी ही गेंद पर बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड कर दिया। धवन ने 15 गेंदों में सिर्फ छह रन बनाए। उनके बाद भानुका राजपक्षा क्रीज पर आए।
वहीं, मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम लड़खड़ाती दिख रही थी क्योंकि ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या ने अपने ओवर में राजपक्षा को वापस पवेलियन भेजा। बल्लेबाज ने सात गेंदों में नौ रन बनाए। उनके बाद लिविंगस्टोन क्रीज पर आए।
रवि बिश्नोई का तीसरा ओवर बेहद महंगा साबित रहा क्योंकि लिविंगस्टोन ने उनके ओवर में लगातार दो छक्के लगाए। उसके बाद गेंदबाज मोहसिन खान ने बल्लेबाज लिविंगस्टोन (18) को अपने अपने तीसरे ओवर की पहली गेंद पर चलता किया। हालांकि, बेयरस्टो क्रीज पर मौजूद थे।
क्रुणाल पांड्या ने एक बार फिर शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने आखिरी ओवर में जितेश शर्मा को आउट किया। साथ ही ओवर में एक भी रन नहीं दिए। 14वें ओवर के बाद पंजाब पांच विकेट खो चुकी थी और 92 रन बना लिए थे।
चमीरा ने पंजाब को बड़ा झटका दिया। उन्होंने शुरुआत से क्रीज पर टिके घाटक बल्लेबाज बेयरस्टो को आउट किया। इस दौरान बल्लेबाज आउट होने से पहले 28 गेंदों में 32 रन ही बना पाए।
उसके बाद मोहसिन खान ने अपने आखिरी ओवर में दो विकेट झटके। उन्होंने सबसे पहले रबाडा को बदोनी के हाथों कैच कराया और फिर आखिरी गेंद पर राहुल चाहर को चलता किया। 18वें ओवर पर पंजाब का स्कोर आठ विकेट पर 117 पर था। उनके बाद ऋषि धवन और अर्शदीप सिंह क्रीज पर आए। बेयर स्टो के आउट होने के बाद पंजाब ने मैच को गंवा दिया था।
आखिरी ओवर में टीम को 31 रन की जरूरत थी। इस दौरान धवन ने पहली गेंद पर छक्का और दूसरी गेंद पर चौका जड़ा, लेकिन 21 रन बनाने में कामयाब नहीं हो पाए और मैच को लखनऊ ने 20 रन से अपने नाम कर लिया। लखनऊ ने पंजाब को जीत के लिए आसान सा लक्ष्य दिया था, लेकिन एलएसजी के गेंदबाजों ने पंजाब के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और एक के बाद एक विकेट झटकते चले गए। पंजाब ने 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 133 रन बनाए।
गेंदबाज मोहसिन खान ने 3, चमिरा और क्रुणाल पांड्या ने 2-2 और रवि बिश्नोई ने एक विकेट झटका।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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