अंतरराष्ट्रीय समाचार
सऊदी अरब के साथ संबंध मजबूत करने में भारतीय कामगारों की अहम भूमिका: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को भारत और सऊदी अरब के बीच संबंधों को मजबूत करने में भारतीय कामगारों की भूमिका की सराहना की।
सिंह ने सऊदी अरब में अल फनार कंपनी के लेबर कैंप में भारतीय कामगारों से मुलाकात के बाद यह बयान दिया और विदेशों में रहने वाले भारतीयों, खासकर कामगारों के कल्याण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अल फनार कंपनी के लेबर कैंप में भारतीय कामगारों से मिलकर खुशी हुई। हमारे कामगार सऊदी अरब के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीयों, खासकर भारतीय कामगारों का कल्याण भारत सरकार की प्राथमिकता है।”
कीर्ति वर्धन सिंह सऊदी अरब की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह उनकी सऊदी अरब की पहली आधिकारिक यात्रा है।
रविवार को सिंह ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री और जलवायु दूत आदेल अल-जुबेर से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की “बेहतरीन” स्थिति की समीक्षा की।
बैठक के बाद, राज्य मंत्री सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा: “सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री और जलवायु दूत आदेल अल-जुबेर के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई। भारत-सऊदी द्विपक्षीय संबंधों की बेहतरीन स्थिति की समीक्षा की और जलवायु कार्रवाई पर सहयोग पर चर्चा की।”
राज्य मंत्री सिंह ने सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अल-राजही से भी मुलाकात की और श्रम और जनशक्ति क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “श्रम और जनशक्ति क्षेत्र में भारत-सऊदी अरब सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाता है। निमंत्रण और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए अहमद बिन सुलेमान अल-राजही का आभारी हूं।”
विदेश मंत्रालय (एम ई ए) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान वह सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि उप मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे।
बयान में कहा गया है, “यह यात्रा दोनों पक्षों को मानव संसाधन, कौशल विकास, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय मामलों के क्षेत्रों में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा करने और भारत और सऊदी अरब के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
मियामी एयरपोर्ट पर अमेज़न का कार्गो प्लेन क्रैश, 5 लोगों की मौत

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेज़न का एक कार्गो प्लेन रनवे से आगे निकलकर क्रैश हो गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। मियामी-डेड काउंटी की शेरिफ रोजी कॉर्डेरो-स्टुट्ज़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह हादसा रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:58 बजे (1758 जीएमटी) हुआ। मियामी-डेड काउंटी की मेयर डेनिएला लेविन कावा के अनुसार, घायल हुए पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वीडियो फुटेज में विमान से घना धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मियामी-डेड फायर रेस्क्यू ने ‘X’ पर बताया कि 60 से ज़्यादा यूनिट और लगभग 200 फायरफाइटर्स मौके पर पहुंचे।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने एक बयान में कहा कि एयर फ्लाइट 7598 रविवार को पूर्वी समयानुसार दोपहर 2 बजे (1800 जीएमटी) एयरपोर्ट पर उतरने के बाद रनवे से आगे निकल गई।
एजेंसी ने बताया कि बोइंग 767-300 कार्गो प्लेन ने प्यूर्टो रिको के सैन जुआन में लुइस मुनोज़ मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
एफएए के बयान में अमेज़न की प्रवक्ता केली नेंटेल ने कहा कि विमान के साथ “उतरने की कोशिश के दौरान एक घटना हुई।” उन्होंने कहा, “यह तेज़ी से बदलती स्थिति है और हम अभी भी जानकारी जुटा रहे हैं।”
इससे पहले शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के फ्रेस्नो शहर में एक छोटा विमान क्रैश हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
फ्रेस्नो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बचाव दल को “सैन जोकिन नदी के किनारे एक ऊंची जगह (ब्लफ) पर आग की लपटों में घिरा एक फिक्स्ड-विंग सिंगल-इंजन विमान मिला।” बयान में कहा गया, “फायरफाइटर्स आग बुझाने और उसे आस-पास के घरों तक फैलने से रोकने में कामयाब रहे।”
विमान में चार लोग सवार थे। बयान के अनुसार, दो बच्चों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया और गंभीर हालत में दो वयस्कों को अस्पताल ले जाया गया।
अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड क्रैश के कारणों की जांच कर रहा है।
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अमेरिका: कैलिफोर्निया में 4 सीटर प्लेन क्रैश, 2 की मौत और दो घायल

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के फ्रेस्नो शहर में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान सवार दो बच्चों की मौत हो गई जबकि दो व्यस्क घायलावस्था में अस्पताल पहुंचाए गए। मृतकों और घायलों की पहचान की स्थानीय प्रशासन ने जाहिर नहीं की है।
समाचार एजेंसी सिंहुआ ने रविवार को इसकी जानकारी दी। बताया कि विमान शनिवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार) हादसे का शिकार हुआ। हादसे के बाद आग की ऊंची लपटें उठीं। स्थानीय प्रशासन को आग फैलने की चिंता थी लेकिन उस पर काबू पा लिया गया। फ्रेस्नो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बचाव दल को “सैन जोकिन नदी के किनारे एक ऊंची जगह पर आग की लपटों में घिरा एक फिक्स्ड-विंग सिंगल-इंजन विमान मिला।” रिपोर्ट के अनुसार, “दमकलकर्मियों ने आग बुझा दी और उसे आस-पास के घरों तक फैलने से रोक दी।”
बयान के अनुसार, विमान में चार लोग सवार थे। घटनास्थल पर ही दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया और गंभीर हालत में दो वयस्कों को अस्पताल ले जाया गया।
अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने दुर्घटना स्थल पर जांचकर्ता को रवाना कर दिया। शेरिफ कार्यालय ने घटनास्थल पर लोगों की आवाजाही रोकने और जांचकर्ताओं के लिए सबूत सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा घेरा बना दिया है।
वहीं, स्थानीय मीडिया वेबसाइट द यूएस सन ने बताया कि पीड़ितों की पहचान और उनके आपसी रिश्ते के बारे में अभी कोई जानकारी जाहिर नहीं की गई है।
अमेरिका की जानी मानी ऊर्जा कंपनी पीजीएंडई के आउटेज पेज के अनुसार, आस-पास के घरों की बिजली कुछ समय के लिए चली गई थी, लेकिन अब उसे बहाल कर दिया गया है।
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने पुष्टि की है कि उसने इस जानलेवा हादसे की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने बताया कि पीड़ित ‘ग्रुमन अमेरिकन एविएशन कॉर्पोरेशन एए-5’ विमान में सवार थे, जो चार सीटों वाला सिंगल-इंजन विमान है।
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आईआरजीसी का दावा-ईरान ने किए जवाबी हमले, तीन तेल टैंकरों और अन्य जहाजों को बनाया निशाना

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने शनिवार को अमेरिकी हमले के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों और अन्य क्षेत्रों में अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों को निशाना बनाया।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी एक बयान में नौसेना ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जिन तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया, वे ‘अनधिकृत’ मार्ग से गुजर रहे थे। बयान में कहा गया कि बाकी तीन जहाजों पर अन्य इलाकों में हमला किया गया।
नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सभी जहाजों से अपील की कि वे अमेरिकी सेना के बहकावे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से बचें। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई जहाज ‘अनधिकृत’ मार्गों से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है।
इससे पहले शनिवार को ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने खबर दी थी कि ईरान के दक्षिणी तटों के पास तीन ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया।
घटना के बाद ईरान की प्रमुख सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह ईरानी जहाजों पर हमले और देश के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी जारी न रखे।
जोल्फघारी ने ईरानी मीडिया में जारी एक बयान में कहा, “अगर ईरानी जहाजों के खिलाफ दुश्मनी, असुरक्षा पैदा करने वाली कार्रवाइयां और उन्हें परेशान करना जारी रहा, साथ ही ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी भी जारी रही, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों पर पहले से भी ज्यादा कड़े हमले कर सकती हैं। साथ ही इन कार्रवाइयों के और बढ़ने की भी संभावना है।”
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान के ‘पिकऐक्स माउंटेन’ को निशाना बना सकती है। यह एक मजबूत सुरक्षा वाला क्षेत्र है, जो ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित है। हालांकि ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को कम महत्व देते हुए इसे ‘बहुत छोटी बात’ भी बताया।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम बहुत जल्द पिकऐक्स पर हमला कर सकते हैं।” उन्होंने उस भूमिगत सुविधा का जिक्र किया, जहां अमेरिका के अनुसार ईरान ने अपने उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम का कुछ भंडार स्थानांतरित किया है।
साथ ही ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही स्थिति को युद्ध नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह एक सैन्य संघर्ष है, लेकिन बीच-बीच में होने वाला संघर्ष है।” हालांकि ट्रंप पहले कई बार इस स्थिति को ‘युद्ध’ भी कह चुके हैं, जबकि कुछ मौकों पर उन्होंने इस शब्द के इस्तेमाल से बचने की कोशिश की है।
ट्रंप ने कहा, “मैं इसे सैन्य संघर्ष कहता हूं क्योंकि हमारे लिए यह बहुत छोटी बात है। यह कोई बड़ी चीज नहीं है।”
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए थे। ईरान ने अमेरिका या इजरायल से जुड़े जहाजों के वहां से गुजरने पर रोक लगा दी थी। वहीं अमेरिकी बलों ने भी ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी थी।
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