व्यापार
जीडीपी डेटा से पहले भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, ऑटो और फार्मा शेयरों में हुई खरीदारी
मुंबई, 28 नवंबर : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में मिला जुला कारोबार हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 13.71 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 85,706.67 और निफ्टी 12.60 की गिरावट के साथ 26,202.95 पर बंद हुआ।
सत्र के दौरान बाजार को संभालने के काम ऑटो और फार्मा सेक्टर ने किया। निफ्टी ऑटो 0.62 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.59 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.55 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी आईटी 0.11 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.20 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.58 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
मि़डकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 69.90 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,043.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 47.55 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,829.25 पर था।
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एचयूएल, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाटा स्टील और आईटीसी गेनर्स थे। पावर ग्रिड, इटरनल (जोमैटो), भारती एयरटेल, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, बीईएल, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे।
आज शाम को सरकार की ओर से दूसरी तिमाही का जीडीपी डेटा जारी किया जाएगा और सितंबर तिमाही में देशी की विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर रहने का अनुमान है।
जानकारों ने कहा कि दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े और आईआईपी डेटा आने से पहले बाजार में हल्की मुनाफावसूली देखी गई है। हालांकि, बाजार का आउटलुक बुलिश बना हुआ है। अमेरिका फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावना से वैश्विक स्तर पर सेंटीमेंट सकारात्मक बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट हुई थी। सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर सेंसेक्स 68.78 अंक या 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के बाद 85,789.16 स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 12.85 अंक या 0.05 प्रतिशत की बढ़त के बाद 26,228.40 स्तर पर था।
व्यापार
आरबीआई एमपीसी फैसले से पहले बाजार में छाई लाली, सेंसेक्स 462 अंक फिसला

पिछले दो सत्रों की बढ़त के बाद बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क लाल निशान में खुले। निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए रहे, जबकि वैश्विक संकेत भी मिश्रित रहे।
कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 462.44 अंक (0.63 प्रतिशत) गिरकर 72,605.37 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 175.65 अंक (0.77 प्रतिशत) टूटकर 22,600 के स्तर पर आ गया।
दिन की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 72,965.38 और निफ्टी 22,690.45 पर खुला था, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार और दबाव में आ गया।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.45 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में रही, जो 1.55 प्रतिशत तक गिर गया। इसके बाद निफ्टी मेटल में 1.34 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक 0.94 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.82 प्रतिशत, तथा रियल्टी और एफएमसीजी सूचकांक करीब 0.7 प्रतिशत तक कमजोर रहे।
दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई दी। निफ्टी फार्मा में 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी 500 हेल्थकेयर भी सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार करता दिखा। निफ्टी मीडिया में लगभग 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बाजार प्रतिभागियों की नजर केवल आरबीआई की नीति समीक्षा पर ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियों, रुपए की चाल और आरबीआई के विकास एवं महंगाई आकलन पर भी बनी हुई है।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह के निचले स्तरों से निफ्टी में करीब 558 अंकों की रिकवरी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई थी। हालांकि इस तेजी को आगे बढ़ाने में कई चुनौतियां मौजूद हैं। ब्रेंट क्रूड फिर से 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं दिख रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू तरलता और दूसरी तिमाही (क्यू2) के संभावित मजबूत नतीजे फिलहाल बाजार को समर्थन दे रहे हैं। लेकिन आज बाजार का मुख्य फोकस आरबीआई के नीतिगत रुख और गवर्नर संजय मल्होत्रा के संदेश पर रहेगा।
बाजार में व्यापक रूप से यह माना जा रहा है कि 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की रेपो रेट बढ़ोतरी की संभावना पहले ही कीमतों में शामिल हो चुकी है। हालांकि निवेशक इस बात पर अधिक ध्यान देंगे कि आरबीआई भविष्य की महंगाई और वृद्धि पर क्या दृष्टिकोण पेश करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर काफी कम हो गया है। ऐसे में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती को देखते हुए पूंजी निकासी रोकने तथा रुपए को स्थिर रखने पर भी आरबीआई का ध्यान रह सकता है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, हालांकि निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बाजार में ऊपर की ओर बढ़त की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 22,930 तथा उसके बाद 23,100-23,220 का दायरा निफ्टी के लिए संभावित लक्ष्य हो सकता है। वहीं 22,574 के ऊपर बने रहने पर तेजी की संभावना कायम रह सकती है।
एशियाई बाजारों में बुधवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। निवेशक अमेरिकी शेयर बाजार की चाल, ऊंची ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक तनावों पर नजर बनाए हुए हैं। मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे क्योंकि तेल कीमतों में कुछ स्थिरता और बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों को राहत मिली थी।
वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को फिर तेजी देखी गई। बाजार एक ओर अमेरिकी उत्पादन क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे तूफान और सऊदी अरब पर हूती हमलों से संभावित आपूर्ति व्यवधानों को लेकर चिंतित है, जबकि दूसरी ओर मध्य पूर्व से बढ़ते तेल निर्यात कीमतों को कुछ राहत दे रहे हैं।
अब बाजार की अगली दिशा काफी हद तक आरबीआई के ब्याज दर फैसले, नीति रुख और महंगाई-विकास संबंधी संकेतों पर निर्भर करेगी।
राष्ट्रीय समाचार
विश्व बैंक ने बढ़ाया भारत की विकास दर का अनुमान, वित्त वर्ष 2027 में 7.1 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद

विश्व बैंक (वर्ल्ड बैंक) ने भारत की आर्थिक मजबूती पर भरोसा जताते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है। अपनी ताजा साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट रिपोर्ट में विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है।
विश्व बैंक के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू मांग, औद्योगिक गतिविधियों में विस्तार और सेवा क्षेत्र की निरंतर मजबूती से समर्थन मिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास गति मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को पिछले वर्षों में लागू किए गए कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों से मजबूती मिली है। इनमें श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) का एकीकरण, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार, टैरिफ युक्तिकरण, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) और भौतिक एवं डिजिटल अवसंरचना में बड़े निवेश शामिल हैं।
विश्व बैंक ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कुछ चुनौतियों के बावजूद व्यापक अर्थव्यवस्था में मौजूद मजबूती भारत को मौजूदा वित्त वर्ष में मजबूत विकास दर बनाए रखने में मदद करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार बनी हुई है और यही भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।
हालांकि, विश्व बैंक ने कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंची ऊर्जा कीमतें और एल नीनो से जुड़े प्रतिकूल मौसमीय प्रभाव आने वाले महीनों में आर्थिक वृद्धि और महंगाई प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकते हैं।
दक्षिण एशिया के परिदृश्य पर नजर डालें तो विश्व बैंक ने वर्ष 2026 के लिए क्षेत्र की विकास दर का अनुमान भी बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.3 प्रतिशत था। रिपोर्ट के अनुसार, इस सुधार का सबसे बड़ा कारण भारत की अपेक्षा से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत को छोड़कर दक्षिण एशिया के बाकी देशों की विकास दर का अनुमान 4.1 प्रतिशत से घटाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मुख्य कारण बांग्लादेश की विकास दर के अनुमान में की गई बड़ी कटौती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया के सामने वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां मौजूद हैं। क्षेत्र कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए ऊंची ऊर्जा कीमतों का सीधा असर महंगाई और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। इसके अलावा, अल नीनो के कारण कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है, जो दक्षिण एशिया की बड़ी आबादी के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत है।
व्यापार
भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियां सितंबर में तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर, पीएमआई 55.2 रहा

भारत के सर्विसेज सेक्टर में गतिविधियां सितंबर में बीते महीनों में सबसे तेजी से बढ़ी हैं। इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर्स का तेजी से बढ़ना था। यह जानकारी मंगलवार को जारी हुए एचएसबीसी इंडिया पीएमआई डेटा में दी गई।
एसएंडपी ग्लोबल की ओर से संकलित किए गए एचएसबीसी इंडिया पीएमआई डेटा में बताया गया कि सितंबर में पीएमआई बढ़कर 55.2 पर पहुंच गया है, जो कि अगस्त में 54.1 पर था। यह जून के बाद पीएमआई का सबसे उच्चतम स्तर है।
सितंबर में नए बिजनेस में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और यह पिछले तीन महीनों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा है। इस दौरान कंपनियों ने डिजिटल समाधान, खाने-पीने की चीजों, इंश्योरेंस, लोन, सॉफ्टवेयर, ट्रांसपोर्टेशन और टूर-एंड-ट्रैवल के लिए ज्यादा मांग देखी।
एचएसबीसी इंडिया ने कहा कि फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंज्यूमर सर्विस सेक्टर की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।
एचएसबीसी की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “पीएमआई सर्वेक्षण से पता चलता है कि घरेलू मांग बढ़ने की वजह से भारत का सर्विस सेक्टर लगातार बेहतर हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “साथ ही, निर्यात का कारोबार भी बढ़ता रहा, हालांकि ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो गई।” उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर में इनपुट लागत का दबाव कम होने से सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी बिक्री की कीमतें बढ़ाने की जरूरत कम पड़ी।
हालांकि, सर्वेक्षण से अनुसार सर्विसेज पीएमआई का औसत जुलाई-सितंबर तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले कम रहा और इसने मार्च 2022 को खत्म हुई तिमाही के बाद से अपना सबसे कमजोर तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया।
इसके अलावा, भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में भी सुधार हुआ। कंपनियों ने जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, यूके और अमेरिका से बेहतर कारोबार की सूचना दी।
सितंबर में नए निर्यात बिजनेस में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि, बेहतर ऑर्डर बुक और पाइपलाइन में मौजूद प्रोजेक्ट्स ने सर्विस कंपनियों द्वारा और भर्तियां करने में मदद की।
रोजगार में ठीक-ठाक रफ्तार से बढ़ोतरी हुई, हालांकि नौकरी पैदा करने की दर अगस्त के मुकाबले थोड़ी कम हुई।
इनपुट लागत का दबाव भी कम हुआ, क्योंकि इनपुट कीमतों में महंगाई नवंबर 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई।
इसके अलावा, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स — जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों शामिल हैं — अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 55.9 हो गया है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
