व्यापार
भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त
share market
मुंबई, 27 फरवरी : वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में खुला और कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ की।
इस दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 30 अंक गिरकर 82,220.48 पर खुला, लेकिन कुछ ही समय में 364.85 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 81,883.76 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी करीब 40 अंक गिरकर 25,459.85 पर खुला, लेकिन खबर लिखे जाने तक 119.05 (0.47 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,377.50 पर पहुंच गया।
इस दौरान, निफ्टी आईटी को छोड़कर निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो केवल निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.81 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली, जबकि निफ्टी ऑटो में 0.84 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.99 प्रतिशत तो निफ्टी बैंक में 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से आईटी शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी देखी गई और इंफोसिस, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। तो वहीं दूसरी ओर, मारुति सुजुकी, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, आईटीसी, एशियन पेंट्स और कोटक बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी50 ने 83 अंकों की मजबूत गैप-अप ओपनिंग की और इंट्राडे में 25,572.95 के उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और करीब 170 अंकों की तेज गिरावट के साथ 25,400 तक फिसल गया। अंत में, आखिरी समय की रिकवरी से यह 25,496.55 पर बंद हुआ और सिर्फ 14 अंकों की मामूली बढ़त दर्ज कर सका। यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा की कमी है। निफ्टी के लिए 25,600-25,650 का स्तर तात्कालिक रेजिस्टेंस है, जबकि 25,300-25,350 का दायरा सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आरएसआई 47.11 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम का संकेत देता है।
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि संस्थागत निवेशकों की बात करें तो 26 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 3,465 करोड़ रुपए की बिकवाली करते हुए नेट सेलर रहे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार तीसरे सत्र में खरीदार बने रहे और उन्होंने 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर खरीदे।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ी हुई अस्थिरता के माहौल में ट्रेडर्स को अनुशासित और सोच-समझकर रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। निफ्टी में 25,800 के स्तर के ऊपर साफ और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लंबी पोजीशन लेने पर विचार करना उचित होगा। इससे बाजार में मजबूत तेजी के संकेत मिलेंगे और सकारात्मक संरचना की पुष्टि होगी।
अंतरराष्ट्रीय
भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में अमेरिका का बहुत बड़ा साथी: राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली, 11 मार्च : अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने तेल की कीमतों को स्थिर रखने में भारत की भूमिका को अहम बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने भारत की रूस से तेल खरीद को ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए जरूरी बताया।
गोर ने लिखा कि भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में बहुत बड़ा साथी रहा है। अमेरिका मानता है कि रूस से भारत की लगातार तेल खरीद भी इसी कोशिश का हिस्सा है।
उन्होंने आगे लिखा, “भारत तेल के सबसे बड़े कंज्यूमर और रिफाइनर में से एक है और अमेरिकियों और भारतीयों के लिए मार्केट में स्थिरता लाने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स और भारत का मिलकर काम करना जरूरी है।”
ये बयान ऐसे समय आया है जब ग्लोबल ऑयल मार्केट में ईरान संकट से बड़ी उठा पटक मची हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा है और आशंका है कि कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल कंज्यूमर और रिफाइनर है, इसलिए यहां की नीति वैश्विक बाजार पर असर डालती है।
इससे पहले व्हाइट हाउस ने प्रेस से कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे यूएस मिलिट्री कैंपेन से पैदा हुई दिक्कतों के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर करने की एक बड़ी कोशिश के तहत डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए तत्कालीन छूट को मंजूरी दी है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति, ट्रेजरी डिपार्टमेंट और नेशनल सिक्योरिटी टीम के सदस्यों के बीच बातचीत के बाद लिया गया।
लेविट ने एक सवाल के जवाब में कहा, “राष्ट्रपति और ट्रेजरी सेक्रेटरी और पूरी नेशनल सिक्योरिटी टीम इस फैसले पर इसलिए पहुंची क्योंकि भारत में हमारे सहयोगी अच्छे रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह तत्कालीन उपाय ईरान के संकट से पैदा हुई ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावटों को दूर करने के लिए किया गया है। लेविट ने आगे कहा, “जब हम ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल सप्लाई के इस ‘टेम्पररी गैप’ (अस्थायी अंतर) को कम करने के लिए काम कर रहे हैं, तो हमने उन्हें तत्कालीन तौर पर रूसी तेल लेने की इजाजत दे दी है।”
लेविट ने बताया कि छूट मिलने से पहले ही शिपमेंट भेज दिए गए थे। व्हाइट हाउस के मुताबिक, प्रशासन को उम्मीद नहीं है कि इस व्यवस्था से मास्को को आर्थिक रूप से कोई खास फायदा होगा।
आपदा
तमिलनाडु में एलपीजी की कमी से एक लाख रेस्तरां बंद होने के कगार पर: वेंकटसुब्बू

gas
चेन्नई, 11 मार्च : तमिलनाडु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि राज्यभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के कारण अगले दो दिनों के भीतर लगभग एक लाख रेस्तरां बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाना पकाने की गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने का आग्रह किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकटसुब्बू ने कहा कि व्यावसायिक खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में व्यवधान का असर कई जिलों के रेस्टोरेंट पर पड़ना शुरू हो गया है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे चाय-स्टॉलों तक, सभी को अपना संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से रेस्तरांओं पर निर्भर हैं, जबकि अन्य 50 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। अगर गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो पूरा उद्योग संकट में आ जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से रेस्तरांओं और होटलों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल युद्धस्तर के उपाय करने का आग्रह किया।
वेंकटसुब्बू ने बताया कि यहां तक कि बड़े रेस्तरांओं को कारखाना अधिनियम के तहत कारखानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, फिर भी उन्हें औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली बिजली दरों में छूट नहीं मिलती है। उन्होंने सरकार से रेस्तरांओं को वैकल्पिक रूप से निजी स्रोतों से कम दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
इस बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से गैस आपूर्ति में बाधा का असर तमिलनाडु के कई जिलों पर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को चेन्नई और वेल्लोर जैसे जिलों में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही लेकिन अगर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो पर्यटन पर निर्भर रेस्तरां और होटल बुधवार से बंद होने शुरू हो सकते हैं।
विलुपुरम और कल्लकुरुची से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे डिलीवरी के लिए प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़कर 25 दिन हो गई है। गैस वितरकों ने कहा कि अब सिलेंडर केवल उन्हीं ग्राहकों को दिए जा सकते हैं जिन्होंने पहले से बुकिंग करा रखी है।
तिरुची, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, करूर, पेरम्बालूर और अरियालूर के रेस्तरां मालिकों ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक केवल दो दिनों के लिए ही बचा है क्योंकि इन जिलों में आपूर्ति ट्रक नहीं पहुंचे हैं। तिरुवनमलाई और कुड्डालोर में भी कमी की सूचना मिली है, जहां व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है।
कोयंबटूर में कई बड़े रेस्तरां ने गैस की बचत करने के लिए पहले ही मेनू में शामिल वस्तुओं की संख्या कम कर दी है और संचालन के घंटे भी घटा दिए हैं। इस संकट का असर मदुरै, रामनाथपुरम, दिंडीगुल, थेनी, शिवगंगा और विरुधुनगर जैसे जिलों पर भी पड़ रहा है, जहां सोमवार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कथित तौर पर बंद है।
रामेश्वरम में लगभग 90 प्रतिशत रेस्तरां एलपीजी सिलेंडरों पर पूरी तरह निर्भर हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो तमिलनाडु भर में रेस्तरां के बड़े पैमाने पर बंद होने की आशंका है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, डिफेंस स्टॉक्स में खरीदारी

मुंबई, 11 मार्च : भारतीय शेयर बाजार बुधवार को सपाट खुला। बीएसई सेंसेक्स 33 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 78,238 पर और निफ्टी 30 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,231 पर खुला।
शुरुआती कारोबार में बाजार को संभालने का काम डिफेंस शेयर कर रहे थे। सूचकांक में निफ्टी इंडिया डिफेंस करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएसई, एनर्जी, ऑयलएंडगैस, कमोडिटीज और हेल्थकेयर में भी हरे निशान में थे।
दूसरी तरफ, प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल, ऑटो और सर्विसेज सूचकांक दबाव के साथ कारोबार कर रहे थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूती देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 377 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,555 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 173 अंक या 1.05 प्रतिशत की मजबूती के साथ 16,647 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एनटीपीसी, बीईएल, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, इटरनल, आईटीसी, टाइटन और ट्रेंट गेनर्स थे। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक,एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक,एचयूएल, भारती एयरटेल, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और एमएंडएम लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजार में तेजी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग,बैकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में खुले थे। हालांकि, मंगलवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार मिलेजुले बंद हुए थे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बिकवाली का क्रम जारी रखा और मंगलवार को 4,672.64 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333.26 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
कच्चे तेल में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83.22 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.44 डॉलर प्रति बैरल पर था।
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