राजनीति
भारत के पास 3 साल में अमेरिकी मानक हाईवे होंगे : गडकरी
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उनका मानना है कि तीन साल के भीतर पूरे देश को अमेरिकी राजमार्गो के मानकों के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध करा दिए जाएंगे। विजय रूपाणी के मुख्यमंत्री पद पर पांच साल पूरे होने के मौके पर गुजरात सरकार द्वारा आयोजित विकास दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शनिवार को वर्चुअल रूप से उपस्थित थे।
गडकरी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में, हमारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति मिल रही है। मेरा मानना है कि अगले तीन वर्षों तक, पूरे देश को अमेरिकी राजमार्गों के मानकों के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदान किए जाएंगे। एक समय में हम प्रतिदिन केवल 2 किलोमीटर सड़कें बनाते थे, जबकि अब हम प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि गुजरात एक्सप्रेस-वे सड़क निर्माण में तीन विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर चुका है। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सीमेंटेड फोर लेन सड़क का 2.5 किलोमीटर का हिस्सा 24 घंटे में पूरा हुआ। इसी तरह, सोलापुर-विजापुर एक्सप्रेस-वे पर, बिटुमेन रोड के 26 किलोमीटर लंबे हिस्से को 24 घंटे में पूरा किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंकलेश्वर के रास्ते किम और वडोदरा के बीच 125 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे के लिए 8,711 करोड़ रुपये का चल रहा काम इस साल दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बड़े दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का हिस्सा था। यह खंड गुजरात के सात जिलों दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, भरूच, सूरत, वलसाड और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरता है।
गडकरी ने यह भी कहा कि थांदला के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के ग्रीनफील्ड कार्यों के 85 किलोमीटर आठ लेन के हिस्से का काम इस साल अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह एक्सप्रेसवे गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा। यह उद्योगों और व्यवसायों को आकर्षित करेगा और किसानों को भी लाभान्वित करेगा।”
राजनीति
कोलकाता भगदड़ पर नेताओं ने दुख जताया, टीएमसी बोली-प्रशासन की विफलता से हुआ हादसा

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ पर देशभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कोलकाता में 19 लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बेहद दुखद खबर है। जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वह माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी कोई दुखद घटना होती है, तो हमें मानवीय आधार पर पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए और किसी को भी इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है और खुद घायलों से मिलकर संवेदनशीलता दिखाई है। सरकार पूरी तरह पीड़ितों के साथ खड़ी है।
कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री उमेश राय ने भगदड़ के कारणों पर बात की। उन्होंने कहा, “यह भगदड़ तब मची जब लोग पंडाल से बाहर नहीं निकल रहे थे, जबकि पीछे से बड़ी संख्या में लोग अंदर आने की कोशिश कर रहे थे।” उन्होंने इस हादसे के लिए पूजा आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह उनकी लापरवाही का नतीजा है। मंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस घटना की गहराई से जांच करेगा।
वहीं, टीएमसी नेता और एआईटीसी विधायक कुणाल घोष ने इसे पूरी तरह प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पूजा समिति को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसमें कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। उन्होंने बताया, “अभी हम अस्पताल में हैं। रात से ही हमारी प्राथमिकता राहत कार्य और घायलों का इलाज रही है। हमारे कार्यकर्ता चोरबागन समेत हर जगह मौजूद थे।”
कुणाल घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शनिवार रात अस्पताल क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा, “अगर नेतृत्व वहां आता तो मीडिया और पुलिस का ध्यान दूसरे कामों में लग जाता, जिससे इलाज का काम बाधित होता। इसलिए हमारी पूरी टीम वहां मौजूद थी लेकिन कुछ जानकारी मिलने के बाद आज मैं खुद अस्पताल आया हूं।”
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु के 17 जिलों में भारी बारिश का अनुमान, चेन्नई भेजी जाएगी एनडीआरएफ की टीम

तमिलनाडु के 17 जिलों में रविवार को भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम सहित कई जगहों पर बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है।
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बने वायुमंडलीय परिसंचरण (एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन) के कारण यह बारिश हो रही है। इस मौसमी प्रणाली के चलते राज्य के कई उत्तरी, पश्चिमी और मध्य जिलों में बारिश होने की संभावना है।
चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम के अलावा, रविवार को जिन जिलों में भारी बारिश हो सकती है, उनमें चेंगलपट्टू, नीलगिरी, कोयंबटूर, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, सलेम, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, कुड्डालोर, अरियालुर, तिरुचिरापल्ली, पेरम्बलुर, तिरुवन्नमलाई और इरोड शामिल हैं।
यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में भारी बारिश जारी है। राजधानी के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे चिंता बढ़ गई है कि अगर बारिश जारी रही तो और अधिक जलभराव हो सकता है।
शनिवार को चेन्नई के छह इलाकों में भारी बारिश के बाद, एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की एक टीम को शहर भेजा जाएगा। ये जवान अरक्कोनम के पास नागरिक्कुप्पम में स्थित बटालियन से बुलाए गए हैं। इस तैनाती का उद्देश्य भारी बारिश और बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों के लिए तैयारियों को मजबूत करना है। हालात बिगड़ने की स्थिति में आपातकालीन प्रतिक्रिया देने के लिए एहतियाती इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसमें कई तटीय और आंतरिक जिलों में बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, सोमवार को तिरुचिरापल्ली, नीलगिरी, कोयंबटूर और तिरुनेलवेली में भी आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
अगले दो दिनों के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि बारिश का असर उन उत्तरी जिलों पर पड़ सकता है जहां पहले से ही बारिश हो रही है, साथ ही कावेरी डेल्टा और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। दोनों दिनों के पूर्वानुमान में चेन्नई और उसके आस-पास के जिले शामिल हैं।
राजधानी में पहले ही जलभराव की सूचना मिल चुकी है, इसलिए हालात बिगड़ने की स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत एनडीआरएफ की तैनाती की योजना बनाई गई है। अगर भारी बारिश के कारण बाढ़ आती है, तो यह टीम बचाव कार्यों में मदद करेगी। अभी मुख्य ध्यान चेन्नई में तैयारियों पर है, जबकि सोमवार के पूर्वानुमान के अनुसार, तटीय इलाकों और राज्य के भीतरी हिस्सों के कुछ और जिलों में भी सतर्क रहने की जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान पर सैन्य कार्रवाई का ट्रंप ने किया बचाव; कहा-परमाणु हथियारों का खतरा गंभीर था, इसलिए किया हस्तक्षेप

नॉर्दर्न केंटकी यूनिवर्सिटी के ‘ट्रूइस्ट एरिना’ में आयोजित एक रिपब्लिकन चुनावी रैली में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव किया। ट्रंप ने अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल की सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पूरी तरह नष्ट कर दी गई है और तेहरान को दोबारा यह क्षमता विकसित नहीं करने दी जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि परमाणु हथियारों से लैस ईरान का खतरा इतना गंभीर था कि अमेरिका के लिए हस्तक्षेप करना जरूरी हो गया था।
ट्रंप ने समर्थकों से कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि अगर उनके पास होगा तो वे उसका इस्तेमाल करेंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ढांचे को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि यह कार्यक्रम फिर से शुरू न हो सके। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह दोबारा वापस न आए।”
ट्रंप ने बताया कि सैन्य अभियान के दौरान उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसी दिशा में काम करने के निर्देश दिए थे। ट्रंप ने इस कार्रवाई को अपने उस बड़े दावे से भी जोड़ा, जिसमें वे कहते रहे हैं कि उनके नेतृत्व में अमेरिका की सैन्य ताकत फिर से मजबूत हुई है और देश अब अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया, जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। राष्ट्रपति ने माना कि इस अभियान के कारण अमेरिका को मध्य पूर्व पर अतिरिक्त ध्यान और संसाधन लगाने पड़े, लेकिन उनका कहना था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना किसी भी अल्पकालिक आर्थिक प्रभाव से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सैन्य अभियान खत्म होने के बाद ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आएगी।
ट्रंप ने कहा, “यह बहुत जल्दी खत्म होने वाला है।” उन्होंने आगे कहा कि अभियान समाप्त होने के बाद पेट्रोल की कीमतें पहले के मुकाबले और नीचे आ जाएंगी। अपने भाषण में बाद में ट्रंप फिर इस मुद्दे पर लौटे और इसे अपनी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया।
उन्होंने कहा, “ईरान के पास न परमाणु हथियार है, न होगा, और कभी नहीं होगा। बात बिल्कुल साफ है।” ट्रंप का कहना था कि इस समस्या का समाधान पहले की अमेरिकी सरकारों को ही कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ईरान का सामना करने के लिए जरूरी दृढ़ता और इच्छाशक्ति दिखाई है।
राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ अभियान को अपनी अन्य विदेश नीति पहलों, जैसे वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े घटनाक्रमों के साथ भी जोड़ा।
ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा खर्च में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और रिपब्लिकन बहुमत वाली कांग्रेस ने सेना के लिए एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और देश की रक्षा क्षमताएं ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा और प्रभाव को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
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