अंतरराष्ट्रीय
भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट : पहली इनिंग समाप्त, भारत ने बनाए 325 रन, पटेल ने झटके 10 विकेट
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा सीरीज का दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन पहली इनिंग में न्यूजीलैंड के स्पीनर गेंदबाज एजाज पटेल ने दस विकेट लेकर भारतीय टीम को 325 रनों पर समेट दिया। भारतीय टीम ने 109.5 ओवर में दस विकेट खोकर 325 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने शानदार पारी खेलते हुए शतक जड़ा। उन्होंने 311 गेंदों का सामना कर 4 छक्के और 17 चौकों की मदद से 150 रन बनाए। वहीं, अक्षर पटेल ने 52 रन की पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया। न्यूजीलैंड के स्पीनर गेंदबाज एजाज पटेल ने अकेले दम पर 47.5 ओवर में 119 रन देकर भारतीय टीम के 10 बल्लेबाजों को वापस पवेलियन भेज दिया। जिसमें शुभमन गिल 44 रन बनाकर एजाज पटेल की गेंद में रॉस टेलर को कैच थमा बैठे, चतेश्वर पुजारा 0 रन बनाकर आउट हुए। विराट कोहली और रिद्धिमान साहा भी एजाज पटेल की गेंद में एलबीडब्लयू आउट हो गए, श्रेयस अय्यर को पटेल ने कैच आउट कराया और आर अश्विन को बोल्ड कर दिया। वहीं, मयंक अग्रवाल को 150 पर, अक्षर पटेल 52, जयंत यादव 12 और मोहम्मद सिराज को 4 रन पर आउट करके वापस पवेलियन भेज दिया। जिसमें पटेल ने तीन बल्लेबाजों को एलबीडब्लयू, दो को क्लीन बोल्ड और पांच बल्लेबाजों को कैच आउट कराया।
स्कोर :
भारत 325/10 (मयंक अग्रवाल 150, अक्षर पटेल साहा 52, शुभनम गिल 44 , एजाज पटेल 10/47.5)।
प्लेइंग इलेवन की टीम :
भारत: शुभमन गिल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), श्रेयस अय्यर, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), आर अश्विन, जयंत यादव, अक्षर पटेल, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज।
न्यूजीलैंड: विल यंग, टॉम लैथम (कप्तान), डेरिल मिशेल, रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, टॉम ब्लंडेल (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, काइल जैमीसन, टिम साउथी, विल सोमरविले, एजाज पटेल।
अंतरराष्ट्रीय
रियाद में यूएस दूतावास की इमारत पर हमला निंदनीय: सऊदी अरब

रियाद, 3 मार्च : रियाद में यूएस दूतावास की इमारत को निशाना बनाकर किए हमले की सऊदी अरब ने पुरजोर शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर इस बयान को साझा किया है, जिसमें लिखा है कि वह इमारत को निशाना बनाकर किए गए ईरान के हमले की सख्त शब्दों में निंदा करता है।
इसमें आगे लिखा है कि देश इसे कायरतापूर्ण हमला मानता है, जो 1949 के जिनेवा कन्वेंशन और 1961 के वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस समेत सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करता है। ये समझौते हथियारबंद लड़ाई के मामलों में भी डिप्लोमैटिक जगहों और लोगों को छूट की इजाजत देते हैं।
सऊदी के मुताबिक, वो तेहरान को बता चुका है कि ईरान पर हमला करने के लिए वो अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल नहीं करने देगा। बावजूद इसके, ऐसे हमले किए जा रहे हैं। इससे इलाके में तनाव और बढ़ेगा।
सऊदी ने स्पष्ट किया है कि किंगडम अपनी सुरक्षा, इलाके की एकता, नागरिकों, निवासियों और जरूरी हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के अपने पूरे अधिकार को दोहराता है, जिसमें हमले का जवाब देने का विकल्प भी शामिल है।
दरअसल, मंगलवार सुबह रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमले किए गए। इस हमले में दूतावास की एक इमारत में हल्की आग लगी और थोड़ा नुकसान पहुंचा।
इस बीच, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर उनका हमला 3-4 हफ्तों से अधिक तक चल सकता है। यह युद्ध शनिवार को इजरायल-यूएस के संयुक्त हमले से शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अब ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष निर्धारित समय से “काफी हद तक” आगे बढ़ रहा है, और अमेरिका लंबे समय तक संघर्ष के लिए तैयार है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, “शुरुआत से हमने चार से पांच सप्ताह का अनुमान (जंग चलने का) लगाया था, लेकिन हमारे पास इससे कहीं अधिक समय तक जाने की क्षमता है।”
अंतरराष्ट्रीय
बमबारी के बीच ईरान में भूकंप, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.3

तेहरान, 3 मार्च : अमेरिका-इजरायल की ईरान पर एयर स्ट्राइक जारी है। इस बीच ईरान के गेराश में भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं। अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान विभाग (यूएसजीएस) ने इसकी जानकारी दी है।
यूएसजीएस के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है, और भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई पर था।
फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, और स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
यह झटका ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के कारण तनाव चरम पर है। इन हमलों में ईरानी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमले शामिल हैं, जिसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जवाबी कार्रवाई, हवाई यातायात में रुकावट और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार भूकंप का मौजूदा सैन्य गतिविधियों से कोई सीधा संबंध नहीं माना जा रहा है।
गेराश ईरान के फार्स प्रांत का एक शहर है और दक्षिणी ईरान में लारेस्तान क्षेत्र में आता है। ईरान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंपीय सक्रिय देशों में से एक है, क्योंकि यहां अरेबियन प्लेट और यूरेशियन की टक्कर से जाग्रोस फोल्ड थ्रस्ट बेल्ट बना हुआ है। यह 1,600 किमी लंबी पर्वत श्रृंखला ईरान, इराक और तुर्की तक फैली है और अरब प्लेट के उत्तर की ओर बढ़ने से बनी है। गेराश इसी बेल्ट का भाग है। इस लिहाज से क्षेत्र में 4 से 5 तीव्रता का भूकंप काफी गंभीर माना जा सकता है।
ईरान में 1990 का भूकंप विनाशकारी साबित हुआ था। 20-21 जून 1990 की दरमियानी रात ईरान के मंजिल और रुदबार में आए ‘रुदबार भूकंप’ ने भारी तबाही मचाई थी। यह इतिहास के उन शक्तिशाली भूकंप में से एक है, जिसने बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि की थी।
‘अरेबियन प्लेट’ और ‘यूरेशियन प्लेट्स’ के टकराने से देर रात 12 बजकर 30 मिनट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया और करीब पचास हजार लोगों की जान चली गई थी। जंजान और गिलान प्रातों में 20 हजार वर्ग मील का क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद था।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान पर हमला क्यों था जरूरी? इजरायली पीएम बोले, अभी न करते तो फिर मुश्किल हो जाता

वॉशिंगटन, 3 मार्च : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहा है। जबकि इजरायल और अमेरिका बड़े पैमाने पर आतंकवादियों पर फोकस रख रहे हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ हाल ही में की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दृढ़ संकल्पित होने की सराहना की।
बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज पर दिए एक इंटरव्यू में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल एक ट्रक की तरह होती है, मानो टीएनटी से भरी बस हो, जो मैक 8 की रफ्तार से आकर गिरती है। ऐसे हमले में नौ लोग मारे गए।”
नेतन्याहू ने कहा, “यही तेहरान और हमारे बीच फर्क है। तेहरान के सामूहिक हत्यारे नागरिकों को निशाना बनाते हैं, जबकि इजरायल और अमेरिका आतंकियों को निशाना बनाते हैं।”
उन्होंने कहा, “यही मूल अंतर है और हमें अपनी दुनिया को इन लोगों से बचाना होगा।” नेतन्याहू के अनुसार, हालिया सैन्य कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि ईरान ने उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमलों के बावजूद अपनी सैन्य क्षमताओं को आगे बढ़ाना जारी रखा। जब हमने उनके परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रहार किया, तो लगा कि वे सबक सीखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे सुधार से परे हैं और अमेरिका को नष्ट करने के लक्ष्य को लेकर कट्टर हैं।”
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने नए भूमिगत ठिकाने बनाने शुरू कर दिए थे, जो उसके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को भविष्य की सैन्य कार्रवाई से सुरक्षित बना सकते थे।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर अभी कार्रवाई नहीं करते तो भविष्य में कोई कदम उठाना संभव नहीं होता। फिर ईरान अमेरिका को निशाना सकता था, उसे ब्लैकमेल कर सकता था और हमें तथा अन्य देशों को धमका सकता था।”
उन्होंने कहा, “इसलिए कार्रवाई करनी ही थी और उसे करने के लिए आपको डोनाल्ड ट्रंप जैसे पक्के इरादे वाले राष्ट्रपति की जरूरत थी और हम उनके बहुत मजबूत और काबिल साझेदार हैं।”
नेतन्याहू ने कहा, हमारा गठबंधन आज बेहद मजबूत है। हमें अभी कार्रवाई करनी थी और हमने की। अन्यथा ईरान की हत्यारी सरकार भविष्य की किसी भी कार्रवाई से सुरक्षित हो जाती।”
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