खेल
भारत 2021 पैरालंपिक खेलों में 15 पदक जीतेगा : पीसीआई
भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के महासचिव गुरशरण सिंह का मानना है कि टोक्यो में अगले साल होने वाले पैरालंपिक खेलों में भारत अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा और पांच स्वर्ण सहित 15 से अधिक पदक जीतेगा।
सिंह ने आईएएनएस से कहा, ” अगर हमारे 50 से अधिक पैरा-स्पोर्ट्स एथलीट पैरा एथलेटिक्स, पैरा शूटिंग, पैरा बैडमिंटन और पैरा तीरंदाजी जैसे खेलों में टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहते हैं, तो मुझे हैरानी नहीं होगी। मुझे यकीन है कि हम पांच स्वर्ण सहित कम से कम 15 पदक जीतेंगे।”
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए इस साल आठ पैरा स्पोटर्स एथलीट चुने गए हैं।
इसमें 2016 रियो पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हाई जम्पर मरियप्पन थांगावेलू भी शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान-राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
पैरालंपिक खिलाड़ी मरियप्पन ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अगले साल होने वाले टोक्यो पैरालंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया है।
भारतीय पैरा स्पोटर्स एथलीटों का पिछले कुछ समय से बेहतरीन प्रदर्शन रहा हैं। पैरा एथलीटों ने 2018 एशियाई पैरा खेलों में 15 स्वर्ण सहित 72 पदक जीते थे।
पैरा-खेल एथलीटों की तारीफ करते हुए सिंह ने उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।
उन्हांने कहा, ” हम अच्छे परिणाम दे रहे हैं और यह हमें भविष्य में नई प्रतिभाओं की खोज करने में मदद कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम जारी है। हमें पूरे भारत से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। अच्छी संख्या में एथलीट आगे आ रहे हैं।”
महासचिव ने कहा, ” खेल अगले साल हैं और उम्मीद है कि अगर सब कुछ ठीक रहा (कोविड-19 खत्म हो गया या टीका आ गया), तो हम इन खेलों में भारत को फिर से गौरवान्वित करेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय
भारत ने ईरान में मौजूद भारतीयों को दी जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह, युद्धविराम का स्वागत किया

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नई दिल्ली, 8 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बावजूद, भारत ने बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे जल्द से जल्द देश छोड़ दें। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में स्थित दूतावास के बताए रास्तों का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी में कहा, “7 अप्रैल की एडवाइजरी के क्रम में और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर और दूतावास की ओर से सुझाए गए रास्तों का इस्तेमाल करके जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।”
भारतीय दूतावास ने आगे कहा, “यह फिर से दोहराया जाता है कि दूतावास से पहले से सलाह और तालमेल किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा तक पहुंचने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए।” एडवाइजरी में दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर भी शेयर किए हैं।
हालांकि, एक ताजा पोस्ट में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत किया। इसके साथ ही, उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति बेहद जरूरी हैं। इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही भारी कष्ट पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आवागमन की अबाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।”
यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौता होने के महज कुछ घंटों बाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की। उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा।
ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा।
अंतरराष्ट्रीय
‘ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश’, शहबाज शरीफ की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली, 8 अप्रैल : ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते पर वाहवाही लूटने की कोशिशों में जुटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक गलती ने सोशल मीडिया पर एक बहस छेड़ दी। कई यूजर्स ने दावा किया कि शहबाज शरीफ की ओर से कई गई पोस्ट को किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखा था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को दी समय सीमा बढ़ाने की अपील की। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें एक ऐसी लिखने की गलती पकड़ ली, जिससे लगा कि यह पोस्ट किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखी है।
शहबाज शरीफ के ‘एक्स’ अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ ही देर बाद, यूजर्स ने ‘एडिट हिस्ट्री’ के स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिया। इन स्क्रीनशॉट में दिख रहा था कि शुरुआत में पोस्ट में एक लाइन लिखी थी, “ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश।”
‘द डेली बीस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लगता है कि ‘ड्राफ्ट’ वाला लेबल गलती से मूल पोस्ट में शामिल हो गया था, जिसे बाद में किए गए एक बदलाव में हटा दिया गया। इस मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया कि यह घटना इस बात को ‘बेनकाब’ करती है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शायद इस संदेश को ‘कट और पेस्ट’ किया था, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि इस संदेश को असल में किसने लिखा।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पोस्ट में अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों को टैग किया गया था, जिनमें ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स और विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल थे। इससे इस बात की अटकलें और तेज हो गईं कि यह सब किसी आपसी तालमेल के तहत किया गया था। यह भी सवाल उठाया गया कि किसी देश के प्रधानमंत्री की टीम ड्राफ्ट मैसेज में अपने ही देश का नाम क्यों लिखेगी। कुछ यूजर्स ने दावा दिया कि यह शब्द अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दिए गए होंगे।
‘फोर्ब्स’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संदेश की बारीकी से जांच की गई, क्योंकि उनकी अपील का शुरुआती ड्राफ्ट देखकर ऐसा लग रहा था कि इसे पाकिस्तान के बाहर की किसी संस्था ने लिखा है।
‘द डेली बीस्ट’ की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहबाज शरीफ ने बाद में एक संशोधित बयान जारी किया, जिसमें ‘ड्राफ्ट’ वाला संदर्भ हटा दिया गया था और उनके कार्यालय ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोधों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी का करेंगे लोकार्पण

New Delhi : Prime Minister Narednra Modi addresses a programme marking 20 years of completion of SWAGAT initiative in Gujarat through video conferencing onThursday, April 27, 2023. (Photo:IANS/Video Grab)
जयपुर, 8 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा में स्थित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। यह एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है।
अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर यह जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री के राज्य दौरे पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करने के लिए राजस्थान की धरती पर आ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मुझे यह जानकारी देते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व की अनुभूति हो रही है कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, हम सभी के मार्गदर्शक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल 2026 को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण के लिए वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। यह रिफाइनरी मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के आर्थिक कायाकल्प और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाली ‘भाग्यरेखा’ सिद्ध होगी। प्रधानमंत्री का राजस्थान की समस्त जनता की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।”
गौरतलब है कि यह रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है। पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक रिफाइनिंग सुविधाओं में से एक है और बीएस-वीआई मानकों का पूर्णतया पालन करती है।
विशेषता यह है कि इस साइट पर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल संयंत्र दोनों एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। ‘जीरो लिक्विड एफ्लुएंट डिस्चार्ज’ परियोजना के रूप में डिजाइन की गई यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि कच्चे तेल के शोधन प्रक्रिया के दौरान कोई तरल अपशिष्ट उत्सर्जित न हो, जो पर्यावरण संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रिफाइनरी की वार्षिक कच्चे तेल प्रसंस्करण क्षमता नौ मिलियन टन है, साथ ही इसमें दो मिलियन टन क्षमता वाला एक एकीकृत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है।
लगभग 80,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने और आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शोधन प्रक्रिया और पेट्रो-आधारित उत्पादों के उत्पादन से क्षेत्र में माल ढुलाई में भी वृद्धि होगी। इस विकास को गति देने के लिए बालोतरा और पचपदरा के बीच संपर्क को पुनर्जीवित करने की योजनाएं चल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 28 फरवरी को अजमेर का दौरा किया था। वे पिछले दो महीनों में दूसरी बार राजस्थान का दौरा कर रहे हैं। अजमेर दौरे के दौरान उन्होंने राज्य भर में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।
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