अपराध
चीन के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन में इजाफा
भारतीय सेना पहली बार सीमा पर विशिष्ट चुनौतीपूर्ण हालात का सामना कर रही है। एक तरफ भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना के सामने गंभीर स्थिति में है और इसी बीच इसे पाकिस्तानी सेना की तरफ से सीमा पर लगातार संघर्षविराम उल्लंघन का सामना करना पड़ रहा है।
चीन पूर्वी लद्दाख में अपनी विस्तारवादी नीति को आगे बढ़ाते हुए यथास्थिति को बदलने पर उतारू है, जिसकी वजह से हाल ही में भारत और चीन के बीच युद्ध जैसे हालात भी बन चुके हैं। इस बीच पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र में गोलाबारी को बढ़ा दिया है और वह लगातार एलओसी पर युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इससे भारत के लिए दो मोर्चे पर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
पिछले महीने जब भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवाद में उलझे हुए थे, उस समय पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में एलओसी के पास गोलाबारी बढ़ा दी।
एलएसी के पास गलवान घाटी में 15 जून की रात भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। उसी समय पाकिस्तान ने एलओसी के विभिन्न हिस्सों से लगभग 13 से 14 संघर्ष विराम उल्लंघन किए थे।
जून में संघर्ष विराम उल्लंघन के कुल 411 मामले सामने आए। मई में संघर्ष विराम उल्लंघन के 382, अप्रैल में 387, मार्च में 411, फरवरी में 366 और जनवरी में कुल 367 संघर्ष विराम उल्लंघन हुए हैं।
2019 की पहली छमाही में संघर्ष विराम उल्लंघन का आंकड़ा इस संख्या से लगभग आधा रहा था। पिछले वर्ष जनवरी में 203 संघर्ष विराम उल्लंघन हुए थे, जबकि फरवरी में 215, मार्च में 267, अप्रैल में 234, मई में 221 और जून में 181 संघर्ष विराम उल्लंघन दर्ज किए गए थे।
कुल मिलाकर 2019 में संघर्ष विराम उल्लंघन की 3,168 घटनाएं सामने आई थी। वहीं 2018 में लगभग 1,629 संघर्ष विराम की घटनाएं देखी गईं।
भारत ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान ने सीमा पार से गोलीबारी बढ़ा दी थी।
पिछले साल अगस्त में संघर्ष विराम उल्लंघन के 307 मामले सामने आए। सितंबर में यह आंकड़ा 292 था और अक्टूबर में अचानक गोलीबारी बढ़ गई और संघर्ष विराम का आंकड़ा बढ़कर 351 हो गया। नवंबर में इसकी संख्या 304 और दिसंबर में 297 थी।
अपराध
मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

gas
मुंबई, 28 मार्च : ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध के बाद से अचानक गैस सिलेंडरों के लिए मारामारी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट से जुड़ी चिंताओं के बीच कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में चोर डिलीवरी वाहन का ताला तोड़कर 27 सिलेंडर ले गए।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना 25 और 26 मार्च की दरमियानी रात को हुई। आरोपियों ने गैस वितरण के लिए इस्तेमाल होने वाले एक टैंपो को निशाना बनाया और 27 सिलेंडर लेकर फरार हो गए। इनमें पांच भरे हुए और 22 खाली सिलेंडर थे।
मुंबई पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ चारकोप पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
मलाड पश्चिम के जय जनता नगर के निवासी शिकायतकर्ता नंदकुमार रामराज सोनी (35) पिछले सात वर्षों से चारकोप में श्रीजी गैस सर्विस के साथ डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
वह टैंपो का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर पहुंचाता है। 25 मार्च को नंदकुमार ने अपनी रोजाना की डिलीवरी का काम पूरा किया और फिर रात करीब 11 बजे घर लौटने से पहले टैंपो को चारकोप इलाके में खड़ा कर दिया। वाहन में अगले दिन वितरण के लिए रखे गए सिलेंडर लदे हुए थे।
जब वह 26 मार्च को सुबह करीब 8 बजे उसी जगह पर वापस आए, तो उन्होंने पाया कि वाहन के साथ छेड़छाड़ की गई है। टैंपो की खिड़की का शीशा टूटा हुआ था और पीछे का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर नंदकुमार ने पाया कि सभी सिलेंडर चोरी हो चुके थे। चोरी हुए सिलेंडरों की कुल कीमत लगभग 15,500 रुपये आंकी गई है।
शुरुआत में नंदकुमार ने अपने सहकर्मियों से संपर्क करके यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या सिलेंडरों को किसी और जगह ले जाया गया है, लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति वाहनों के साथ नजर आए हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
जांचकर्ता चोरी हुए सिलेंडरों का पता लगाने के लिए स्क्रैप बाजारों और अवैध गैस व्यापार नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रहे हैं।
अपराध
मुंबई : विदेशी नागरिक से लूट के मामले में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

मुंबई, 28 मार्च : मुंबई के जूहू इलाके में दो पुलिस कांस्टेबल एक फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर उससे 10,000 अमेरिकी डॉलर लूटने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि लूटी गई रकम अभी तक बरामद नहीं हो सकी है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपी अब भी फरार है, उनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप शिंदे (33) और गजेंद्र राजपूत (40) के रूप में हुई है। दोनों क्रमशः बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना 25 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है। पीड़ित बांद्रा स्थित एक फॉरेक्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत है। वह जूहू इलाके में विदेशी मुद्रा देने पहुंचा था। इसी दौरान जूहू सर्कल के पास आरोपियों ने उसे एक एर्टिगा कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया। कार के अंदर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी पीड़ित को दहिसर ले गए, जहां उससे 10,000 डॉलर से भरा बैग छीन लिया गया। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित की लगातार पिटाई भी की गई। हालांकि, पीड़ित ने शोर मचाया और आसपास के लोग आ गए। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई।
लोगों को आता देख आरोपी भगाने लगे लेकिन पुलिस एक ही आरोपी की गिरफ्तार कर पाई जबकि दूसरा भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव से लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दूसरे आरोपी गजेंद्र राजपूत को ठाणे स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, उगाही, डकैती और सरकारी कर्मचारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अपराध
महाराष्ट्र विधानसभा के फर्जी एंट्री पास मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

CRIME
मुंबई, 27 मार्च : महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने का मामला सामने आया है। मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान एंट्री के लिए नकली पास बनाने की बात सामने आई थी। इस मुद्दे को राज्य सरकार में मंत्री उदय सामंत ने भी उठाया था। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
मरीन ड्राइव पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की पहचान केशव गुंजल (53), गणपत भाऊ जावले (50), नागेश शिवाजी पाटिल (42), मनोज आनंद मोरबले (40) और स्वप्निल रमेश तायडे (40) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि आरोपी दत्तात्रय गुंजाल को पास दिया गया था। उस पर कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय सलाहकार लिखा था। विधानभवन पुलिस को इस पास पर शक हुआ और उसके बाद पूछताछ शुरू की गई। इसके बाद विधानभवन पुलिस की जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आया। एक शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए मामले में कुछ अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इसमें अभी तक कहीं भी पैसे के लेन-देन की बात सामने नहीं आई है, लेकिन मरीन ड्राइव पुलिस आगे की जांच कर रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च को संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 मार्च को सदन में बजट पेश किया।
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