अंतरराष्ट्रीय
आईसीसी यू-19 पुरुष विश्व कप 2022 में द. अफ्रीका के खिलाफ ओपनिंग करेगा भारत
वेस्टइंडीज पहली बार आईसीसी अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप के 14वें संस्करण की मेजबानी करेगा, जिसमें 16 टीमें कैरेबियन की यात्रा करेंगी। चार मेजबान देशों में 14 जनवरी से 5 फरवरी तक 48 मैच होंगे। मुकाबला करने वाली सोलह टीमों में बांग्लादेश, इंग्लैंड, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात ग्रुप ए के रूप में देखेंगी, जिसमें नवोदित युगांडा को भारत, दक्षिण अफ्रीका और आयरलैंड के साथ ग्रुप बी में रखा जाएगा। ग्रुप सी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और पापुआ न्यू गिनी शामिल हैं और ग्रुप डी मेजबान वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को देखता है।
न्यूजीलैंड ने अपने घर लौटने पर नाबालिगों के लिए व्यापक अनिवार्य संगरोध प्रतिबंधों के कारण वापस लेने के बाद स्कॉटलैंड ने ग्रुप डी में टूर्नामेंट लाइनअप को पूरा किया।
चार मेजबान देशों की पुष्टि एंटीगुआ और बारबुडा, गुयाना, सेंट किट्स एंड नेविस और त्रिनिदाद और टोबैगो के रूप में की गई है, जिसमें दस स्थानों पर मैचों की मेजबानी की जाएगी। प्रारूप में चार समूहों में से प्रत्येक से शीर्ष दो टीमें सुपर लीग में आगे बढ़ेंगी, जबकि शेष टीमें 23 दिनों की प्रतियोगिता में प्लेट में शामिल होंगी।
48 मैचों का कार्यक्रम मेजबान वेस्टइंडीज के ऑस्ट्रेलिया से शुरू होगा, जिसमें श्रीलंका का सामना 14 जनवरी को गुयाना में स्कॉटलैंड से होगा। ग्रुप चरण 14 से 22 जनवरी के बीच गुयाना, सेंट किट्स एंड नेविस और त्रिनिदाद और टोबैगो में होगा।
त्रिनिदाद और टोबैगो जनवरी 25 और 31 के बीच प्लेट प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा, जिसमें सुपर लीग 26 जनवरी से एंटीगुआ और बारबुडा में होगी। सेमीफाइनल 1 फरवरी को दो स्थानों पर खेला जाएगा। 2 फरवरी को सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड और कूलिज क्रिकेट ग्राउंड में और 5 फरवरी को फाइनल भी सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड में होगा।
आईसीसी के प्रमुख क्रिस टेटली ने बुधवार को एक बयान में कहा, “हमें खुशी है कि वेस्टइंडीज इस आयोजन की मेजबानी करेगा और हम सभी टीमों को टूर्नामेंट के लिए और क्रिकेट वेस्टइंडीज को इस आयोजन की तैयारियों के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”
वेस्टइंडीज ने 2016 में एक बार खिताब जीता है। भारत ने चार बार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार, पाकिस्तान ने दो बार जबकि इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश ने एक-एक बार खिताब जीता है।
सेंट किट्स एंड नेविस और गुयाना में नौ से 12 जनवरी के बीच 16 अभ्यास मैच होंगे।
आईसीसी यू-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप ग्रुपिंग :
ग्रुप ए – बांग्लादेश, इंग्लैंड, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात
ग्रुप बी – भारत, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा
ग्रुप सी – अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पापुआ न्यू गिनी, जिम्बाब्वे
ग्रुप डी – ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज
स्थान :
सेंट किट्स एंड नेविस – वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, कोनारी क्रिकेट सेंटर, (सैंडी पॉइंट – वार्म-अप मैच स्थल केवल)
गुयाना – गुयाना नेशनल स्टेडियम, (एवरेस्ट क्रिकेट क्लब – वार्म-अप मैच स्थल केवल)
त्रिनिदाद और टोबैगो – ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, क्वींस पार्क ओवल, डिएगो मार्टिन स्पोर्टिग कॉम्प्लेक्स
एंटीगुआ और बारबुडा – सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड, कूलिज क्रिकेट ग्राउंड
कार्यक्रम :
14 जनवरी : वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया, गुयाना नेशनल स्टेडियम, गुयाना, श्रीलंका बनाम स्कॉटलैंड, एवरेस्ट क्रिकेट क्लब, गुयाना
15 जनवरी : कनाडा बनाम यूएई, कोनारी क्रिकेट सेंटर, सेंट किट्स एंड नेविस, भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, गुयाना नेशनल स्टेडियम, गुयाना, आयरलैंड बनाम युगांडा, एवरेस्ट क्रिकेट क्लब, गुयाना, पाकिस्तान बनाम पीएनजी, क्वींस पार्क ओवल, त्रिनिदाद और टोबैगो
16 जनवरी : बांग्लादेश बनाम इंग्लैंड, वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, सेंट किट्स एंड नेविस, अफगानिस्तान बनाम जिम्बाब्वे, डिएगो मार्टिन स्पोर्टिग कॉम्प्लेक्स, त्रिनिदाद और टोबैगो
17 जनवरी : वेस्टइंडीज बनाम स्कॉटलैंड, वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, सेंट किट्स एंड नेविस, ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका, कोनारी क्रिकेट सेंटर, सेंट किट्स एंड नेविस
18 जनवरी : इंग्लैंड बनाम कनाडा, वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, सेंट किट्स एंड नेविस, दक्षिण अफ्रीका बनाम युगांडा, क्वींस पार्क ओवल, त्रिनिदाद और टोबैगो, अफगानिस्तान बनाम पीएनजी, डिएगो मार्टिन स्पोर्टिग कॉम्प्लेक्स, त्रिनिदाद और टोबैगो
19 जनवरी : ऑस्ट्रेलिया बनाम स्कॉटलैंड, कोनारी क्रिकेट सेंटर, सेंट किट्स एंड नेविस, भारत बनाम आयरलैंड, ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद और टोबैगो
20 जनवरी : इंग्लैंड बनाम यूएई, वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, सेंट किट्स एंड नेविस, बांग्लादेश बनाम कनाडा, कोनारी क्रिकेट सेंटर, सेंट किट्स एंड नेविस, पाकिस्तान बनाम अफगानिस्तान, ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद और टोबैगो, जिम्बाब्वे बनाम पीएनजी, डिएगो मार्टिन स्पोर्टिग कॉम्प्लेक्स, त्रिनिदाद और टोबैगो
21 जनवरी : वेस्टइंडीज बनाम श्रीलंका, कोनारी क्रिकेट सेंटर, सेंट किट्स एंड नेविस, दक्षिण अफ्रीका बनाम आयरलैंड, ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद और टोबैगो
22 जनवरी : बांग्लादेश बनाम यूएई, वार्नर पार्क क्रिकेट स्टेडियम, सेंट किट्स एंड नेविस, भारत बनाम युगांडा, ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद और टोबैगो, पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे, क्वींस पार्क ओवल, त्रिनिदाद और टोबैगो
प्लेट और सुपर लीग फिक्स्चर 25 जनवरी से 4 फरवरी के बीच सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड और एंटीगुआ और बारबुडा में कूलिज क्रिकेट ग्राउंड और त्रिनिदाद और टोबैगो में ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, क्वींस पार्क ओवल और डिएगो मार्टिन स्पोर्टिग कॉम्प्लेक्स में।
1 फरवरी : सेमीफाइनल, सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड, एंटीगुआ और बारबुडा
2 फरवरी : सेमीफाइनल, कूलिज क्रिकेट ग्राउंड, एंटीगुआ और बारबुडा
5 फरवरी : फाइनल, सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट ग्राउंड, एंटीगुआ और बारबुडा।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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