राजनीति
बीबीसी कार्यालयों में आईटी सर्वेक्षण को लेकर ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा: “देश में कोई मीडिया नहीं बचेगा”
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा, ”बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित दफ्तरों में आयकर सर्वेक्षण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.” उन्होंने सर्वेक्षण कराने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की और उन पर “राजनीतिक प्रतिशोध चलाने” का आरोप लगाया। बनर्जी ने इस बात पर भी चिंता जताई कि प्रसारक के खिलाफ कार्रवाई से प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है और चेतावनी दी कि जल्द ही देश में कोई मीडिया नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि मीडिया पहले से ही भाजपा के नियंत्रण में है और वह अपनी आवाज नहीं उठा सकती क्योंकि उनका प्रबंधन 24 घंटे के भीतर उनकी सेवा बंद कर देगा। भाजपा की तुलना हिटलर से करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनका एकमात्र जनादेश तानाशाही है और वे हिटलर से भी बदतर हैं। उन्होंने कहा, “मैं लोगों के जनादेश का पालन कर रहा हूं। उनका (बीजेपी) जनादेश कहां है? उन्हें लोगों के जनादेश की परवाह नहीं है। बीजेपी का एकमात्र जनादेश तानाशाही है, (वे) हिटलर से अधिक हैं। मेरी सहानुभूति और मेरा समर्थन है।” मीडिया और बीबीसी,” उसने कहा।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी न्यायपालिका पर भी कब्जा करना चाहती है और कहा कि न्यायपालिका को तटस्थ होना चाहिए क्योंकि केवल न्यायपालिका ही इस देश को बचा सकती है। उन्होंने कहा, “कभी-कभी उन्होंने न्यायपालिका के खिलाफ भी कहा है और वे न्यायपालिका पर भी कब्जा करना चाहते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि न्यायपालिका तटस्थ हो… केवल न्यायपालिका ही इस देश को बचा सकती है।” सूत्रों का कहना है कि आयकर (आई-टी) विभाग ने बुधवार को दूसरे दिन भी दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में अपना सर्वेक्षण जारी रखा। मंगलवार को, I-T विभाग ने ब्रिटिश पब्लिक ब्रॉडकास्टर के स्थानांतरण मूल्य निर्धारण नियमों के साथ “जानबूझकर गैर-अनुपालन” और इसके मुनाफे के विशाल विचलन के मद्देनजर दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में एक सर्वेक्षण किया। कल, सर्वेक्षण के लिए राष्ट्रीय राजधानी के केजी मार्ग और मुंबई के कलिना सांताक्रूज स्थित बीबीसी कार्यालयों में जांचकर्ता पहुंचे।
बीबीसी के मामले में, सूत्रों ने कहा कि वर्षों से उपर्युक्त नियमों का लगातार पालन नहीं किया जा रहा है। उसी के परिणामस्वरूप, बीबीसी को कई नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, बीबीसी लगातार अवज्ञाकारी और गैर-अनुपालन करने वाला रहा है और उसने अपने मुनाफे को काफी हद तक मोड़ दिया है, सूत्रों ने कहा। सूत्रों ने कहा कि आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कर अधिकारियों द्वारा किए गए उपरोक्त अभ्यास को “सर्वेक्षण” कहा जाता है, न कि तलाशी या छापेमारी। सूत्रों ने कहा कि इस तरह के सर्वेक्षण नियमित रूप से किए जाते हैं और तलाशी/छापे की प्रकृति में भ्रमित नहीं होना चाहिए। इन सर्वेक्षणों का मुख्य फोकस कर लाभ सहित अनाधिकृत लाभों के लिए कीमतों में हेराफेरी पर ध्यान देना है। बीबीसी द्वारा मानदंडों का लगातार पालन न करने के कारण ये सर्वेक्षण किए गए हैं, जिससे यह बार-बार अपराधी बन गया है।
इस मामले में, सूत्रों ने कहा कि बीबीसी, “हस्तांतरण मूल्य निर्धारण नियमों के तहत गैर-अनुपालन कर रहा है; स्थानांतरण मूल्य निर्धारण मानदंडों का लगातार और जानबूझकर उल्लंघन करता है; और जानबूझकर लाभ की एक महत्वपूर्ण राशि को हटा दिया गया है और आवंटन के मामले में हाथ की लंबाई व्यवस्था का पालन नहीं किया है। लाभ का।” तदनुसार, बीबीसी द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग रूल्स के उल्लंघन और इसके मुनाफे के डायवर्जन की जांच करने की दृष्टि से सर्वेक्षण आयोजित किए गए हैं। आई-टी विभाग के सर्वेक्षण के बाद, यूनाइटेड किंगडम सरकार के सूत्रों ने कहा कि वे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। यूके सरकार के सूत्रों ने कहा, “हम भारत में बीबीसी के कार्यालयों में किए गए कर सर्वेक्षणों की रिपोर्ट की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।”
इस बीच, बीबीसी ने कहा है कि वह आयकर विभाग के साथ सहयोग कर रहा है, जो नई दिल्ली और मुंबई में अपने कार्यालयों में एक सर्वेक्षण कर रहा है। बीबीसी न्यूज प्रेस टीम ने एक बयान में कहा, “आयकर अधिकारी फिलहाल नई दिल्ली और मुंबई में बीबीसी कार्यालयों में हैं और हम पूरा सहयोग कर रहे हैं।” बीबीसी द्वारा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर एक वृत्तचित्र – ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ जारी करने के कुछ हफ़्ते बाद यह विकास हुआ है, जो विवाद का कारण बना। केंद्र ने पीएम पर विवादास्पद बीबीसी वृत्तचित्र के लिंक साझा करने वाले कई YouTube वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे। मोदी। सुप्रीम कोर्ट ने 3 फरवरी को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने के अपने फैसले से संबंधित मूल रिकॉर्ड पेश करे।
अपराध
कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में बंगाल और दिल्ली में ईडी की छापेमारी, ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप

ED
नई दिल्ली, 8 जनवरी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 स्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि अनूप माजी के नेतृत्व में एक संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसे बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया समेत राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित फैक्ट्रियों और प्लांट्स को बेचता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवैध कोयले का बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप की कंपनियों को बेचा गया।
ईडी की जांच में हवाला ऑपरेटरों के साथ गहरे संबंध भी उजागर हुए हैं। कई बयानों और दस्तावेजी सबूतों से यह पुष्टि हुई कि कोयला तस्करी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के जरिए लेयरिंग की गई।
इस नेटवर्क में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद मिलने के संकेत मिले हैं। 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत हुई तलाशी में कोयला तस्करी से जुड़े लोग, हवाला ऑपरेटर, और हैंडलर शामिल पाए गए हैं।
गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। सर्च के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस के हस्तक्षेप से जांच में बाधा पहुंची और कुछ जगहों से भौतिक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा लिए गए।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है, किसी राजनीतिक संस्था या पार्टी कार्यालय को निशाना नहीं बनाया गया है और इसका किसी चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने 28 नवंबर 2020 को ईसीआईआर दर्ज किया था। जांच अनूप माजी और अन्य के खिलाफ चल रही है। यह कार्रवाई सीबीआई कोलकाता की एफआईआर संख्या आरसी0102020ए0022 27 नवंबर 2020 के आधार पर की गई। इस मामले में जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
मुंबई: ट्रेनों में देरी और अचानक रद्द होने से ट्रांस-हार्बर लाइन का कार्यक्रम पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।

ठाणे: ट्रांस-हार्बर लाइन पर चलने वाली लोकल ट्रेनें 15 से 20 मिनट देरी से चल रही हैं। इस वजह से सुबह के व्यस्त समय में ठाणे, दीघा और ऐरोली समेत कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। इसके अलावा, सुबह 8:56 बजे ठाणे रेलवे स्टेशन से वाशी जाने वाली ट्रेन अचानक रद्द होने से भी यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्री समय पर अपने कार्यस्थल नहीं पहुंच पाए।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय और कारखाने नवी मुंबई में स्थित हैं। इसलिए, ठाणे से लेकर कर्जत, कसारा, मुलुंड, भांडुप क्षेत्रों तक के लाखों कर्मचारी ठाणे रेलवे स्टेशन से ट्रांस-हार्बर मार्ग के माध्यम से नवी मुंबई की यात्रा करते हैं। साथ ही, नवी मुंबई से ठाणे आने वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक है। इसी कारण सुबह के समय ठाणे रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ रहती है।
गुरुवार सुबह से इस रूट पर ट्रेनें 15 से 20 मिनट देरी से चल रही हैं। इसके चलते पूरा रेलवे टाइम टेबल गड़बड़ा गया है और मुख्य स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ है। सुबह के समय बड़ी संख्या में कर्मचारी ठाणे स्टेशन से नवी मुंबई जाते हैं। हालांकि, रोजाना सुबह 8:56 बजे ठाणे स्टेशन से वाशी जाने वाली ट्रेन अचानक रद्द कर दी गई। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद भी सभी ट्रेनें 15 से 20 मिनट देरी से चल रही हैं।
इस वजह से ठाणे, दीघा और ऐरोली समेत कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह के व्यस्त समय में रेलवे सेवाओं के बाधित होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्री समय पर अपने कार्यस्थल नहीं पहुंच पाए, जबकि कुछ को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। एक नाराज यात्री ने कहा कि सुबह-सुबह इस तरह की गड़बड़ी के कारण हमारी सारी योजना धराशायी हो गई। रेलवे प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
यात्रियों की प्रतिक्रिया: इस रूट पर रेलगाड़ियों का समय कल रात से पूरी तरह बिगड़ गया है। ठाणे से वाशी काम के सिलसिले में यात्रा करने वाले एक यात्री ने बताया कि वाशी से ठाणे के लिए रोजाना रात 8:50 बजे चलने वाली ट्रेन कल रात 9 बजे के बाद भी नहीं आई।
अपराध
रांची: कार से कुचलकर युवक की हत्या मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

रांची, 8 जनवरी: रांची के लालपुर चौक स्थित एक डिस्को बार के बाहर कार से कुचलकर युवक की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वारदात को अंजाम देने वाली कार का चालक रोशन गुप्ता ही था, जिसने जानबूझकर युवक को कुचल दिया।
दरअसल, 4 जनवरी की रात करीब 9 बजे गढ़वा जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिगांवा गांव निवासी अरुण सिंह का पुत्र अंकित कुमार सिंह (26) अपने मामा सत्यप्रकाश सिंह और दोस्तों के साथ रांची के लालपुर स्थित मून डिस्को बार गया था। रात करीब 12 बजे जब सभी बार से बाहर निकले, तभी दूसरे समूह के कुछ लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी एक सफेद रंग की कार से अंकित और उसके दोस्तों को जोरदार धक्का मारा गया, जिससे अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी आकाश कुमार भी जख्मी हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने दोबारा कार चढ़ाकर अंकित को कुचल दिया और मौके से फरार हो गए। घायल अंकित को इलाज के लिए रांची के सदर अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रिम्स रेफर किया गया। हालांकि, रिम्स पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद भय और दहशत के कारण मृतक के मामा सत्यप्रकाश सिंह और उसके दोस्त शव को लेकर गढ़वा चले गए। इसके बाद, अगले दिन यानी 5 जनवरी को गढ़वा थाना में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई और गढ़वा सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद कांड से संबंधित सभी दस्तावेज आगे की कार्रवाई के लिए लालपुर थाना, रांची भेज दिए गए।
मृतक के दोस्त अर्णव उर्फ सेजल ने इस घटना को लेकर रमनदीप सिंह (लेस्लीगंज, पलामू), रोशन गुप्ता, अंशुल, विक्की खान समेत चार-पांच अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सफेद रंग की कार (नंबर जेएच 01 जीडी 2216) को रोशन गुप्ता नामक युवक चला रहा था और उसी ने जानबूझकर अंकित को कुचला।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रोशन गुप्ता गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत काला खजूरी गांव का निवासी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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