अंतरराष्ट्रीय
सितंबर में जीएसटी संग्रह 95,480 करोड़ रुपये रहा
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सितंबर में 95,480 करोड़ रुपये रहा। सितंबर के जीएसटी संग्रह में पिछले महीने अगस्त के संग्रह से काफी वृद्धि देखने को मिली है। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई। अगस्त में सकल जीएसटी संग्रह 86,449 करोड़ रुपये रहा।
वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “सितंबर 2020 के महीने में सकल जीएसटी राजस्व 95,480 करोड़ रुपये रहा। इसमें केंद्रीय जीएसटी 17,741 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 23,131 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 47,484 करोड़ रुपये (माल के आयात से प्राप्त 22,222 करोड़ रुपये समेत) और उपकर 7,124 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्र 788 करोड़ रुपये सहित) रहा।”
सरकार ने नियमित निपटान के रूप में एकीकृत जीएसटी से केंद्रीय जीएसटी को 21,260 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी को 16,997 करोड़ रुपये दिए। नियमित निपटान के बाद सितंबर 2020 महीने में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अर्जित कुल राजस्व केंद्रीय जीएसटी के लिए 39,001 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी के लिए 40,128 करोड़ रुपये रहा।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सितंबर 2020 का जीएसटी संग्रह पिछले साल के इसी महीने के कुल जीएसटी संग्रह से चार प्रतिशत अधिक है। इस साल सितंबर में सालभर पहले की तुलना में माल के आयात से एकत्र कर 102 प्रतिशत और घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व संग्रह 105 प्रतिशत रहा।
अंतरराष्ट्रीय
फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

नई दिल्ली, 9 जून: दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
भूकंप में करीब 500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अनेक क्षेत्रों में स्कूलों तथा उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। भूकंप के बाद जापान सहित कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
फिलीपींस के सिविल डिफेंस कार्यालय की प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया कि साउथ कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह पोर्ट सिटी 7 लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कम से कम 12 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। अधिकांश मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुई हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलीपींस नेशनल पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि वे घटना से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और रेस्टोरेंट की बिल्डिंगें गिर गईं। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
फिलीपींस में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद स्कूल खुले ही थे कि यह शक्तिशाली भूकंप आ गया। कई स्कूलों के सर्विलांस फुटेज में भूकंप के दौरान जोरदार झटके दिखे। शिक्षकों और छात्रों को या तो तुरंत निकाला गया या वे डेस्क के नीचे छिप गए। देश के शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों पर असर पड़ा है, उनमें 5,800 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लास रोकने का आदेश दिया गया है।
जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पूरी सुरक्षा जांच के लिए स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑपरेशन रोक दिया। तीन एयरलाइनों ने कुल 17 घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दीं। सिविल एविएशन अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेकऑफ ऑपरेशन अभी सोमवार दोपहर 3 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक सरकारी, मिलिट्री और मानवीय मदद वाली उड़ानों तक ही सीमित हैं।
अंतरराष्ट्रीय
एक दूसरे के खिलाफ तुरंत हमले रोकें इजरायल और ईरान: ट्रंप

वाशिंगटन, 8 जून: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। बेहद कम शब्दों में उन्होंने ट्रुथ सोशल के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को “फौरन शूटिंग (गोलीबारी)” बंद करनी चाहिए।
2 महीनों की सीजफायर के बाद रविवार को ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल दागे गए। जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव ने भी तेहरान के कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिसमें कारून पेट्रोकेमिकल्स प्लांट भी शामिल था।
ट्रंप ने इससे पहले दोनों देशों से संयंम बरतने को कहा था। उन्होंने अमेरिकी मीडिया आउटलेट फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, “मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। वापस बातचीत की मेज पर आइए और समझौता कीजिए।”
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागने से पहले अमेरिका और ईरान किसी समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा, “हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि इस आने वाले हफ्ते में सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।”
अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करेंगे और उनसे जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करेंगे।
ट्रंप ने कहा, “मैं अभी बीबी (नेतन्याहू) को फोन करने वाला हूं और उनसे कहूंगा कि जवाबी हमला न करें। दोनों पक्ष अपना-अपना कदम उठा चुके हैं। इजरायल ने हमला किया और ईरान ने भी जवाब दिया। अब हमें और टकराव की जरूरत नहीं है।”
क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों, सैन्य जवाबी कार्रवाइयों और क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है। इजरायली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने स्पष्ट कहा है कि ये हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले न रोकने का परिणाम है।
अंतरराष्ट्रीय
मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

बगदाद, 8 जून: इराक की शिया मिलिशिया ‘कताइब हिज्बुल्लाह’ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होता है, तो वह इराक और पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे।
समूह ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा, “अगर अमेरिका इस टकराव में हस्तक्षेप करता है, तो हम इराक और क्षेत्र में उसके ठिकानों और हितों पर हमला करेंगे।”
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार शाम ईरान ने इजरायल की ओर कई चरणों में मिसाइलें दागीं। उत्तरी इजरायल के बड़े हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने इन मिसाइल हमलों को रोक लिया। इस बीच, इराक के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने देश का हवाई क्षेत्र 72 घंटों के लिए अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है।
मिसाइल हमलों के कारण उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बज उठे। फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि उसने इजरायल के रामत डेविड एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। उसके अनुसार यह कार्रवाई लेबनान में इजरायल के ‘व्यापक अपराधों’ के जवाब में की गई।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रमुख कमांडर अली अब्दोल्लाही ने रविवार रात कहा कि अगर इजरायल दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिण में स्थित दहियेह इलाके पर अपने हमले बढ़ाता है, या ईरान की कार्रवाई का जवाब देता है, तो उसे और भी ‘कड़े और पछतावा कराने वाले’ हमलों का सामना करना पड़ेगा।
दूसरी ओर इजरायल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान की मिसाइल बौछारों के बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया कि इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। तेहरान अग्निशमन विभाग के हवाले से आईआरएनए ने बताया कि पश्चिमी तेहरान के निवासियों ने तड़के लगभग 4:43 बजे और 4:45 बजे दो धमाकों की आवाजें सुनीं। हालांकि, शहर के किसी भी शहरी क्षेत्र में विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई।
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