राष्ट्रीय
ग्रीन इंडिया पॉलिमर्स ने स्थायी संपत्ति के निर्माण के युग की शुरूआत की
पीईटी फ्लेक्स के क्षेत्र में एक उभरती हुई वैश्विक विपणन, वितरण और परियोजना विकास कंपनी ग्रीन इंडिया पॉलिमर ने स्थायी संपत्ति के युग की शुरुआत की है। ब्रांड दुनिया के अग्रणी निर्माताओं और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उपयोगकर्ताओं के लिए अनुकूल व्यावसायिक समाधानों के माध्यम से मूल्य लाने का पर्याय है और इस साल के अंत तक 8 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य है।
पर्यावरणीय मुद्दे की खतरनाक प्रकृति प्लास्टिक रीसाइक्लिंग उद्योग को सुर्खियों में लाती है। नतीजतन, वैश्विक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग उद्योग के 2020 में 85 बिलियन डॉलर के अनुमानित मूल्य से 2025 तक 110 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
हमारे दैनिक जीवन में प्लास्टिक उत्पादों की प्रचुरता के साथ, इसने मानवता के लिए गंभीर स्वास्थ्य और अपशिष्ट प्रबंधन चुनौतियों का सामना किया है। विश्व आर्थिक मंच के एक अनुमान के अनुसार, हर साल उत्पादित होने वाले 300 मिलियन टन प्लास्टिक में से आधे का उपयोग एकल-उपयोग वाली वस्तुओं के लिए किया जाता है। इसके अलावा, हर साल लगभग आठ मिलियन टन प्लास्टिक हमारे पहले से ही अवरुद्ध महासागरों तक पहुंचता है।
ग्रीन इंडिया पॉलीमर्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक अमित मणि ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग में व्यापक अवसर के बारे में बताते हुए कहा, “प्लास्टिक हमारे जीवन में एक आवश्यक बुराई है। जब तक हम इसके लिए एक अधिक स्थायी रिप्लेसमेंट नहीं प्राप्त करते हैं, तब तक इसकी पहचान करना आवश्यक है। ग्रीन इंडिया पॉलिमर में, हम एक छोटी अवधि में एक लाभदायक व्यवसाय तक पहुंच गए हैं। हालांकि, हम अपने पर्यावरण से प्लास्टिक के पदचिह्न् को कम करने में अपनी भूमिका निभाने में बहुत गर्व महसूस करते हैं।”
ग्रीन इंडिया पॉलिमर अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, मोरक्को, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और मध्य पूर्व में पीईटी फ्लेक्स का एक प्रमुख निर्यातक है।
प्लास्टिक रीसाइक्लिंग को नवोन्मेषी बनाकर एक अधिक टिकाऊ दुनिया की दृष्टि के साथ, कंपनी इसके लिए अथक प्रयास कर रही है।
2018 में लॉन्च किया गया, ग्रीन इंडिया पॉलिमर, एक विनिर्माण और व्यापारिक कंपनी है, जिसका उद्देश्य हरित पर्यावरण है। स्टार्ट-अप सक्रिय रूप से प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के माध्यम से प्रदूषण में कटौती करके सतत विकास की दिशा में काम करता है।
तीन वर्षों के दौरान, ग्रीन इंडिया पॉलिमर्स ने वैश्विक पुनर्चक्रण उद्योग में सबसे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में से एक के रूप में अपने लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया है।
अपने बेंगलुरू मुख्यालय से शुरू होकर, कंपनी दक्षिण एशिया में अनगिनत अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन सुविधाओं में संचालन का निर्देशन करती है। ब्रांड अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, मोरक्को, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और मध्य पूर्व में निर्यात पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
राष्ट्रीय
क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।
अपराध
बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”
जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।
थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
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