व्यापार
सोने की कीमत पहली बार 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार, चांदी ने भी बनाया रिकॉर्ड
gold
मुंबई, 28 जनवरी : सोने और चांदी में ताबड़तोड़ तेजी का दौरा जारी है। बुधवार को इसकी रफ्तार में और इजाफा हुआ, जिससे सोने की कीमत हाजिर बाजार में पहली बार 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 3.58 लाख रुपए प्रति किलो से अधिक हो गई है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 5,734 रुपए बढ़कर ऑल टाइम हाई 1,64,635 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो कि पहले 1,58,901 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,553 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,50,806 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।
18 कैरेट सोने का दाम 1,19,176 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,23,476 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
वहीं, चांदी की कीमत 13,703 रुपए बढ़कर 3,58,267 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 3,44,564 रुपए प्रति किलो थी।
हाजिर बाजार के साथ एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 3.80 प्रतिशत बढ़कर 1,63,697 रुपए हो गया है। चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 6.13 प्रतिशत बढ़कर 3,78,109 रुपए हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बिकवाली देखी जा रही है। सोने का दाम 3.24 प्रतिशत बढ़कर 5,287 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 5.78 प्रतिशत बढ़कर 112 डॉलर प्रति औंस हो गया है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। बाजार की नजर अमेरिका में होने वाली फेड बैठक पर है, जिसमें ब्याज दरों में बदलाव होने की संभावना काफी कम है। इससे सोने की कीमतों में तेजी को सहारा मिलता रहेगा।
अमेरिका से जारी टैरिफ संबंधी अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश विकल्पों में निरंतर निवेश ने इस तेजी को और बल दिया है। हालांकि, इतनी तेज और लंबे समय तक चली तेजी के बाद, सोना अब ओवरहीट जोन में प्रवेश कर रहा है जहां अस्थिरता बढ़ सकती है। जहां रुकावट का स्तर 1,66,000 रुपए के आसपास देखा जा रहा है, जबकि मजबूत सपोर्ट 1,60,000 रुपए के आसपास मौजूद है।
व्यापार
कमजोर ग्लोबल संकेतों से लाल निशान में खुला शेयर बाजार, मेटल स्टॉक्स में बिकवाली

मुंबई, 30 जनवरी : कमजोर ग्लोबल संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 444 अंक या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82,100 और निफ्टी 157 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,261 पर था।
शुरुआती बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल और कमोडिटीज स्टॉक्स कर रहे थे। इस कारण सभी सूचकांको में निफ्टी मेटल और निफ्टी कमोडिटीज टॉप लूजर्स थे। आईटी, मीडिया, एनर्जी, पीएसई, रियल्टी, पीएसयू बैंक और डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में थे। केवल हेल्थकेयर, फार्मा और एफएमसीजी हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, इंडिगो, टाइटन, आईटीसी और सन फार्म गेनर्स थे। टाट स्टील, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एनटीपीस, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 579.75 अंक या 0.99 प्रतिशत की बिकवाली के साथ 57,961.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 182.70 अंक या 1.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,642.30 पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक लाल निशान में थे, जबकि सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को मिलेजुले बंद हुए थे, जिसमें डाओ 0.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ, जबकि नैस्डैक 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक सोना 1.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,250 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 110 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, कच्चे तेल में भी नरमी देखी जा रही है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 64.31 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.51 प्रति बैरल पर था।
राष्ट्रीय
बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण 2026, जीडीपी ग्रोथ पर रहेगी सबकी नजर

नई दिल्ली, 29 जनवरी : केंद्र सरकार गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (इकोनॉमिक सर्वे) पेश करने जा रही हैं। यह सर्वे 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले पेश किया जाएगा। इससे यह साफ होगा कि दुनिया में चल रही अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था की हालत कैसी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। इस दौरान सभी की नजरें चालू वित्त वर्ष 2025-26 और आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान पर टिकी रहेंगी।
इकोनॉमिक सर्वे एक महत्वपूर्ण प्री-बजट दस्तावेज होता है, जिसमें देश की पूरे साल की आर्थिक स्थिति, विकास की रफ्तार और आने वाले समय के छोटे व मध्यम अवधि के आर्थिक अनुमान बताए जाते हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को प्रकाशित एक मीडिया लेख में रुपए की कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य कई आर्थिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
इससे पहले बुधवार को संसद का बजट सत्र शुरू हुआ। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण व्यापक और दूरदर्शी था और इसमें विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही इसमें एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के लिए राष्ट्र की साझा आकांक्षा को प्रतिबिंबित किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में पिछले वर्षों में देश की विकास यात्रा को दिखाया गया है और साथ ही भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी पेश किया गया है।
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में 2026 को ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में राष्ट्र के महत्वाकांक्षी पथ में एक महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि नया सहस्राब्दी के पहले 25 वर्षों में भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और देश ने गर्व के कई पल देखे हैं।
पिछले करीब एक दशक में भारत ने हर बड़े सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है, जिससे भविष्य में तेज विकास की मजबूत संभावना बनी है।
राष्ट्रपति का यह औपचारिक भाषण संसद के अहम दौर की शुरुआत है। इसके बाद 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे और फिर 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा।
व्यापार
भारत-ईयू एफटीए और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार उच्च स्तर पर खुले, सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की उछाल

मुंबई, 28 जनवरी : भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सकारात्मक माहौल और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ उच्च स्तर पर खुले। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स जहां पिछले बंद भाव से 34.88 अंक बढ़कर 81,892.36 पर खुला। तो वहीं निफ्टी 83.45 अंक उछलकर 25,258.85 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.28 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 483.28 अंक या 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,340.76 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 153.45 अंक या 0.61 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,328.85 पर था। इस दौरान निफ्टी के तकरीबन सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
इस दौरान व्यापक बाजार में अच्छी तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई, तो वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ऑटो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स पैक में, एक्सिस बैंक, ट्रेंट, आईटीसी, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, बीईएल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एसबीआई टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि पिछले सत्र में हालिया कमजोरी के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की। निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते निफ्टी50 ने 25,000 के अहम स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी में बैंकिंग, मेटल और चुनिंदा ऑयल एंड गैस शेयरों का अहम योगदान रहा।
इस उछाल के बावजूद, बाजार का रुख मिला-जुला रहा, जिससे पता चलता है कि जोखिम लेने की प्रवृत्ति अभी भी सीमित है। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से कम रहा, जो व्यापक बाजार में निरंतर सतर्कता को दर्शाता है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी फिलहाल अस्थिर और सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 25,300 से 25,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में उभर रहा है। इस दायरे के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर ही शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। नीचे की ओर 25,000 का स्तर मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है, इसके बाद 24,800 अगला अहम स्तर है। अगर निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों से नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और सुधार का दौर लंबा खिंच सकता है। मोमेंटम संकेतक अब भी कमजोर हैं, हालांकि कुछ शेयरों में ओवरसोल्ड स्थिति के चलते सीमित रिकवरी संभव है।
एक्सपर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार के साथ न्यूट्रल से हल्की सकारात्मक चाल देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स को सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने, कंपनियों के नतीजों और सेक्टर-विशेष अवसरों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। वहीं निवेशक भी नए निवेश से पहले अहम सपोर्ट स्तरों के पास बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर समझ सकते हैं।
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