राष्ट्रीय समाचार
गणेशोत्सव 2025: मुंबई में दूसरे दिन 59,407 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन, शहर भर में 288 तालाब स्थापित

मुंबई: गुरुवार को कुल 59,407 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कई भक्त इस उत्सव को डेढ़ दिन तक मनाते हैं, जिसके लिए उत्सव के दूसरे दिन गणपति विसर्जन किया जाता है। आधी रात तक कुल विसर्जनों में से 58,687 घरेलू गणपति प्रतिमाएँ, 697 सार्वजनिक प्रतिमाएँ और 23 हरतालिका प्रतिमाएँ थीं। विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इस साल, बीएमसी ने पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम तालाबों की संख्या बढ़ा दी है। शहर भर में कुल 288 कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 204 थी। यह बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करता है, जिसमें छह फीट से कम ऊँचाई वाली प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने का आदेश दिया गया है। जबकि, इससे ऊँची मूर्तियों को समुद्र में विसर्जित करने की अनुमति है।
अधिकतम कृत्रिम तालाब निम्नलिखित वार्डों में स्थापित किए गए हैं: जी-दक्षिण (वर्ली) में 24 तालाब, ई वार्ड (बायकुला) में 20 तालाब, आर-दक्षिण (कांदिवली) में 18 तालाब, एफ-दक्षिण (परेल) में 17 तालाब, एस वार्ड (भांडुप) में 15 तालाब और पी-दक्षिण (गोरेगांव) में 14 तालाब हैं।
बीएमसी प्रवक्ता के अनुसार, कृत्रिम तालाबों और प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जित की जाने वाली मूर्तियों का विभाजन अभी भी प्रक्रियाधीन है। हालाँकि, उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं ने पर्यावरण-अनुकूल त्योहार मनाने को प्रोत्साहित करने के लिए समुद्र के बजाय कृत्रिम तालाबों को चुना। कई कृत्रिम तालाबों पर, श्रद्धालुओं को अपनी मूर्तियों का विसर्जन ठीक से देखने के लिए बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं।
मुंबई भर में कृत्रिम तालाबों के पास लंबी कतारें देखी गईं, बारिश में भीगते हुए, हाथों में मूर्तियाँ लिए भक्त विसर्जन से पहले अंतिम पूजा करने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे। इस वर्ष कृत्रिम तालाबों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई बाहरी घटना न घटे, साथ ही मंडल के स्वयंसेवकों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
मुंबई मराठा मोर्चा बीएमसी स्वच्छता अभियान

मुंबई: मुंबई के आज़ाद मैदान में मुंबई मराठा मोर्चा के कारण पूरे महाराष्ट्र से प्रदर्शनकारियों के आगमन को देखते हुए, नगर निगम ने मुंबई नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित आज़ाद मैदान में विभिन्न आवश्यक नागरिक सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान की हैं। आज़ाद मैदान और आसपास के क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालय ‘भुगतान करो और उपयोग करो’ के सिद्धांत पर प्रदर्शनकारियों के उपयोग के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदर्शनकारियों के उपयोग के लिए आज़ाद मैदान में कुल 29 शौचालय निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। आज़ाद मैदान से सटे महात्मा गांधी मार्ग पर 10-10 शौचालयों वाले कुल तीन मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। आज़ाद मैदान में मेट्रो स्थल के पास कार्यकारी अभियंता (परिवहन) (पश्चिमी उपनगर) के कार्यालय द्वारा कुल 12 पोर्टेबल शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। और भी शौचालय उपलब्ध कराए जा रहे हैं। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को पीने के पानी के लिए कुल 6 टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। अतिरिक्त टैंकर मंगवाए गए हैं। बारिश के कारण धरना स्थल पर कीचड़ था। नागरिकों को किसी भी प्रकार की हानि से बचाने के लिए, धरना स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर जमा कीचड़ को हटाकर, दो ट्रक बजरी डालकर मार्ग को सुचारू कर दिया गया है। नागरिकों के उपचार एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक चिकित्सा सहायता कक्ष स्थापित किया गया है। 108 एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए, आज़ाद मैदान एवं आसपास के क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव किया गया है। धरना स्थल एवं आसपास के पूरे क्षेत्र की सफाई के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं।
राजनीति
‘फोन ईडी ले गई, इसलिए एक्स पर कर रहा हूं धन्यवाद’, ईडी छापेमारी के बाद बोले सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली, 28 अगस्त। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता सौरभ भारद्वाज के आवास पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। यह कार्रवाई सौरभ भारद्वाज के दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए अस्पतालों के निर्माण से जुड़े कथित घोटाले के सिलसिले में की गई। आप नेता ने ईडी की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने लिखा, “धन्यवाद। मेरा वॉट्सऐप नहीं चल रहा है और मेरा फोन ईडी वाले ले गए हैं, इसलिए ट्विटर के माध्यम से उन सभी को धन्यवाद कर रहा हूं जो मेरे घर के बाहर रात 2:30 बजे तक डटे रहे। एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी), महिला विंग, मेन विंग, यूथ विंग, विधायक, पूर्व विधायक और प्रत्याशी, पार्षद, हमारे नेता और सभी नौजवान से लेकर बुजुर्ग कार्यकर्ता – सबका दिल से धन्यवाद।”
उन्होंने आगे लिखा, “मेरी पार्टी की बहनें रात तक रुकी रहीं, पूरे दिन बारिश में भीगती रहीं, आपका बहुत आभार। रात 2 बजे तक पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह आदि सभी जागे रहे, सभी बार-बार फोन पर पता करते रहे, इससे ज्यादा हमारे परिवार को कुछ नहीं चाहिए। सोशल मीडिया पर हमारे दोस्त केंद्र से लोहा लेते रहे, मन खुश हो गया। आपके आने से मुझे और मेरे परिवार को बहुत ताकत मिली है।”
गौरतलब है कि ईडी की इस कार्रवाई के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) के तमाम नेता केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को परेशान करने और उन्हें डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरी तरफ, सरकार का कहना है कि ईडी पूरी स्वतंत्रता के साथ काम कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय
प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली, 28 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन का दौरा करेंगे। इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात होगी, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगा।
भारत और चीन ने 1 अप्रैल 1950 को राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। लेकिन 1962 के सीमा संघर्ष ने इन संबंधों को झटका दिया। 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चीन यात्रा ने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की शुरुआत की। इसके बाद 2003 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की यात्रा ने विशेष प्रतिनिधि प्रणाली का गठन किया और इसके बाद 2005 में चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की भारत यात्रा ने रणनीतिक और सहयोगात्मक साझेदारी को बढ़ावा दिया।
2014 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा ने घनिष्ठ विकासात्मक साझेदारी की नींव रखी, जबकि 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा ने इस गति को बनाए रखा। दोनों देशों ने 2018 में वुहान और 2019 में चेन्नई में अनौपचारिक शिखर सम्मेलनों के जरिए आपसी विश्वास बढ़ाया। हालांकि, 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव ने संबंधों को प्रभावित किया। 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और जिनपिंग की मुलाकात से रिश्ते और बेहतर हुए।
इस यात्रा से पहले भी दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय मुलाकातें होती रही हैं। 2016 में जी20 हांग्जो और ब्रिक्स गोवा, 2017 में ब्रिक्स ज़ियामेन, 2018 में एससीओ क़िंगदाओ और 2019 में एससीओ बिश्केक और जी20 ओसाका जैसे आयोजनों में दोनों देशों के नेता मिले। 2022 में जी20 बाली में भी संक्षिप्त बातचीत हुई।
सीमा विवाद के समाधान के लिए 2003 से विशेष प्रतिनिधि प्रणाली के तहत 24 दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। हाल ही में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत का दौरा कर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री से मुलाकात की। परामर्श और समन्वय तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 27 बैठकें और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की 19 बैठकें हो चुकी हैं, जिनका फोकस 2020 से लद्दाख में सैनिकों की वापसी पर है। जल संसाधन सहयोग के लिए 2006 से विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र (ईएलएम) काम कर रहा है, जिसकी 14 बैठकें हो चुकी हैं। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग बढ़ाने का एक और अवसर होगी।
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