अंतरराष्ट्रीय
भारत के हाथों मिली पांच रनों की हार एक सबक का काम करेगी : श्रीधरन श्रीराम
बांग्लादेशी टीम के तकनीकी सलाहकार श्रीधरन श्रीराम के अनुसार बांग्लादेश को अपने टी20 विश्व कप अभियान पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड्स और जि़म्बाब्वे पर दो करीबी जीत उन्हें और टीम को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त थीं और भारत के हाथों मिली पांच रनों की हार एक सबक का काम करेगी।
बांग्लादेश के पास रविवार को पाकिस्तान के विरुद्ध जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जाने का मौका है लेकिन इसके लिए उसे अन्य टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना होगा।
श्रीराम ने कहा, “यह टी20 विश्व कप में बांग्लादेश का अब तक का सबसे अच्छा टूर्नामेंट है। हमने बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में सुपर 12 में कभी दो मैच नहीं जीते हैं। लड़कों को खुद पर गर्व होना चाहिए।”
श्रीराम का कहना है कि भारत के खिलाफ जीत के करीब पहुंचना टीम के लिए एक बड़ा पल था। हालांकि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने क्या गंवाया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक नई शुरूआत है। मुझे नहीं पता कि अतीत में क्या हुआ था। हमने नीदरलैंड्स और जि़म्बाब्वे के खिलाफ दो करीबी मैच जीते। हमने भारत के खिलाफ एक करीबी मैच गंवाया लेकिन ऐसा होता है। अगर किसी ने मैच की शुरूआत में कहा होता कि हम भारत से पांच रनों से हारेंगे तो हम उसे स्वीकार करते। हमने भारत को हराने का मौका बनाया था लेकिन हम अंत तक नहीं जा पाए। इतने करीब आकर लड़कों को बहुत आत्मविश्वास मिला।”
श्रीराम ने आगे कहा, “ड्रेसिंग रूम में पांच रन से हारने से सभी निराश थे। उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने कितना सुनहरा मौका गंवा दिया। यह उनके लिए बहुत बड़ी सीख है। यह टीम को काफी आत्मविश्वास देगा कि अगर हम भारत जैसी टीम को चुनौती दे सकते हैं, तो हम ज्यादा दूर नहीं हैं।”
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ बारिश के ब्रेक के बाद बल्लेबाज जल्दबाजी में थे, जब बांग्लादेश ने केवल 5.3 ओवर में 40 रन पर छह विकेट खो दिए। श्रीराम ने कहा, “यह उस संक्षिप्त 15-20 मिनट के लिए काफी उन्मत्त था, जो समझ में आता है। लड़कों पर 9.75 रन प्रति ओवर का दबाव था।”
बांग्लादेश जानता है कि पाकिस्तान क्या करने में सक्षम है, लेकिन श्रीराम का मानना है कि क्राइस्टचर्च में उनकी हालिया भिड़ंत कल के मुकाबले में उनकी मदद करेगी।
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि पाकिस्तान के सामने क्या चुनौतियां हैं। हमने हाल ही में उन्हें न्यूजीलैंड में खेला था। हमें उस दिन उठकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वे बहुत अच्छे पक्ष हैं। हमारे पास दोनों मैचों में अवसर थे जो हमने उनके खिलाफ न्यूजीलैंड में खेले थे। हम दोनों एक दूसरे की ताकत से परिचित हैं। कल यह एक अच्छी प्रतियोगिता होगी।
श्रीराम ने हालांकि कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों ने विश्व कप में कोई गलत तरीका नहीं अपनाया है। ऑस्ट्रेलिया में, हमें उस तरह के ²ष्टिकोण की आवश्यकता नहीं है। एक शक्तिशाली वेस्टइंडीज ने क्वालीफाई भी नहीं किया, इसलिए ऑस्ट्रेलिया में आपका ²ष्टिकोण अलग होना चाहिए। टी20 खेलने के लिए कोई विशेष प्रारूप नहीं है। विकेट, परिस्थितियां सब कुछ तय करती हैं। टी20 क्रिकेट में कोई एक आकार फिट नहीं होता है।
हालांकि श्रीराम अपने भविष्य के बारे में चिंतित नहीं थे क्योंकि तकनीकी रूप से यह उनका अंतिम गेम प्रभार है, जिन्हें केवल विश्व कप के लिए नियुक्त किया गया था। बांग्लादेश अगला टेस्ट और वनडे मैच दिसंबर में भारत के खिलाफ घर में खेलेगा, जहां रसल डोमिंगो के इस टूर्नामेंट में ब्रेक दिए जाने के बाद मुख्य कोच के रूप में वापसी की उम्मीद है।
श्रीराम ने कहा, “एक समय में एक खेल, एक समय में एक टूर्नामेंट। मेरा लक्ष्य अब विश्व कप को अच्छे तरीके से समाप्त करना है। मैंने बहुत आगे के बारे में नहीं सोचा है।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
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