राष्ट्रीय समाचार
किसान संघ ने आज भारत बंद का आह्वान किया है क्योंकि दिल्ली चलो मार्च अभी भी जारी है
किसान यूनियनों ने आज चौथे दिन भी ‘देहली चलो’ विरोध जारी रखा है और आज ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में धारा 144 लागू कर दी गई है और बड़ी सभा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसानों का लक्ष्य विरोध को तेज करना है क्योंकि नोएडा स्थित भारतीय किसान परिषद ने इस देशव्यापी हड़ताल में अपना विरोध बढ़ाने की कसम खाई है।
यह फैसला गुरुवार को सरकार और किसान यूनियन के बीच हुई तीसरी बैठक के बाद आया है. हालाँकि, पाँच घंटे तक चली बैठक में प्रदर्शनकारी किसानों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच सहमति बन सकी, लेकिन अब यह बैठक रविवार को निर्धारित की गई है।भारत बंद आज सुबह 6 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक जारी रहेगा. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारी किसानों के दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच प्रमुख भारतीय सड़कों पर ‘विशाल चक्का जाम’ में भाग लेने की उम्मीद है।
किसानों और मंत्रियों के बीच बैठक से कोई नतीजा नहीं निकला
बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पीयूष गोयल के साथ-साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल हुए। चर्चा के बाद, अर्जुन मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि रविवार शाम 6 बजे होने वाली अगली बैठक में मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जहां दोनों पक्ष एक समाधान तक पहुंचने का लक्ष्य रखेंगे।भगवंत मान ने कहा कि उनके बीच काफी सकारात्मक बातचीत हुई और कई मुद्दों पर सहमति बनी। उन्होंने हरियाणा सरकार पर गतिरोध के दौरान पंजाब में अपनी पुलिस भेजने का आरोप लगाते हुए कहा, किसानों ने आश्वासन दिया है कि वे अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखेंगे।किसानों ने कहा कि सरकार ने एमएसपी और कृषि ऋण माफी जैसे मुद्दों पर आगे चर्चा की मांग की है, लेकिन चर्चा से समय पर समाधान भी निकलना चाहिए। किसान नेता सरवन पंधेर ने कहा, “हमने कहा कि हमें सिर्फ मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए, हमें समाधान भी ढूंढना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें समय चाहिए।”
पुलिस और किसानों के बीच गतिरोध बरकरार रहने के कारण विरोध प्रदर्शन महीनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसानों और पुलिस के बीच तनातनी जारी है क्योंकि किसान दिल्ली तक अपना मार्च जारी रखने के दृढ़ संकल्प पर कायम हैं।विरोध प्रदर्शन महीनों तक चलने की उम्मीद है जिसके लिए किसानों ने भोजन और राशन का ढेर लगा लिया है, मंगलवार को शुरू हुआ मार्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाने, कृषि कानूनों को निरस्त करने और अन्य शिकायतों के समाधान की मांग करता है।
पुलिस के आंसू गैस और पानी की बौछारों का सामना करने के बाद, किसान चंडीगढ़ में तीसरे दौर की वार्ता में शामिल हुए।
राष्ट्रीय समाचार
यूपीआई लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में 13,000 गुना बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हुई : केंद्र

भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई)पर वार्षिक लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में 13,000 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में इनकी संख्या 1.78 करोड़ थी। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से 25 अगस्त, 2016 को यूपीआई को लॉन्च किया था। आज के समय में यह देश के डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन गया है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई लेनदेन की कुल वैल्यू वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 में 0.07 लाख करोड़ रुपए थी। यह बीते एक दशक में करीब 4,000 गुना की बढ़ोतरी दिखाता है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई के बड़े पैमाने, भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को दुनिया भर में पहचान मिली है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने इसे ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है। 2025 तक, दुनिया भर में होने वाले रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत थी।
2026 में यूपीआई की ग्रोथ की रफ्तार और तेज हो गई है। मई में पहली बार यूपीआई लेनदेन की संख्या 2,300 करोड़ के आंकड़े को पार कर 2,320 करोड़ पर पहुंच गई। इसके बाद जुलाई में प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड 2,366 करोड़ लेनदेन हुए, जो इसके दस साल के सफर में सबसे अधिक मासिक लेनदेन का आंकड़ा है।
संस्थागत भागीदारी में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। यूपीआई पर लाइव बैंकों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 तक 703 हो गई, जिसमें पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि मर्चेंट पेमेंट में यूपीआई को काफी ज्यादा अपनाया गया है। कुल लेनदेन की संख्या में पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन का हिस्सा 63 प्रतिशत था, जबकि कुल लेनदेन वैल्यू में पर्सन-टू-पर्सन का योगदान 71 प्रतिशत था।
डेटा से यह भी पता चलता है कि रोजमर्रा के छोटे-मोटे भुगतान के लिए यूपीआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। वित्त वर्ष 26 में लगभग 86 प्रतिशत पी2एम लेनदेन 500 रुपए से कम के थे, जबकि 59 प्रतिशत पी2पी लेनदेन भी 500 रुपए से कम के थे।
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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से मिलीं आकांक्षा चमोला, फराह खान से बोलीं-लॉकअप का अनुभव शानदार

निर्देशक-कोरियोग्राफर फराह खान अपने कुक दिलीप के साथ आकांक्षा चमोला के घर गई थीं, जहां पर अभिनेत्री ने शो के बाद की जिंदगी के बारे में बात की। साथ में उन्होंने यह भी बताया कि वे हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिली हैं। फराह खान के हालिया यूट्यूब वीडियो में दिखाया गया कि वे आकांक्षा चमोला के घर गई हैं, जहां अभिनेत्री और उनकी मां ने फराह खान का स्वागत किया और बातचीत में अभिनेत्री ने फराह खान को इतने दिनों बाद मुलाकात के लिए माफी मांगी।
आकांक्षा चमोला ने कहा, “मैं पिछले कई समय से व्यस्थ चल रही थी इसलिए आपसे मिल नहीं क्योंकि मैं कल ही दिल्ली से आई हूं। अभी हाल ही में मेरी मुलाकात दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से हुई थी, मुझे पता नहीं मैंने लॉकअप में क्या किया है।”
इसके बाद अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने आगे बताया कि उनके अंदर अभिनय की कला पिता से आई है। अभिनेत्री ने हंसते हुए कहा कि उनके पापा बहुत फिल्मी थे और रामलीला में वे सीता का किरदार निभाया करते थे। इसके बाद फराह खान का रिक्शन देखने लायक बनता है, जिसे देखकर आकांक्षा एक्सप्लेन करती कि पहले के जमाने में लड़के ही महिला किरदार निभाते थे।
बातचीत में आकांक्षा चमोला और फराह खान ने ‘लॉकअप-2’ शो के बारे में बात की। बातचीत में फराह ने आकांक्षा से पूछा, “लॉकअप के बाद तुम्हारी जिंदगी कैसी चल रही है, जिस पर आकांक्षा ने कहा कि बहुत ‘हैक्टिक’। आकांक्षा चमोला ने कहा, “‘लॉकअप-2’ से बाहर आने के कुछ दिनों बाद मुझे शो के माहौल से निकलने में थोड़ा समय लगा।”
आकांक्षा चमोला की बात पर सहमति जताते हुए फराह ने कहा कि तुम्हे क्या मेरे साथ भी ही हुआ था। आकांक्षा चमोला ने कहा, “मैं दो रात तक शो नहीं पाई थी। मुझे ऐसा लगता था कि मैं बेंच पर लेटी हूं, आकांक्षा चौधरी और योगेश उनके आसपास घूम रहे हैं।”
इसके बाद आकांक्षा चमोला और फराह खान ने सभी के ‘लॉकअप-2’ में सभी के सीक्रेट पर बात की। उन्होंने शिवांगी के सीक्रेट पर बात करते हुए कहा कि शिवांगी को बाद में एहसास हुआ था कि शो में कुछ बड़ा सीक्रेट रिवील करना पड़ेगा, ब्रेड बटर से काम नहीं चलेगा।
‘लॉकअप-2’ में गौरव खन्ना आकांक्षा चमोला से मिलने गए थे और वहां शो से आकांक्षा को उनके सीक्रेट रिवील करने के बाद के रिएक्शन भी बताए थे। साथ ही, आक्षांका चमोला के घर में चल रहे माहौल पर भी बात की थी।
फराह ने आकांक्षा से पूछा कि शो में गौरव के आने के बाद क्या हुआ था। इस पर आकांक्षा चमोला ने बताया कि गौरव ने उनसे कहा था कि उनके घरवाले शो में सीक्रेट खुलने और गेम को लेकर परेशान हैं। आकांक्षा ने ये भी कहा कि उनके माता-पिता उनके बारे में ज्यादातर बातें पहले से ही जानते थे।
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कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार लाल निशान में बंद; सेंसेक्स 170 अंक फिसला, निफ्टी 24,220 के नीचे

पश्चिम एशिया में जारी तनावों और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि की चिंताओं के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स में 0.22 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि प्रमुख बेंचमार्कों ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की थी।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 171.72 अंक यानी 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 50 32.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,219.05 पर पहुंच गया।
सत्र के दौरान, सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,540.83 से 88.72 अंक यानी 0.11 प्रतिशत चढ़कर 77,629.56 पर खुला और एक समय इसने 248.56 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,789.40 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि बाद में एक समय यह 339.17 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 77,201.66 के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गया।
वहीं, निफ्टी 50 दिन के सत्र में अपने पिछले बंद 24,252 से 33 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,285.05 पर खुला और एक समय इसने 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,313 का इंट्रा-डे हाई तो 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,144.30 का इंट्रा-डे लो छुआ।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.26 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
वहीं सेक्टरवार देखें तो, आईटी, एनर्जी, मेटल और रियल एस्टेट को छोड़कर, अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में बंद हुए, जिनमें पीएसयू बैंक 1 प्रतिशत नीचे, निजी बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.3-0.5 प्रतिशत नीचे रहे।
निफ्टी 50 इंडेक्स में, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और टीएमपीवी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, डॉ. रेड्डीज और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुए।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि अच्छी शुरुआत के बाद घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क नीचे आ गए, क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन कम कर लीं। निफ्टी इंट्राडे में 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था, लेकिन क्लोजिंग के समय उसने इसे फिर से हासिल कर लिया।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि मंगलवार के सत्र में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है, क्योंकि ट्रेडर्स ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे।
यह अहम घटना एनएसई की मंथली एफएंडओ एक्सपायरी के समय ही होगी, जो खुद भी एक अहम घटना है। इसलिए, मंगलवार को मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।
एक्सपर्ट ने कहा कि निचले स्तर पर निफ्टी के लिए सपोर्ट 24,200-24,000 पर है, जबकि ऊपरी स्तर पर, 24,350 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल हो सकता है, जिसके ऊपर जाने पर निफ्टी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है।
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