Connect with us
Friday,09-January-2026
ताज़ा खबर

महाराष्ट्र

फडणवीस का ऐलान, जल्द होगा शिंदे सरकार का शपथ समारोह, कोर्ट की कार्रवाई और मंत्रिमंडल विस्तार का कोई संबंध नहीं

Published

on

महाराष्ट्र में विधायकों की अयोग्यता को लेकर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई आगामी 1 अगस्त को होनी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और अदालत की कार्यवाही का आपस में कोई लेना देना नहीं है। कोर्ट की कार्यवाही और मंत्रिमंडल विस्तार दोनों अलग अलग चीजें हैं। जल्द ही महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अदालत के फैसले का इंतजार न करते हुए हम जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा। दरअसल फडणवीस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से मुखातिब थे। हालांकि उन्होंने अदालत की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने अदालत में काफी अच्छी दलीलें रखीं जो संतोषजनक थी। साल्वे ने अदालत को बताया कि यह मामला संविधान पीठ का है। लिहाजा उनके समक्ष सुनवाई जरूरी है। फडणवीस ने कहा कि हमारा पक्ष मजबूत है और हमें पूरा भरोसा है कि फैसला भी हमारी हक में ही आएगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट की तरफ एक- दूसरे के समर्थक विधायकों को अयोग्य ठहराने की नोटिस दी गयी है। लिहाजा अदालत ने कहा कि किसी भी विधायक को अपात्र ठहराने की कार्रवाई नहीं कि जाएगी।

इस मामले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें रखीं। कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही स्पीकर की कार्यवाही पर रोक लगाई। उसके तुरंत बाद राज्यपाल द्वारा फ्लोर टेस्ट करवाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अयोग्यता की कार्रवाई पर कोर्ट रोक लगा सकता है लेकिन दसवीं अनुसूची के तहत जारी कार्रवाई को कैसे रोका जा सकता है? उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। लिहाजा इसे इसमें जल्द सुनवाई और निपटारे की दरकार है। सिब्बल ने कहा कि जिस दल बदल कानून को रोकने के लिए बनाया गया था। उसी कानून का सहारा लेकर अब महाराष्ट्र में दल बदल को बढ़ावा दिया जा रहा है। कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में देरी लोकतंत्र के लिए खतरा है। ऐसे तो हर राज्य में सरकारों को गिराया जा सकता है।

महाराष्ट्र

अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से बाहर हुई शिवसेना, भाजपा-कांग्रेस का अप्रत्याशित गठबंधन

Published

on

BJP CONGRES

ठाणे: अंबरनाथ नगर परिषद की राजनीति में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मिलकर गठबंधन बनाया, जिससे शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

चुनाव परिणामों में शिवसेना को सबसे अधिक सीटें मिलीं, लेकिन वह पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए भाजपा ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार किया और नगर परिषद में नई सत्ताधारी व्यवस्था स्थापित की।

नए गठबंधन ने विकास और स्थिर प्रशासन को अपना प्रमुख उद्देश्य बताते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में कामकाज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि पारंपरिक राजनीतिक मतभेदों को। गठबंधन के तहत भाजपा को नगर परिषद में प्रमुख पद मिला, जबकि सहयोगी दलों को भी सत्ता में हिस्सेदारी दी गई।

इस घटनाक्रम पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनादेश के साथ विश्वासघात बताया और आरोप लगाया कि सत्ता के लिए वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर दिया गया है। शिवसेना नेताओं ने कहा कि पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी स्थानीय निकायों में अब ऐसे गठबंधन आम होते जा रहे हैं, जहाँ सीटों का गणित और स्थानीय समीकरण राष्ट्रीय या राज्य स्तर की राजनीति से अलग दिशा तय करते हैं।

अंबरनाथ नगर परिषद में बना यह नया सत्ता समीकरण महाराष्ट्र की नगर राजनीति में बदलते रुझानों की ओर इशारा करता है और आने वाले समय में अन्य नगर निकायों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

फुटपाथ से उठाकर विधायक बनाया, लेकिन पार्टी के लिए कुछ नहीं किया: अबू आसिम आज़मी का रईस शेख पर बड़ा हमला

Published

on

मुंबई: (कमर अंसारी) समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में अंदरूनी गुटबाज़ी अब खुलकर सामने आ गई है। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने एक निजी यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पार्टी के भिवंडी से विधायक रईस शेख पर तीखा हमला बोला है। आज़मी ने दावा किया कि उन्होंने रईस शेख को “फुटपाथ से उठाकर समाजवादी पार्टी की सीट पर विधायक बनाया”, लेकिन रईस शेख ने कभी भी पार्टी के हित में कोई काम नहीं किया।

अबू आसिम आज़मी ने आरोप लगाया कि रईस शेख लगातार समाजवादी पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं और उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रईस शेख ने भिवंडी महानगरपालिका और मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू खुद लिए और टिकट वितरण में भी दखल दिया। इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराने के लिए उनके सामने कांग्रेस के उम्मीदवार उतारे गए।

आज़मी के मुताबिक, जब पार्टी ने रईस शेख के भाई को टिकट देने से इनकार कर दिया, तो इसी नाराज़गी के चलते उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने समर्थकों को कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में उतार दिया। अबू आसिम आज़मी ने यह भी आरोप लगाया कि रईस शेख परिवारवाद को बढ़ावा देना चाहते थे, जिसका पार्टी ने विरोध किया और इसी कारण टिकट देने से मना कर दिया गया।

दूसरी ओर, रईस शेख अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वे वास्तव में किस पार्टी के साथ हैं। एक तरफ उनके समर्थन से कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने समाजवादी पार्टी से औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। अबू आसिम आज़मी ने कहा कि जल्द ही जनता के सामने रईस शेख का “दोहरा चेहरा” उजागर हो जाएगा। उन्होंने महानगरपालिका चुनावों के बाद रईस शेख के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।

वहीं, रईस शेख का कहना है कि कई राजनीतिक पार्टियां उनकी अनुमति के बिना उनके फोटो का इस्तेमाल कर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण के किसी भी फैसले में वे शामिल नहीं थे और पार्टी ने उन्हें पहले ही साइडलाइन कर दिया था। रईस शेख के अनुसार, जो उम्मीदवार कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें टिकट कांग्रेस पार्टी ने ही दिया है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है।

इस पूरे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के मुस्लिम वोटर असमंजस की स्थिति में हैं। वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि रईस शेख के समर्थन से उतरे कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट दें या समाजवादी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों को, क्योंकि इस चुनाव में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर कौन किसके साथ है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

मुंबई पुलिस को धमकी भरे फोन कॉल्स से चिंता, पिछले साल कई फोन कॉल्स मिलने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की

Published

on

मुंबई: मुंबई पुलिस के लिए बम की धमकियां सिरदर्द बन गई हैं। पिछले साल यानी 2025 में पुलिस को 16 धमकी भरे फोन कॉल और ईमेल मिले, जिनमें बम की धमकी दी गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। 11 फरवरी 2025 को मोदी के US दौरे के दौरान पुलिस को एक फोन कॉल आया, जिसमें कहा गया था कि मोदी अमेरिका जा रहे हैं और अमेरिकी आतंकवादी मोदी के प्लेन पर बम गिराने वाले हैं। याद रहे, हमने आपको बताया था कि यह वही पैनिक वैली नहीं है, जिसमें छह प्लेन क्रैश हुए थे। उसके बाद पुलिस ने आजाद मैदान में केस दर्ज किया और मामले की पूरी तत्परता से जांच की और विजय घिया को गिरफ्तार कर लिया गया। 2025 में मुंबई पुलिस को ईमेल और फोन कॉल समेत सोशल मीडिया पर 10 कॉल, 6 ईमेल और 4 सोशल मीडिया धमकियां मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही, ईमेल के जरिए सरकारी दफ्तरों और कोर्ट में भी बम धमाके की धमकी दी गई, जिसके बाद सभी कोर्ट की तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी तरह का कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामान या चीज बरामद नहीं हुई। इस धमकी में कई मामले ट्रेस नहीं हुए हैं और यह धमकी फेक साबित हुई है, जबकि बदमाश अक्सर समाज में डर और पैनिक फैलाने के लिए धमकी भरे फोन कॉल करते हैं, जिसके बाद पुलिस ने समय-समय पर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। 25 नवंबर को मुंबई में एयरपोर्ट के पास पैरामाउंट होटल को उड़ाने की धमकी दी गई थी। मोबाइल फोन पर धमकी देने वाले के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने होटल की तलाशी ली लेकिन कोई सामान बरामद नहीं हुआ। इसमें कई मामलों में जांच के बाद NC भी दर्ज किया गया है। आजाद मैदान पुलिस ने कंट्रोल रूम में धमकी देने वाले राम कुमार जायसवाल के खिलाफ NC दर्ज किया है। उसने धमकी दी थी कि दिल्ली में जो धमाका हुआ, वैसा ही मुंबई में भी होगा। क्या आप स्लीपर सेल का मतलब जानते हैं? उसने यह धमकी 25 दिसंबर, 2025 को दी थी।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार1 minute ago

लगातार गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला

खेल6 minutes ago

महिला प्रीमियर लीग 2026: मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच पहला मैच आज, ओपनिंग सेरेमनी में परफॉर्म करेंगे बड़े स्टार्स

राजनीति44 minutes ago

बीएमसी चुनाव 2026: मुंबई के उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति में भारी वृद्धि की घोषणा की, हलफनामों में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ

अपराध17 hours ago

कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में बंगाल और दिल्ली में ईडी की छापेमारी, ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप

मुंबई प्रेस एक्सक्लूसिव न्यूज17 hours ago

स्थानीय निकाय चुनावों से अजित पवार को झटका, गठबंधन नेता चुनाव प्रक्रिया से हटे

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

मुंबई: ट्रेनों में देरी और अचानक रद्द होने से ट्रांस-हार्बर लाइन का कार्यक्रम पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।

अपराध21 hours ago

मोगा कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल मिलने से हड़कंप, परिसर खाली करवाकर पुलिस ने की चप्पे-चप्पे की जांच

अपराध21 hours ago

रांची: कार से कुचलकर युवक की हत्या मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

राजनीति22 hours ago

‘एक्शन पर रिएक्शन होता है तो सरकार के पास कठोर दंड देने का भी सिलेक्शन’, एसटी हसन को दिनेश शर्मा का जवाब

राष्ट्रीय समाचार23 hours ago

लखनऊ: स्कूलों के बाहर जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने की शिक्षा विभाग के साथ बैठक

व्यापार2 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 367 अंक फिसला

अपराध2 weeks ago

मुंबई: रिटायर्ड अधिकारी से 4.10 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

राजनीति4 weeks ago

न्यायपालिका को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: शिवसेना (यूबीटी)

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच उच्च स्तर पर खुला भारतीय शेयर बाजार

महाराष्ट्र1 week ago

अंदरूनी कलह पड़ी भारी, 211 वार्ड में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी खेल

व्यापार3 weeks ago

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें मार्केट में आज की कीमत

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पटना में बढ़ती ठंड पर डीएम का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के समय में बदलाव

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई बिरयानी में ज़्यादा नमक होने पर पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार

व्यापार4 weeks ago

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इन पांच कारण से तेजी को मिल रही हवा

अपराध4 weeks ago

कल्याण: सिद्धेश्वर एक्सप्रेस से 5.5 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी; सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश संदिग्ध दिखे

रुझान