राजनीति
मध्य प्रदेश के विधानसभा उप-चुनाव में अब ‘राष्ट्रवाद’ की एंट्री
मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में तकरार तेज हो गई है। अब तो राष्ट्रवाद की भी एंट्री हो गई है और राजनीतिक दलों को राष्ट्रद्रोही और देशभक्त बताया जाने लगा है।
राज्य में 28 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होना है और यह कांग्रेस और भाजपा के लिए जीने और मरने जैसी लड़ाई है। यही कारण है कि दोनों दल एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। एक तरफ जहां दल-बदल का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर एक दूसरे को घेरने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
एक तरफ जहां आम जनता से जुड़े किसान कर्ज माफी, बिजली बिल, मुआवजा जैसे मुद्दे राजनीतिक दल उठाने में लगे हैं, तो दूसरी ओर व्यक्तिगत हमले भी बोले जा रहे हैं। इन हमलों में अब तो बात गद्दार, बिकाऊ से आगे चलकर राष्ट्रवाद तक पहुंचने लगी है।
राज्य सरकार की मंत्री ऊषा ठाकुर ने तो भाजपा को राष्ट्रवादी और कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी विचारधारा करार देते हुए कहा, भाजपा और कांग्रेस के बीच वैचारिक युद्घ है। ये देशभक्त और देशद्रोही के बीच का चुनाव है जिनको राष्टवादिता से प्रेम था, वे भाजपा के साथ हैं, जो राष्ट्रवाद से विमुख हुए वे कांग्रेस में चले गए।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने कहा है कि यह तो देश जानता है कि देशभक्त और देशद्रोही कौन है, वास्तविकता यह है कि भाजपा जनता का वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी करती है। आगामी समय में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में उसे हार नजर आ रही है, लिहाजा वे जनता का ध्यान बांटने के लिए स्तरहीन बयान दे रही है, जनता सब जानती है और उप-चुनाव में सबक मिलेगा भाजपा को।
राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि उप-चुनाव में तल्खी रहेगी, इस बात के संकेत तो अभी से बयानबाजी में ही नजर आ रहे है। कांग्रेस छोड़कर गए पूर्व विधायकों को जहां कांग्रेस बिकाऊ, गद्दार कह रही है, वहीं भाजपा भी नए नारों और मुद्दों को गढ़ेगी ही। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में बहुत कुछ नया सुनने को मिलेगा, क्योंकि मतदाताओं को अपने जाल में फंसाना तो राजनीतिक दलों का लक्ष्य है।
ज्ञात हो कि राज्य में 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव होने वाले हैं। इन चुनाव में भाजपा को जहां पूर्ण बहुमत पाने के लिए नौ स्थानों पर जीत हासिल करनी है, वहीं कांग्रेस को सभी 28 स्थानों पर जीत जरुरी है। विधानसभा में कुल सदस्य संख्या 230 की है, पूर्ण बहुमत के लिए 116 सदस्य होना जरुरी है। वर्तमान में भाजपा के पास 107 और कांग्रेस के पास 89 सदस्य ही हैं। वहीं चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा का विधायक है।
राजनीति
एनएचआरसी ने महिला पत्रकारों से कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों पर तीन महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है। आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के समय तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।
एनएचआरसी ने कहा कि 5 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली जिला पुलिस को इन घटनाओं से संबंधित शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिला पुलिस को उनकी शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किया गया है।
जंतर-मंतर पर ये प्रदर्शन निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद आयोजित किए गए थे। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
इस बीच, आरोपों के सामने आने के बाद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत ने स्वेच्छा से अनुरोध किया कि कथित उत्पीड़न की पूरी जांच होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक उन्हें अस्थायी वर्तमान ड्यूटी प्रभार पर बने रहने की अनुमति न दी जाए।
इसके बाद दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर को जारी उस आदेश में संशोधन किया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। संशोधित आदेश में विवेक भगत का नाम हटा दिया गया और बाकी 11 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार में शामिल रखा गया।
राजनीति
नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए एकनाथ शिंदे, बोले- महाराष्ट्र की बेबाक आवाज खामोश हो गई

मुंबई : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका जाना अभिनय के एक दिग्गज और महाराष्ट्र की शान के खोने जैसा है।एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र और देश ने एक संवेदनशील और दमदार अभिनेता को खो दिया है। आज महाराष्ट्र का गौरव और मराठी मानुष का सम्मान खो गया है। महाराष्ट्र की बेबाक और तीखी आवाज अब खामोश हो गई है। मैंने एक सच्चा और बड़े दिल वाला दोस्त खो दिया है। इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती। उनके जैसा कलाकार सदी में एक बार ही पैदा होता है। उनका आखिरी सपना कश्मीर में बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू करना था और इसे पूरा करने में हर संभव मदद करना, मैं अपना कर्तव्य मानता हूं। यही नाना पाटेकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि बिना किसी गॉडफादर के सिर्फ अपने हुनर के दम पर उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। बॉलीवुड उनके नाम के आगे नतमस्तक था और उस मुकाम पर रहते हुए भी उन्होंने गर्व के साथ मराठी मानुष के स्वाभिमान और जज्बे को बनाए रखा। वह सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं थे; वे महाराष्ट्र की शान थे। सूखे से जूझ रहे किसानों के आंसू पोंछने के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किया गया उनका काम सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने के काबिल है।”
वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि साफगोई और निडरता – ये गुण उनके व्यक्तित्व की पहचान थे। लेकिन जब से मैं मुख्यमंत्री बना, मैंने हमेशा उनके भीतर एक संवेदनशील इंसान को देखा। जब हमने ‘जलयुक्त शिवार अभियान’ शुरू किया, तो नाना खुद इसके समर्थन के लिए आगे आए। मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की और व्यक्तिगत रूप से गांवों में जाकर काम किया। चाहे किसानों की मदद करना हो या सूखे के समय मदद का हाथ बढ़ाना, वह हमेशा सबसे आगे रहे। इस साल भी, जब हम सूखे का सामना कर रहे हैं, नाना कभी पीछे नहीं हटते – लेकिन वे हमें इतनी अचानक छोड़कर चले गए। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और प्रशंसकों के दुख में शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह जितने शानदार पर्दे पर थे, उतने ही शानदार अपने स्वभाव में भी थे। उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा दौर दिया। उनमें से मुख्य रूप से एक देशभक्त के तौर पर उनकी छवि दर्शकों के दिलों में गहराई तक बसी। ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक, उन्होंने अपने सफर में अभिनय का जो दमदार और बेहतरीन ताना-बाना बुना, उसका कोई सानी नहीं है। इसलिए, एक अभिनेता के तौर पर उनका जाना एक बहुत बड़ी क्षति है।
राष्ट्रीय समाचार
रेलवे में 3,548 पदों पर बंपर भर्ती, 18 से 33 वर्ष के ग्रेजुएट युवाओं के पास सुनहरा मौका

नई दिल्ली : रेलवे में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (ग्रेजुएट) के विभिन्न 3,548 पदों पर रिक्तियों की घोषणा एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके की है।आरआरबी की ओर से जारी कुल 3,548 रिक्तियों में चीफ कमर्शियल-सह-टिकट सुपरवाइजर के 127, गुड्स ट्रेन मैनेजर के 2,750, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट-सह-टाइपिस्ट के 300 और सीनियर क्लर्क-सह-टाइपिस्ट के 371 पद शामिल हैं।इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर तक तय की गई है। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं, आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 8 नवंबर तक तय की गई है। हालांकि, जिन अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र भरते समय कुछ गलती हो जाएगी, उनके लिए फॉर्म में त्रुटि को सुधारने का विंडो मॉडिफिकेशन फीस के साथ 9 नवंबर से 18 नवंबर तक सक्रिय रहेगा।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस के लिए 500 रुपए और एससी/एसटी/पूर्व-सैनिक/पीडब्ल्यूबीडी/महिला/ट्रांसजेंडर/अल्पसंख्यक और ईबीसी के लिए 250 रुपए तय किया गया है।योग्य अभ्यर्थियों का चयन पहला चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी-1), दूसरा चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी-2), दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा जांच के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी चीफ कमर्शियल-सह-टिकट सुपरवाइजर के लिए 35,400 रुपए और अन्य सभी पोस्ट के लिए 29,200 रुपए प्रति माह होगी।
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