महाराष्ट्र
एकनाथ शिंदे कैंप ने सीएम उध्दव ठाकरे को लिखी खुली चिठ्ठी, चिठ्ठी में उध्दव पर निशाना

शिवसेना के बागी विधायकों की अगुवाई कर रहे मंत्री एकनाथ शिंदे ने विधायक संजय शिरशाट के जरिए सीएम उध्दव ठाकरे को खुली चिठ्ठी लिखी है..जिसमें शिंदे ने पिछले ढाई सालों में कांग्रेस-एनसीपी को फायदा तथा शिवसेना के मंत्रियों व विधायकों के खिलाफ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है..एकनाथ शिंदे ने इस चिठ्ठी को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है जो तीन पन्नों की है…
इस चिठ्ठी की शुरूआत शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे को नमन करते हुए लिखा गया है कि पिछले ढाई सालों में आपने शिवसेना के मंत्रियों व विधायकों के साथ सौतेला व्यवहार किया है..इतना ही नहीं वर्षा बंगले में मंत्रियों व विधायको को भी एंट्री नहीं थी..चिठ्ठी में इस बात का जिक्र भी है कि जब कल आपने वर्षा बंगले को छोड़ा तो पहली बार लोगों के लिए ये बंगला खोला गया…यहां लोगों की भीड़ देखकर अच्छा लगा..लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है…संकट के समय में हमेशा विधायकों व मंत्रियों का साथ एकनाथ शिंदे ने दिया है..ऐसे में अब एकनाथ शिंदे का साथ देने जरूरी है…
इतना ही नहीं जब हाल ही में आदित्य ठाकरे अयोध्या गए तो वहां किसी विधायक व मंत्री को लेकर नहीं गए..जबकि हम सभी वहां जाना चाहते थे..क्योकि अयोध्या और हिंदुत्व शिवसेना का मुद्दा था..यहां भी शिवसैनिकों का अपमान किया गया…संजय शिरशाट ने खत में ये भी लिखा है कि अपने क्षेत्र के फंड व कार्यकर्ताओं की हौसलाअफजाई के लिए आप उपलब्ध नहीं होते थे जबकि कांग्रेस-एनसीपी के मंत्रियों के लिए फंड व वर्षा के दरवाजे हमेशा खुले रहे…जबकि अपने ही मंत्रियों व विधायकों को आपके सो काल्ड चाणक्य मिलने नहीं देते थे…हम ये भी जानते हैं कि शायद आपको इसकी जानकारी नहीं दी गई होगी..लेकिन मुख्यमंत्री होने के नाते आपको इन सबकी जानकारी होनी चाहिए थी…
चिठ्ठी में राज्यसभा और विधानपरिषद के चुनावों का जिक्र करके भी सीएम उध्दव ठाकरे पर निशाना साधा गया है..ये भी कहा गया है कि राज्यसभा में शिवसेना एक जुट थी…लेकिन विधानपरिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग इसी नाराज़गी की वजह से हुई है…इस वजह से हम सभी एकनाथ शिंदे के साथ है…
आपको बता दें कि राज्य में मचे इस सियासी तूफान के मद्देनजर कांग्रेस, एनसीपी , शिवसेना और यहां तक कि बीजेपी के खेमों में बैठकों का दौर जारी है..सुबह 11 बजे के बाद एनसीपी की बैठक हुई जिसमें एनसीपी के उध्दव ठाकरे का समर्थन देने की बात दोहराई है…
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
महाराष्ट्र
मुंबई क्लीनअप मार्शल और स्वच्छ मुंबई अभियान समाप्त, नागरिकों से जुर्माना वसूली पर भी रोक, बीएमसी हेल्पलाइन नंबर जारी

मुंबई: मुंबई बीएमसी ने क्लीन-अप मार्शल नीति को खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब शहर की सड़कों से क्लीन-अप मार्शल का नामोनिशान मिट गया है। महानगरपालिका ने क्लीन-अप मार्शल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और स्वच्छ मुंबई मिशन को बंद कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी क्लीन-अप मार्शल नागरिकों को जुर्माना भरने या कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। क्लीन-अप मार्शल के खिलाफ शिकायत के बाद मुंबई बीएमसी ने आज से क्लीन-अप मार्शल की सेवा बंद करने और स्थगित करने का फैसला किया है।
मुंबई महानगरपालिका का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग, कचरा और स्वच्छता विभाग के अंतर्गत, मुंबई में सार्वजनिक स्वच्छता की देखरेख करता है और ‘स्वच्छ मुंबई मिशन’ को 4 अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया है। हालांकि, महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगर इसके बावजूद उन पर कोई जुर्माना लगाया गया है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। क्लीनअप मार्शल के बारे में शिकायत मुंबई नगर निगम के डिवीजनल कंट्रोल रूम में 022-23855128 और 022-23877691 (एक्सटेंशन नंबर 549/500) पर की जा सकती है।
महाराष्ट्र
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक गबन के आरोपियों की संपत्ति जब्त

मुंबई: न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक से करोड़ों रुपये के गबन के मामले में मुंबई आर्थिक शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भी संपत्ति जब्ती की कार्यवाही शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि गबन की रकम से प्राप्त संपत्तियों की पहचान करने के बाद उसे कुर्क कर जब्त कर लिया गया है। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों की 21 अचल संपत्तियां पाई गई हैं, जिन्हें कुर्क करने की अनुमति दी गई है।
मुंबई शहर में 107 बीएनएसएस के तहत यह पहली कार्रवाई है जिसमें आरोपियों की संपत्ति जब्त की गई है। मुंबई एओडब्ल्यू ने कहा कि जब्त संपत्तियों से बरामद राशि का भी अनुमान लगाया जाएगा। मुंबई में हुए बैंक घोटाले के बाद ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है और आरोपियों की अन्य संपत्तियों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
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