राजनीति
बंगाल के आखिरी चरण में सुबह-सुबह बंपर वोटिंग
भीषण गर्मी और कोविड महामारी के बावजूद लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बड़ी संख्या में घरों से बाहर आए। मतदान के अंतिम चरण के पहले घंटे में चार जिलों में फैले 35 निर्वाचन क्षेत्रों में 16.04 प्रतिशत मतदान मतदान हुआ।
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार हालांकि मालदा और मुर्शिदाबाद में उच्च मतदान दर्ज किया गया, उत्तरी कोलकाता और बीरभूम में सुबह 9 बजे तक कम मतदान हुआ।
मालदा जहां छह निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है, वहां 18.97 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद में जहां 11 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले जा रहे हैं वहां 18.86 प्रतिशत शुरूआती मतदान हुआ।
कोलकाता उत्तर में जहां सात निर्वाचन क्षेत्र हैं, वहां केवल 12.89 प्रतिशत मतदान हुआ और बीरभूम के 11 निर्वाचन क्षेत्रों में 13.44 प्रतिशत मतदान हुआ।
अब तक अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों का संबंध है, मुर्शिदाबाद जिले के सुजापुर में सुबह 9 बजे तक सबसे अधिक 21 प्रतिशत मतदान हुआ और दूबराजपुर में पहले दो घंटों में सबसे कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। बीरभूम जिले के इस निर्वाचन क्षेत्र में पहले दो घंटों में केवल 6 प्रतिशत मतदान हुआ।
लोकसभा चुनाव के मापदंडों पर विधानसभा सीटों के विश्लेषण से पता चलता है कि तृणमूल कांग्रेस के पास 19 निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त थी, भाजपा के पास 11 निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त थी और बाकी 5 सीटों पर कांग्रेस का नियंत्रण था। इन 35 सीटों पर वाम मोर्चा की शायद ही कोई छाप थी।
मूल तथ्यों पर करीबी नजर डालने से पता चलता है कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में सेवा मतदाताओं सहित कुल मतदाताओं की संख्या 84,93,255 है, जिनमें 43,70,693 पुरुष मतदाता हैं और 41,22,403 महिला मतदाता हैं।
5,837 मतदान केंद्रों पर 11,860 मतदान केंद्र हैं, जहां 9,216 मुख्य बूथ हैं और बाकी 2,644 सहायक बूथ हैं। 80 प्लस मतदाताओं की संख्या 1,12,440 है जबकि 72,094 पीडब्ल्यूडी (विकलांग व्यक्ति) मतदाता हैं। इस चरण में सेवा मतदाताओं की कुल संख्या 14,981, तीसरे लिंग मतदाता 159 और विदेशी मतदाताओं की संख्या केवल 10 है।
कूचबिहार जिले के शीतलखुच विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 126 पर चुनाव चल रहा है, जहां 10 अप्रैल को चौथे चरण में मतदान के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।
चुनाव आयोग ने पहले ही घोषणा की है कि कुल 11,860 बूथों में से 5,433 बूथ अत्यंत संवेदनशील हैं और इसलिए आठवें चरण के मतदान के लिए 24 सामान्य पर्यवेक्षक, नौ व्यय पर्यवेक्षक और नौ पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। 5,565 फीसदी बूथों में वेबकास्टिंग की सुविधा होगी और 20 फीसदी बूथों में माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे।
आयोग अंतिम चरण के दौरान केंद्रीय बलों की 646 कंपनियों की तैनाती की गई है जिसमें बीरभूम में अपने 11 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 225 कंपनियों की सबसे ज्यादा फोर्स की तैनाती की गई है।
केंद्रीय बलों की दो सौ पंद्रह कंपनियां मुर्शिदाबाद में अपने 11 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल की जा रही है मालदा के 6 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 110 कंपनियां, जबकि उत्तरी कोलकाता में 7 सीटों के लिए 96 कंपनियों की सबसे कम तैनाती की गई है।
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
राजनीति
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने वक्फ संशोधन विधेयक पास होने पर कहा – ‘न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत तय’

नई दिल्ली, 4 अप्रैल। लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जताई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत होगी।
उन्होंने कहा कि 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए।
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। संसद ने ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक – 2025’ को मंजूरी दे दी है, जो दशकों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत करेगा। 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम से अब इसकी पारदर्शिता से निगरानी की जा सकेगी।”
उन्होंने लिखा, “2013 में लाए गए संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में कुल साढ़े 5 घंटे चर्चा हुई थी, जबकि इस विधेयक पर दोनों सदनों में 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने संयुक्त समिति बनाई, जिसमें 38 बैठकें हुईं, 113 घंटे चर्चा हुई और 284 हितधारकों को शामिल किया गया। ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद के पटल पर लाने से पहले मोदी सरकार को देशभर से करीब एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव मिले, जिनका विश्लेषण करने के बाद यह कानून बनाया गया, जो दर्शाता है कि जहां मोदी सरकार मुस्लिमों के साथ खड़ी है, वहीं विपक्ष केवल वोट बैंक की आड़ में गुमराह कर रहा है।”
सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा, “इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। इसे समर्थन देने वाले सभी दलों और सांसदों का भी धन्यवाद। वक्फ बोर्ड को अधिक उत्तरदायी बनाना अनिवार्य था। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे करोड़ों लोगों को न्याय मिलेगा।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ाने के लिए यूपीआई लिंक का दिया प्रस्ताव

बैंकॉक, 4 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के यूपीआई को बिम्सटेक देशों के पेमेंट सिस्टम से जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इससे ग्रुप के सदस्य देशों के बीच व्यापार और पर्यटन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, सात देशों (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड) के समूह की छठी समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय करेंसी में रीजन में व्यापार बढ़ाने के लिए बिम्सटेक चेम्बर ऑफ कॉमर्स स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए
बिम्सटेक समिट में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए बैंकॉक विजन 2030 को अपनाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक समूह के दायरे और क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, गृह मंत्रियों के तंत्र को संस्थागत बनाने का स्वागत किया और भारत में पहली बैठक आयोजित करने की पेशकश की।
उन्होंने आगे कहा कि यह मंच साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा खतरों, आतंकवाद, साथ ही नशीली दवाओं और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस संबंध में, मैं 2025 में इसकी पहली बैठक भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं।
थाईलैंड द्वारा आयोजित बिम्सटेक समिट में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और भूटान के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि एक स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित और संरक्षित हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “आज साइन हुए समुद्री परिवहन समझौते से व्यापारिक नौवहन और माल परिवहन में सहयोग मजबूत होगा और व्यापार में तेजी आएगी।”
विनाशकारी भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की और आपदा की तैयारी, राहत और पुनर्वास पर सहयोग के लिए भारत में बिम्सटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में एक सस्टेनेबल मैरीटाइम ट्रांसपोर्ट सेंटर की स्थापना की भी बात की। उन्होंने कहा, “यह केंद्र समुद्री नीतियों में क्षमता निर्माण, अनुसंधान, नवाचार और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेगा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।”
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