राजनीति
‘सत्ता के नशे में’: बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी की ‘नशे में धुत युवा’ टिप्पणी की आलोचना की
भारतीय जनता पार्टी के नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर उनकी ‘नशेड़ी’ टिप्पणी को लेकर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये लोग, जो अभी भी सत्ता के नशे में हैं, जनता को नशेड़ी कहते हैं, और इसका साफ मतलब है कि सबसे पुरानी पार्टी कितनी हताश है।
“कांग्रेस पार्टी के प्रथम परिवार के ‘युवराज’ की हालत ऐसी है कि आज वो मोदी जी का विरोध करते-करते जनता को गाली देने लगे हैं। कभी रणदीप सुरजेवाला जनता को ‘राक्षस’ कहते हैं तो अब राहुल गांधी वाराणसी के युवाओं को नशा कहते हैं नशेड़ी।ये सत्ता के नशे में जो आज भी लोग हैं, वो जनता को नशेड़ी कहते हैं। इसका साफ मतलब है कि कांग्रेस पार्टी कितनी हताश है।”
उन्होंने कहा, “आज युवा समझ गए हैं कि पीएम मोदी ने स्टार्ट-अप देकर उनकी मदद की है और अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को बढ़ाया है। आज युवा मोदी जी से प्रभावित हैं और राहुल गांधी उनसे नाराज हैं।”
‘नशेड़ी’ टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी का राहुल गांधी पर हमला
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘शराबी युवा’ टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की और कहा कि वह उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘नशेड़ी’ शब्द को सुनकर “स्तब्ध” हो गए।उन्होंने कहा, “कांग्रेस ‘शाही-परिवार’ के ‘युवराज’ ने काशी और यूपी के युवाओं को ‘नशेड़ी’ कहा है। यह किस तरह की भाषा है? उन्होंने दो दशक मोदी को गाली देने में बिताए हैं, और अब वे (कांग्रेस) अपनी हताशा व्यक्त कर रहे हैं।” उत्तर प्रदेश के युवाओं पर। जिनके आप होश ठिकाने नहीं हैं, वो यूपी के, मेरे काशी के बच्चों को नशेड़ी कह रहे हैं,” प्रधानमंत्री ने कहा।
इससे पहले 20 फरवरी को, लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करने वाले पीएम मोदी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए, राहुल गांधी ने दावा किया था कि चल रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा के एक हिस्से के रूप में मंदिर शहर की अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने लोगों को सड़कों पर नशे में लेटे हुए देखा।
राहुल गांधी ने वाराणसी में युवाओं की आलोचना की
वायनाड सांसद ने अमेठी में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा रात में शराब पीकर ‘यात्रा’ पर हैं।
“मैं वाराणसी गया था और मैंने देखा कि लोग सड़कों पर नशे में धुत्त पड़े थे। उत्तर प्रदेश के युवा रात में शराब पीने के बाद यात्रा पर हैं। दूसरी ओर, राम मंदिर है जहां केवल पीएम मोदी जैसे लोग ही जाते हैं।” राहुल ने कहा, ”अंबानी और अडानी। आप वहां हमारे सभी अरबपतियों को देखेंगे, लेकिन पिछड़े वर्ग या दलित समुदाय से एक भी व्यक्ति नहीं देखेंगे।”
राष्ट्रीय समाचार
दिवाली पर कारोबार में उछाल, दिल्ली का व्यापार 80,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद: सीटीआई

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शनिवार को बताया कि दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान देशभर में कारोबार लगभग 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। जबकि अकेले दिल्ली में लगभग 80,000 करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज होने की संभावना है।
सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि त्योहारी सीजन ने देशभर के व्यापारियों के लिए कारोबार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा किए हैं, क्योंकि स्वदेशी उत्पादों की उपभोक्ताओं के बीच मजबूत मांग देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के जिन व्यापारियों को पिछले महीने रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के कारण कारोबार में बाधाओं का सामना करना पड़ा था, अब दिवाली की खरीदारी के बंपर सीजन से अपने नुकसान की भरपाई करने की उम्मीद कर रहे हैं।
गोयल के अनुसार, अनुमानित 5 लाख करोड़ रुपए के देशभर के कारोबार में दिवाली की खरीदारी और विभिन्न संबंधित सेवाओं से उत्पन्न कारोबार शामिल है।
ऑटोमोबाइल उद्योग की सर्वोच्च संस्था द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में खुदरा ऑटोमोबाइल बिक्री में 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दोपहिया, तिपहिया, वाणिज्यिक वाहन, यात्री वाहन और ट्रैक्टरों की बिक्री में क्रमशः 52 प्रतिशत, 110 प्रतिशत, 48 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े मजबूत उपभोक्ता मांग को दर्शाते हैं और त्योहारी सीजन के दौरान सकारात्मक व्यावसायिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हैं।
गोयल ने आगे कहा कि दिवाली के त्योहार के दौरान किफायती वस्तुओं से लेकर प्रीमियम उत्पादों तक लगभग पांच करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे त्योहारी बिक्री में काफी योगदान मिला।
सीटीआई ने कहा कि उसने होटल और बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्तरां और मॉल एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन, ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन, मेकअप और सैलून एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद अपने अनुमानित व्यावसायिक अनुमान तैयार किए हैं।
व्यापारियों के संगठन ने एक बयान में कहा कि इस साल दिवाली के मौसम में स्वदेशी उत्पादों की खरीद-बिक्री पर विशेष जोर दिया जा रहा है और भारतीय निर्मित वस्तुओं की लोकप्रियता उपभोक्ताओं के बीच बढ़ रही है।
संगठन ने यह भी कहा कि जीएसटी सुधारों से भारतीय उत्पादों को अधिक मान्यता मिली है और स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की मांग मजबूत हुई है।
घर की सजावट के सामान, दिवाली पूजा की सामग्री, मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार पर टांगने वाली वस्तुएं, हस्तशिल्प और शुभ-लाभ और ओम जैसे पारंपरिक शुभ प्रतीक, और उन उत्पादों में शामिल हैं जिनकी मांग देखी जा रही है। देवी-लक्ष्मीो और भगवान गणेश की पूजा से संबंधित वस्तुएं, साथ ही स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल श्रमिकों द्वारा निर्मित सजावटी उत्पाद भी त्योहारी बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है।
इनके अलावा, कई अन्य क्षेत्रों (एफएमसीजी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के उपकरण, रसोई के बर्तन, उपहार वस्तुएं, मिठाई, स्नैक्स, घरेलू साज-सज्जा, वस्त्र, रेडीमेड कपड़े, फैशन परिधान, जूते, घड़ियां, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, सौंदर्य उत्पाद, मोबाइल फोन और सहायक उपकरण शामिल) में भी अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।
त्योहारी मांग पैदा करने वाले अन्य क्षेत्रों में बर्तन, निर्माण सामग्री, लकड़ी और प्लाईवुड, पेंट और कांच, दूध और डेयरी उत्पाद, किराना, अनाज, खाद्य तेल, दालें, साइकिल और सहायक उपकरण, दीवार घड़ियां, गोटा-जरी, साड़ियाँ और पोशाक सामग्री शामिल हैं।
सीटीआई ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी त्योहारी सीजन में लगभग 80,000 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच रैलियां और विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारियों को लगभग 14,000 करोड़ रुपए का अनुमानित व्यापारिक नुकसान हुआ।
गोयल ने कहा कि अब व्यावसायिक गतिविधियां गति पकड़ रही हैं और त्योहारी खरीदारी के लिए दिल्ली भर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है।
उन्होंने बताया कि चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, वज़ीरपुर, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर जैसे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही में वृद्धि देखी जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न कंपनियों के ऑटोमोबाइल शोरूम भी त्योहारी अवधि के दौरान अच्छी बिक्री दर्ज कर रहे हैं।
ग्राहक मोबाइल फोन, उपहार, सजावटी सामान, सूखे मेवे, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू साज-सज्जा सहित कई तरह के उत्पाद खरीद रहे हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी में खरीदारी गतिविधियों में सुधार का संकेत है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई, ठाणे के ठाकुर्ली से 10 लाख के इनामी नक्सली को किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र एटीएस ने कार्रवाई करते हुए ठाणे जिले के ठाकुर्ली इलाके से एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। यह नक्सली झारखंड के जंगलों का रहने वाला है। सूत्रों ने बताया कि यह पिछले 10 दिनों से ठाकुर्ली में रह रहा था। इस नक्सली पर 10 लाख रुपये का इनाम झारखंड सरकार ने रखा था। आरोपी को शनिवार को एटीएस कोर्ट में पेश करेगी।
गिरफ्तार नक्सली का नाम संजय सरोज यादव उर्फ संजय गोदराय उर्फ बुधराम है। इसकी उम्र 45 साल है। यह नक्सली यहां क्यों और किस मकसद से आया था, इसकी जांच की जा रही है।
एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह ठाकुर्ली में किसी संपर्क में था, क्या किसी संगठन के लिए काम कर रहा था या फिर यहां छिपने के इरादे से आया था। पिछले 10 दिनों में उसकी गतिविधियों और मिलने-जुलने वाले लोगों की भी जांच हो रही है।
इससे पहले 24 अक्टूबर को, महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। उस पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का शक था।
आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई थी। उसे एक गुप्त सूचना के आधार पर महाराष्ट्र एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करने की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। एटीएस ने बताया था कि वह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सांप्रदायिक नफरत और राष्ट्र-विरोधी भावनाएं फैलाने की कोशिश कर रहा था। जांच टीम को उसके मोबाइल फोन से ऐसी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी मिली थी।
एजेंसी के मुताबिक, आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप चलाता था। आरोप है कि उसने 1 जून को इस ग्रुप पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो भाषण अपलोड किए थे, जो बाबरी मस्जिद और अन्य मुद्दों से जुड़े थे। एटीएस ने यह भी दावा किया कि वह ‘इब्न-ए-कासिम’ नाम के एक पाकिस्तान-समर्थित चरमपंथी टेलीग्राम चैनल का सक्रिय सदस्य था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो तेल टैंकरों में आग, नियमों के उल्लंघन पर बारूदी सुरंगों से टकराए

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को कहा कि नियमों का उल्लंघन कर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) से टकरा गए, जिसके बाद उनमें आग लग गई।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार एजेंसी सेपाह न्यूज के बयान के अनुसार, उसकी नौसेना ने कहा कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और पहचान संबंधी सिस्टम बंद कर दिए थे। वे जलडमरूमध्य से एक ‘अनधिकृत’ रास्ते के जरिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें अमेरिकी सेना का समर्थन प्राप्त था लेकिन रास्ते में बारूदी सुरंगों से टकराने के कारण उनकी कोशिश नाकाम हो गई।
नौसेना ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अभी बंद है और जब तक अमेरिका ईरान द्वारा रखी गई सात शर्तों को नहीं मानता, तब तक वहां की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से तेल टैंकरों को इस बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर करने की कोशिशों से केवल लगातार और शर्मनाक हार ही मिलेगी।
गुरुवार को भी आईआरजीसी ने बताया था कि पिछली रात दो अलग-अलग घटनाओं में तीन जहाजों, जिनमें दो सुपरटैंकर शामिल थे, में आग लग गई थी। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में स्थित एक गैरकानूनी और अनधिकृत मार्ग से गुजर रहे थे।
एक घटना में एक तेल टैंकर उस गैरकानूनी रास्ते से गुजरते समय नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया और उसमें आग लग गई। दूसरी घटना में एक अन्य तेल टैंकर, जो उसी रास्ते से जलडमरूमध्य छोड़ रहा था, आग लगने के बाद रुक गया। उसकी मदद के लिए पहुंचे एक टगबोट (खींचने वाली नाव) में भी आग लग गई।
आईआरजीसी ने एक अलग अभियान का भी जिक्र किया। उसके अनुसार, उसकी नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाई ने घुसपैठ करने वाले दो मानव रहित लड़ाकू ड्रोन पर नियंत्रण हासिल कर लिया और उन्हें बिना नुकसान के सुरक्षित उतार लिया।
आईआरजीसी ने अमेरिकी सरकार पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को नियमों का उल्लंघन करने और बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुजरने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके कारण अमेरिका और उसके पश्चिम एशियाई सहयोगियों पर बीमा की भारी लागत पड़ रही है, जिसका बोझ अंततः अमेरिकी करदाताओं को उठाना पड़ रहा है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
