Connect with us
Monday,07-September-2026
ताज़ा खबर

जीवन शैली

हल्के में न लें, वायु प्रदूषण गले को कर रहा खराब

Published

on

नई दिल्ली, 20 दिसंबर। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। महीने भर से सिलसिला जारी है हालांकि बीच में कुछ हद तक स्थिति नियंत्रण में थी लेकिन एक बार फिर एक्यूआई ने लोगों की पेशानी पर बल डाल दिया है। प्रदूषण से कान, नाक और गले पर भी बुरा असर पड़ता है। हाल ही में इसे लेकर दिल्ली में एक सर्वे कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य निकल कर सामने आए।

हेल्थकेयर प्रदाता प्रिस्टीन केयर द्वारा कराए सर्वेक्षण में दिल्ली, मेरठ, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, रोहतक, चंडीगढ़, कानपुर आदि शहरों के 56,176 व्यक्तियों को शामिल किया गया। इनमें से लगभग आधे (41 प्रतिशत) ने उच्च प्रदूषण की अवधि के दौरान आंखों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जबकि 55 प्रतिशत ने अपने कान, नाक या गले को प्रभावित करने वाली समस्याओं की बात बताई। इनमें से 38 प्रतिशत ने प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन और सूजन की शिकायत की है। इसके प्रभावित लोगों में आंखें में लालिमा और खुजली जैसे आम लक्षण दिखाई दिए।

लोगों ने प्रदूषण बढ़ने के दौरान इन बीमारियों में वृद्धि का उल्‍लेख किया। इसमें गले में खराश, नाक में जलन और कान में तकलीफ जैसी ईएनटी समस्याएं भी शामिल थीं। इन स्वास्थ्य समस्‍याओं ने दीर्घकालिक चिंताएं पैदा की।

इस सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि ईएनटी समस्‍याओं से जूझ रहे 68 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से परामर्श नहीं करते।

प्रिस्टिन केयर के ईएनटी सर्जन डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया, ”खतरनाक वायु गुणवत्ता सभी के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। बच्चे विशेष रूप से इसके प्रति संवेदनशील हैं। ऐसी हवा के संपर्क में आने से नाक और कान में संवेदनशील श्लेष्म झिल्ली में जलन हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ पुरानी स्थितियां हो सकती हैं। इन सबसे बचने के लिए बाहरी संपर्क को कम करना, मास्क पहनना और हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है। इसके साथ ही आंखों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”

वही प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक डॉ वैभव कपूर ने कहा, “यह जानकर आश्चर्य होता है कि लोग प्रदूषण और स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभाव को कितने हल्के में लेते हैं। आंख और ईएनटी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि के उपायों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। बढ़ते प्रदूषण के स्तर के साथ, व्यक्तियों को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।”

इन चुनौतियों के बावजूद सर्वेक्षण ने जनता के बीच इससे निपटने के उपायों को अपनाने में कमी नजर आई। केवल 35 प्रतिशत ने सुरक्षात्मक आईवियर या धूप का चश्मा पहनने की सूचना दी, और लगभग 40 प्रतिशत ने उच्च प्रदूषण वाले दिनों में ईएनटी से संबंधित मुद्दों के लिए कोई विशेष सावधानी नहीं बरतने की बात स्वीकार की। फिर भी, आधे से अधिक लोगों ने आंखों और ईएनटी स्वास्थ्य पर प्रदूषण के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की।

जीवन शैली

गुजरात में बाढ़ प्रभावित 1.74 लाख लोगों का किया गया इलाज, सर्विलांस टीमें घर-घर कर रहीं जांच

Published

on

गुजरात में भारी बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। विभाग ने निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए हजारों टीमें तैनात की हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए मेडिकल कैंपों के जरिए 1.74 लाख से अधिक लोगों का इलाज किया है।

राज्य सरकार के अनुसार, मानसून से पहले और उसके दौरान सभी 34 जिलों और आठ नगर निगमों में एक व्यापक ‘मानसून एक्शन प्लान’ लागू किया गया था, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को बाढ़ और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से तेजी से निपटने में मदद मिली।

सरकार ने कहा कि अब तक सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बड़ी आपातकालीन स्थिति सामने नहीं आई है और भारी बारिश व बाढ़ के बावजूद बीमारियों का प्रकोप काफी हद तक नियंत्रण में रहा है। विभाग ने राज्य स्तर, सभी जिलों और आठों नगर निगमों में चौबीसों घंटे काम करने वाले हेल्थ कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं।

राज्य, जिला और तालुका स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें काम कर रही हैं जबकि हर जिले को पांच अतिरिक्त इमरजेंसी मेडिकल टीमें दी गई हैं, जिन्हें खास गाड़ियां और स्टाफ़ भी उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य सेवा सहायता में कमजोर वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की 675 गर्भवती महिलाओं को पहले ही हेल्थकेयर सेंटर्स में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां 272 संस्थागत प्रसव सफलतापूर्वक कराए गए। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत कैंपों में रह रहे लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।

108 इमरजेंसी सर्विस के तहत 1,496 एम्बुलेंस और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स व कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स से जुड़ी 816 एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखकर इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को मजबूत किया गया है। बिजली कटौती के दौरान भी सेवाएं बिना रुकावट जारी रखने के लिए प्राइमरी और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में जनरेटर और पर्याप्त डीजल की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए विभाग ने 6,868 मेडिकल कैंप लगाए, जिनमें 1.74 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें मौके पर ही इलाज दिया गया।

18,000 से अधिक सर्विलांस टीमें प्रभावित इलाकों में रोज़ाना घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। इन दौरों के दौरान, 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 10.29 लाख से अधिक ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पैकेट बांटे गए।

अधिकारियों ने बताया कि पीने के सुरक्षित पानी को सुनिश्चित करने के लिए 10.52 लाख से अधिक रेजिडुअल क्लोरीन टेस्ट किए गए जबकि पीने के पानी की पाइपलाइन में हुई 3,061 से ज्यादा लीकेज को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया।

विभाग ने हेल्थकेयर सेंटर्स में 1.5 करोड़ से ज़्यादा क्लोरीन टैबलेट, 60 लाख से ज़्यादा ओआरएस पैकेट और 1,38,234 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन भी उपलब्ध कराए हैं।

बाढ़ के मौसम में सांप के काटने के मामलों का तुरंत इलाज करने के लिए 108 एम्बुलेंस में एंटी-स्नेक वेनम भी उपलब्ध कराया गया है।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद लेप्टोस्पायरोसिस को रोकने के लिए वलसाड, सूरत, नवसारी और तापी जिलों के 562 गांवों में ज्यादा जोखिम वाले 7.61 लाख से ज्यादा लोगों को कीमोप्रोफिलैक्सिस के तौर पर डॉक्सीसाइक्लिन दी गई है।

राज्य सरकार ने मच्छर से फैलने वाली बीमारियों को कम करने के मकसद से एंटी-लार्वल उपाय और जन-जागरूकता गतिविधियां चलाने के लिए 497 अतिरिक्त वेक्टर कंट्रोल टीमें भी तैनात की हैं। अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा जोखिम वाले 106 गांवों में इनडोर रेसिडुअल स्प्रेइंग का पहला दौर पूरा हो चुका है और दूसरा दौर 1 अगस्त से शुरू होगा।

मच्छरों के पनपने पर रोक लगाने के लिए 4,998 स्थायी जल निकायों में लार्विवोरस गैम्बूसिया मछलियां भी छोड़ी गई हैं। अधिकारियों ने कहा, “हम मानसून से जुड़ी बीमारियों से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आशा वर्करों और वेक्टर कंट्रोल टीमों के ज़रिए जन-जागरूकता अभियान जारी रखे हुए हैं। मौजूदा मानसून सीज़न में पैदा होने वाली किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं।”

Continue Reading

जीवन शैली

रीना दत्ता से गौरी स्प्रैट तक, आमिर खान के रिश्तों और शादियों पर एक नज़र

Published

on

उम्र सिर्फ़ एक संख्या है और यह बात आमिर खान ने साबित कर दी है। 60 साल की उम्र में सुपरस्टार ने घोषणा की है कि वह गौरी स्प्रैट नाम की एक महिला के साथ रिलेशनशिप में हैं जो उनके प्रोडक्शन हाउस में काम करती है। कुछ महीने पहले, ऐसी खबरें आई थीं कि वह बैंगलोर की एक लड़की के साथ गंभीर रिलेशनशिप में हैं और यह लड़की गौरी ही निकली।

खैर, आमिर को फिर से प्यार हो गया है, तो आइए उनके रिश्तों (अफवाहों सहित) और शादियों की सूची पर नजर डालते हैं…

रीना दत्ता

आमिर खान की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी। दोनों ने 1986 में शादी की और 2005 में तलाक ले लिया। दिलचस्प बात यह है कि रीना ने उनकी पहली फिल्म कयामत से कयामत तक में एक छोटी सी भूमिका निभाई थी। पूर्व जोड़े के दो बच्चे हैं, जुनैद और इरा।

प्रीति जिंटा

आमिर और रीना के तलाक के बाद, उनके दिल चाहता है की को-स्टार प्रीति जिंटा के साथ डेटिंग करने की अफवाहें ज़ोरदार थीं। वास्तव में, कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि उन्होंने गुप्त रूप से शादी कर ली है। लेकिन निश्चित रूप से, वे अफवाहें झूठी निकलीं। अब, आमिर और प्रीति ने लाहौर 1947 फिल्म में साथ काम किया है। फिल्म का निर्माण आमिर ने किया है और प्रीति इसमें मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

किरण राव

2005 में आमिर ने किरण राव से शादी की। यहां तक ​​कि वह भी अभिनेता के साथ उनके प्रोडक्शन हाउस में काम कर रही थीं। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम आज़ाद है। 2021 में अभिनेता ने किरण से तलाक ले लिया।

फातिमा सना शेख

रीना से तलाक के बाद आमिर का नाम प्रीति से जुड़ा और किरण से तलाक के बाद आमिर के बारे में यह अफवाह उड़ी कि वह दंगल में उनकी बेटी का किरदार निभाने वाली फातिमा सना शेख के साथ रिलेशनशिप में हैं। यहां तक ​​कि यह भी कहा गया कि दोनों शादी कर लेंगे। हालांकि, एक बार फिर यह खबरें झूठी निकलीं।

गौरी स्प्रैट

अब अपने जन्मदिन के मौके पर मीडिया के सामने अपने रिश्ते की घोषणा करते हुए आमिर ने खुलासा किया कि वह शादी करेंगे या नहीं। उन्होंने कहा, “देखिए, हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। और मेरी दो बार शादी हो चुकी है। पर अब 60 साल की उम्र में शादी शायद मुझे शोभा नहीं देगी। लेकिन देखते हैं।” गौरी की एक छह साल की बेटी है और यह जोड़ा पिछले 25 सालों से एक-दूसरे को जानता है और 18 महीने से रिलेशनशिप में है।

तो, चलिए इंतजार करें और देखें कि शादी की घंटियाँ बजेंगी या नहीं।

Continue Reading

जीवन शैली

हल्के में न लें, वायु प्रदूषण गले को कर रहा खराब

Published

on

नई दिल्ली, 20 दिसंबर। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। महीने भर से सिलसिला जारी है हालांकि बीच में कुछ हद तक स्थिति नियंत्रण में थी लेकिन एक बार फिर एक्यूआई ने लोगों की पेशानी पर बल डाल दिया है। प्रदूषण से कान, नाक और गले पर भी बुरा असर पड़ता है। हाल ही में इसे लेकर दिल्ली में एक सर्वे कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य निकल कर सामने आए।

3हेल्थकेयर प्रदाता प्रिस्टीन केयर द्वारा कराए सर्वेक्षण में दिल्ली, मेरठ, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, रोहतक, चंडीगढ़, कानपुर आदि शहरों के 56,176 व्यक्तियों को शामिल किया गया। इनमें से लगभग आधे (41 प्रतिशत) ने उच्च प्रदूषण की अवधि के दौरान आंखों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जबकि 55 प्रतिशत ने अपने कान, नाक या गले को प्रभावित करने वाली समस्याओं की बात बताई। इनमें से 38 प्रतिशत ने प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन और सूजन की शिकायत की है। इसके प्रभावित लोगों में आंखें में लालिमा और खुजली जैसे आम लक्षण दिखाई दिए।

लोगों ने प्रदूषण बढ़ने के दौरान इन बीमारियों में वृद्धि का उल्‍लेख किया। इसमें गले में खराश, नाक में जलन और कान में तकलीफ जैसी ईएनटी समस्याएं भी शामिल थीं। इन स्वास्थ्य समस्‍याओं ने दीर्घकालिक चिंताएं पैदा की।

इस सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि ईएनटी समस्‍याओं से जूझ रहे 68 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से परामर्श नहीं करते।

प्रिस्टिन केयर के ईएनटी सर्जन डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया, ”खतरनाक वायु गुणवत्ता सभी के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। बच्चे विशेष रूप से इसके प्रति संवेदनशील हैं। ऐसी हवा के संपर्क में आने से नाक और कान में संवेदनशील श्लेष्म झिल्ली में जलन हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ पुरानी स्थितियां हो सकती हैं। इन सबसे बचने के लिए बाहरी संपर्क को कम करना, मास्क पहनना और हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है। इसके साथ ही आंखों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”

वही प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक डॉ वैभव कपूर ने कहा, “यह जानकर आश्चर्य होता है कि लोग प्रदूषण और स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभाव को कितने हल्के में लेते हैं। आंख और ईएनटी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि के उपायों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। बढ़ते प्रदूषण के स्तर के साथ, व्यक्तियों को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।”

इन चुनौतियों के बावजूद सर्वेक्षण ने जनता के बीच इससे निपटने के उपायों को अपनाने में कमी नजर आई। केवल 35 प्रतिशत ने सुरक्षात्मक आईवियर या धूप का चश्मा पहनने की सूचना दी, और लगभग 40 प्रतिशत ने उच्च प्रदूषण वाले दिनों में ईएनटी से संबंधित मुद्दों के लिए कोई विशेष सावधानी नहीं बरतने की बात स्वीकार की। फिर भी, आधे से अधिक लोगों ने आंखों और ईएनटी स्वास्थ्य पर प्रदूषण के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र9 minutes ago

मरीन ड्राइव के कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार में कार चलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज

महाराष्ट्र22 minutes ago

सभी पार्टियों के कॉर्पोरेटर मुश्किल में! शिवसेना (यूबीटी), बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी बड़ी पार्टियों के कॉर्पोरेटर कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

महाराष्ट्र32 minutes ago

असली भारतीय नोटों के बजाय नकली नोटों को बढ़ावा देने वाला गिरफ्तार।

राजनीति41 minutes ago

महाराष्ट्र सरकार ने ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ की ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए एनबीएफसी स्थापित करने हेतु टेंडर समिति गठित की

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

साउथ कोरिया ने कहा- होर्मुज की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बातचीत जारी, ईरान से संपर्क भी बरकरार

राजनीति2 hours ago

‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’: इमारत ढहने के मामले में नगर निगम के 5 अधिकारियों के निलंबन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री

राजनीति3 hours ago

मुंबई: एप्पल मोबाइल और उसके पार्ट्स बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश, चोरी के 64 मोबाइल फोन बरामद, चार गिरफ्तार, आगे की जांच जारी

महाराष्ट्र3 hours ago

मराठा आरक्षण मनोज जारंगे पाटिल की सरकार को चेतावनी… अगर मुंबई मार्च के दौरान एक भी युवक मारा गया तो 10 मिनट में महाराष्ट्र बंद कर देना चाहिए

राजनीति3 hours ago

108 एंबुलेंस चालकों ने मांगें पूरी करने के लिए कर्नाटक सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया; मरीज प्रभावित हुए तो मंत्री खड़गे ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी

मनोरंजन3 hours ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

व्यापार4 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

महाराष्ट्र5 days ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 week ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राजनीति4 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

खेल1 week ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

अपराध3 days ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल2 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

खेल3 days ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

रुझान