राजनीति
संसद के मानसून सत्र को लेकर कई विकल्पों पर विमर्श जारी
संसद के मानसून सत्र की बैठक को लेकर कई तरह के विकल्पों पर चर्चा जारी है। इस सिलसिले में राज्यसभा के सभापति और लोकसभा अध्यक्ष संसद के मानसून सत्र को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर सोमवार को दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श कर चुके हैं। राज्यसभा सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मानसून सत्र के दौरान सामाजिक दूरी समेत सभी स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सांसदों के बैठने की व्यवस्था को लेकर कई नए विकल्पों पर चर्चा की है।
राज्यसभा सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने दोनों ही सदनों में चेम्बरों और गैलरी में बैठने की क्षमता का आकलन किया। उन्होंने संसद की कार्यवाही चलाने के लिए चेम्बरों के इस्तेमाल पर भी चर्चा की। इस दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई कि जब लोकसभा सत्र में हो तो लोकसभा सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा के चेम्बरों में बिठाया जाए। इसी तरह जब राज्यसभा सत्र में हो तो राज्यसभा सदस्यों को भी दोनों सदनों के चेम्बरों में बिठाया जाए। जाहिर है, इस परिस्थिति में दोनों सदनों की बैठक अलग-अलग समय पर आयोजित होगी।
इस व्यवस्था के तहत राज्यसभा के चेम्बर और गैलरी में कुल 127 सांसदों को सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए बिठाया जा सकता है, जबकि लोकसभा के चेम्बर और गैलरी में 290 सांसदों को बैठाया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर दोनों सदनों के सेक्रेटरी जनरल को समीक्षा करने को कहा गया है। दोनों सदनों के सेकेट्री जनरल तकनीकी रूप से और अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार करेंगे।
सत्र के दौरान सेनिटाइजेशन, सांसदों के सदन में प्रवेश और निकासी समेत कई अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जाना है। अलग-अलग चेम्बर में बैठने की परिस्थिति में दूसरे सदन में बैठने वाले सांसदों को ऑडियो-विसुअल कनेक्टिविटी के साथ-साथ, भाषा अनुवाद और वोटिंग की सुविधा का भी इंतजाम करना जरूरी होगा।
फिलहाल तमाम विकल्पों पर चर्चा की जा रही है। इस मसले पर अंतिम फैसला अगस्त के पहले सप्ताह तक लिए जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में 11 अध्यादेशों को मंजूरी दी जानी है। केंद्र सरकार 31 मार्च को पहला अध्यादेश लाई थी। अब 24 जून तक केंद्र सरकार कुल 11 अध्यादेश ला चुकी है। इनमें मंत्रियों के वेतन-भत्तों में कमी से लेकर टैक्स प्रणाली के पुराने कानूनों में सुधार, किसानों के हित के कानून और स्वास्थ्यकर्मियों व उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी कार्रवाई के प्रावधान जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक की रैली को भाजपा ने बताया ‘फ्लॉप’ तो भड़के अबू आजमी, बोले- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे

इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बयानों पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की रैली को फ्लॉप कहना खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसा है। वहीं, आजम खान पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित और फंसाया जा रहा है।
सपा विधायक अबू आजमी ने कहा, “1974 के बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में सबसे बड़ी रैली हुई है, तो उसे फ्लॉप शो कहा जाएगा? इसका मतलब खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। यह किसी के खिलाफ दुश्मनी नहीं है, बल्कि प्रदेश और संविधान के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ है। जो चोरी से सरकारें बनीं, उनके खिलाफ है। जिन्होंने यह सारा काम किया, उस चुनाव आयोग के खिलाफ है, जिसने भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम किया। उनका पोल खुल चुका है। जनता की आवाज पर प्रधानमंत्री को पहले ही दिन उन्हें बदल देना चाहिए था, तो इतना बड़ा बवाल खड़ा ही नहीं होता। अब उनको जेल भी जाना पड़ेगा। जनता सब समझ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि मैं तो सीजेआई को भी बधाई देना चाहता हूं। आपने सोए हुए लोगों को जगा दिया। आपने पढ़े-लिखे लड़कों को कॉकरोच बोल दिया। अब कॉकरोच जनता पार्टी के साथ-साथ आम जनता भी सड़क पर आ गई है। अब 2027 और 2029 उनके नहीं होंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि ठीक बात कह रहे हैं। जवाबदेही तो होनी ही चाहिए। जो भी व्यक्ति हो, कोई कानून से बड़ा नहीं होता। अगर किसी ने कानून के खिलाफ काम किया है, तो उसकी जवाबदेही बनती है। भारतवर्ष के संविधान के मुताबिक, चाहे सड़क पर भीख मांगने वाला व्यक्ति हो या प्रधानमंत्री, सबके साथ एक जैसा कानून होना चाहिए।
वहीं, आजम खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि आजम खान कई सालों से जेल में हैं। जब भी उन्हें जमानत मिलती है, कोई नया मामला सामने आ जाता है। बड़ी मुश्किल से वे बाहर आते हैं, फिर ईडी का मामला आ जाता है। अगर इतने सालों से वे जेल में थे, तो उसी समय उनके बयान लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मुंबई में भी कई मंत्री गिरफ्तार हुए। दो साल जेल में रहने के बाद अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं हैं और वे छूट गए, लेकिन तब तक उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान हो चुका था। यह सब जो चल रहा है, संविधान की भावना के खिलाफ है।
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि आजम खान को प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। अगर उनकी यूनिवर्सिटी में कोई कमी है, तो सरकार उसे ठीक कराए, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति, जो कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं और जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को खड़ा किया। उनके पूरे परिवार को बर्बाद करने की कोशिश करना गलत है। मैं इसकी खुलकर निंदा करता हूं।
राष्ट्रीय समाचार
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर तट पर समुद्र में फंसे 7 मछुआरों का सफल रेस्क्यू, इंजन खराब होने से आई थी परेशानी

आंध्र प्रदेश के पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के पास सोमवार को समुद्र में फंसे सात मछुआरों को अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया। इन मछुआरों की नाव का इंजन खराब हो गया था, जिसके कारण वे समुद्र में फंस गए थे।
जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने बताया कि कावली निर्वाचन क्षेत्र के जुव्वलादिन्ने के पास नाव का इंजन खराब होने के कारण समुद्र में फंसे सात मछुआरों को सुरक्षित तट पर लाया गया है।
बंगाल की खाड़ी में चल रहे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण समुद्र में लहरें तेज हैं। अधिकारियों ने किसानों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें वापस लौटने की सलाह दी गई है।
कलेक्टर ने बताया कि यह सफल बचाव अभियान मत्स्य विभाग, समुद्री पुलिस और स्थानीय मछुआरों की समन्वित और त्वरित कार्रवाई का परिणाम था, जिन्होंने नाव और उस पर सवार सातों मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की।
मछुआरे जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह से मछली पकड़ने निकले थे। मौसम में बदलाव देखकर उन्होंने बंदरगाह लौटने की कोशिश की। हालांकि, रास्ते में ही नाव का इंजन खराब हो गया, जिससे वे बंदरगाह के प्रवेश द्वार से लगभग आधा किलोमीटर दूर समुद्र में फंस गए।
जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह पर तैनात निगरानी कर्मचारियों ने स्थिति को भांप लिया और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग और समुद्री पुलिस के अधिकारियों ने स्थानीय मछुआरों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआत में, समुद्र की तेज लहरों के कारण नाव तक पहुंचना मुश्किल साबित हुआ।
इस दौरान नाव का लंगर टूट गया और तेज लहरों के कारण नाव बहकर पताकाडापलेम गांव की ओर बढ़ने लगी। समुद्री पुलिस, मत्स्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर तुरंत कार्रवाई करते हुए नाव का पीछा किया और बचाव अभियान जारी रखा। अंततः, वे नाव को पताकाडापलेम के तट पर सुरक्षित लाने में कामयाब रहे और यह सुनिश्चित किया कि नाव पर सवार सभी सात मछुआरे सुरक्षित बाहर आ जाएं।
जिला कलेक्टर ने मछुआरों की जान बचाने में सूझबूझ और प्रयासों के लिए मत्स्य विभाग के अधिकारियों, समुद्री पुलिस, निगरानी कर्मियों और स्थानीय मछुआरों की सराहना की। कलेक्टर ने मछुआरों को समुद्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान सतर्क रहने और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने की भी सलाह दी।
राष्ट्रीय समाचार
एलआईसी-एचएफएल भर्ती 2026: मैनेजमेंट ट्रेनी के 50 पदों के लिए आवेदन जारी, 12 नवंबर अंतिम तिथि

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (एलआईसी-एचएफएल) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक शानदार अवसर है। एलआईसी-एचएफएल ने मैनेजमेंट ट्रेनी- मार्केटिंग और सेल्स – फ्रेशर के कुल 50 पदों पर रिक्तियों की घोषणा की है।
एलआईसी-एचएफएल की ओर से मैनेजमेंट ट्रेनी- मार्केटिंग और सेल्स पोस्ट के लिए जारी 50 रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया जारी है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 12 नवंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे एलआईसी-एचएफएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं।
अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कैंडिडेट्स के पास बातचीत करने की क्षमता और स्थानीय भाषा में अच्छी पकड़, बिजनेस डेवलपमेंट, क्लाइंट रिलेशनशिप, क्लाइंट रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम), इफेक्टिव कम्युनिकेशन और फील्ड सेल्स का कौशल होना भी जरूरी है। वहीं, सेल्स और बातचीत (नेगोशिएशन) में एक वर्ष का अनुभव वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, दस्तावेज सत्यापन, आदि के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग अवधि के दौरान 40,000 से 50,000 रुपए के बीच स्टाइपेंड प्रतिमाह दिया जाएगा। वहीं, स्थायी होने के बाद उम्मीदवारों की कॉस्ट-टू-कंपनी (सीटीसी) 14 लाख रुपए से अधिक प्रतिवर्ष होगी।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि मैनेजमेंट ट्रेनी (मार्केटिंग और सेल्स), कस्टमर बनाने, चैनल डेवलप करने, बिल्डर्स के साथ संबंध बनाने और मार्केट का विस्तार करने के जरिए बिजनेस की ग्रोथ में मदद करेगा। इस रोल में हाउसिंग फाइनेंस सेल्स, डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट, अंडरराइटिंग, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट और मार्केट डेवलपमेंट का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा, जिससे ट्रेनी भविष्य में ऑर्गनाइजेशन में मैनेजर की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हो सकेगा।
एलआईसी-एचएफएल की ओर से यह एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रोग्राम है और इसके बाद उम्मीदवारों को तय शर्तों के आधार पर नौकरी में शामिल किया जा सकता है। सर्विस बॉन्ड की शर्तों के अनुसार उम्मीदवारों को जॉइनिंग की तारीख से कम से कम 2 वर्ष तक कंपनी में काम करना होगा।
कैंडिडेटेस को भर्ती से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए एलआईसी-एचएफएल की आधिकारिक वेबसाइट को चेक करने की सलाह दी जाती है।
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