राष्ट्रीय
गुरु रविदास जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग, सांसद चरणजीत चन्नी ने स्पीकर को लिखा पत्र
चंडीगढ़, 29 जनवरी : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से एक अहम मांग की है। उन्होंने कहा है कि 1 फरवरी 2026 को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर चन्नी ने लोकसभा स्पीकर को एक औपचारिक पत्र भी लिखा है।
चन्नी का कहना है कि श्री गुरु रविदास जी सिर्फ एक संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देते हैं। ऐसे में उनके प्रकाश पर्व पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि उस दिन संसद के कामकाज में बदलाव किया जाए।
सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पत्र में लिखा, “मैं सम्मानपूर्वक निवेदन करता हूं कि 1 फरवरी 2026 को पूजनीय संत, दार्शनिक और समाज सुधारक श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र जयंती है, जिनकी समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं भारत के सभ्यतागत और संवैधानिक मूल्यों का एक अभिन्न अंग हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “गुरु रविदास जी महाराज का पूरे भारत में बहुत सम्मान किया जाता है, और उनकी जयंती कई राज्यों में, खासकर सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में बहुत श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर लाखों भक्त धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।”
चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि यह दिन वैसे तो प्रतिबंधित छुट्टी के रूप में अधिसूचित है और रविवार को भी पड़ रहा है। हालांकि, 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश किया जाना है, जिसके लिए संसद सदस्यों को सदन में उपस्थित होना होगा, जिससे वे इस राष्ट्रीय महत्व के अवसर में भाग नहीं ले पाएंगे।
उन्होंने कहा, “पूरे भारत में सम्मान, गुरु रविदास जी महाराज की सामाजिक और आध्यात्मिक विरासत, और लाखों अनुयायियों की भावनाओं को देखते हुए, मैं सरकार से सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि 1 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, और तदनुसार संसदीय कामकाज में आवश्यक समायोजन किया जाए।”
राष्ट्रीय
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: सीएम स्टालिन ने दी श्रद्धांजलि, अस्पृश्यता उन्मूलन की शपथ दिलाई

चेन्नई, 30 जनवरी : महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई में श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह कार्यक्रम चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी संग्रहालय में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और तमिलनाडु सरकार की ओर से उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर उदयनिधि स्टालिन और अन्य राज्य मंत्री भी मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री स्टालिन ने अस्पृश्यता उन्मूलन की शपथ दिलाई। सभी मौजूद लोगों ने इस शपथ को दोहराया, जिसमें अस्पृश्यता को खत्म करने, समानता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई। महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए स्टालिन ने कहा कि बापू का सपना था एक ऐसा समाज जहां कोई भेदभाव न हो और हर व्यक्ति सम्मान से जी सके। तमिलनाडु सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
बता दें कि 30 जनवरी को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1948 में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। तमिलनाडु में यह दिन गांधीजी के सिद्धांतों को याद करने और उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर बनता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे गांधीजी के अहिंसा, सत्य और समानता के मार्ग पर चलें तथा समाज में फैले किसी भी प्रकार के भेदभाव को दूर करने में योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और कई लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। यह आयोजन गांधीजी के प्रति राज्य सरकार की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने संदेश में कहा कि गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हें अपनाकर ही हम एक मजबूत और एकजुट भारत बना सकते हैं।
राजनीति
यूजीसी के नाम पर कुछ लोग फैला रहे हैं गलत खबर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत: गिरिराज सिंह

पटना, 30 जनवरी : यूजीसी पर राजनीति धमने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग देश में गलतफहमी फैला रहे हैं, इससे कुछ होने वाला नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए यूजीसी नियमों पर रोक लगाने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं और उसके फैसले का स्वागत करते हैं। कुछ लोगों ने गंदी राजनीति शुरू कर दी थी। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। सबका साथ, सबका विकास सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि एक अमल है। हम ये मानते हैं कि अगर दाहिने हाथ में दर्द हो तो भी शरीर को कष्ट, बाएं हाथ में हो तो भी शरीर को कष्ट।”
उन्होंने कहा कि यूजीसी पर मैं तीन बातें कहना चाहूंगा। जब शेड्यूल कास्ट के लोगों के प्रमोशन का कोर्ट का मामला था, उसको उन्होंने संसद से व्यवहारिकता में लाया। ओबीसी के मान्यता कमीशन को कानूनी मान्यता देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उसी तरह से जो सवर्ण के गरीब तबके के लोग थे, उनको भी दस प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया। उसमें सभी लोग आते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी देश हित में काम करते हैं और मोदी ने वो सारे काम किए हैं जो देश के हित में होने चाहिए। इसलिए कुछ लोगों को परेशानी हो रही है और ये लोग राजनीति कर रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद देता हूं। इन लोगों ने देश के विकास के लिए काफी काम किए हैं और आगे भी कर रहे हैं।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की सोच जब पूरा देश देख चुका है। आज पूरा महाराष्ट्र अजित पवार के शोक में डूबा हुआ है और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस पर भी राजनीति कर रही है। ये एक हादसा है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ममता बनर्जी की सोच समाज को बांटने वाली है और ममता बनर्जी की सोच वोट परस्त राजनीति करना है।
मनोरंजन
‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस लौटाया

Sameer Wankhede
नई दिल्ली, 29 जनवरी : इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) अधिकारी समीर वानखेड़े ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
पुरुषेंद्र कौरव की सिंगल बेंच ने आदेश दिया कि केस को उस कोर्ट में भेजा जाए, जो इस तरह के मामले को सुनने की सही अधिकारिता रखता हो। यह केस वापस सही कोर्ट में दाखिल किया जाना चाहिए।
वानखेड़े ने आरोप लगाया है कि वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और अपमानजनक कंटेंट दिखाया गया। उनका कहना है कि इस वेब सीरीज ने न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनके परिवार पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की इमेज को इस सीरीज में नकारात्मक तरीके से दिखाया गया, जिससे आम लोगों का कानून और सरकारी एजेंसियों पर भरोसा कमजोर हुआ।
वानखेड़े ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें स्थायी आदेश और मुआवजा दिया जाए। इसके तहत रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, नेटफ्लिक्स, ट्विटर (अब एक्स कॉर्प), गूगल, फेसबुक और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं। उनका कहना था कि इस वेब सीरीज ने जानबूझकर उनके खिलाफ पक्षपाती और अपमानजनक कंटेंट दिखाया है।
समीर वानखेड़े और आर्यन खान केस अभी बॉम्बे हाई कोर्ट और विशेष एनडीपीएस कोर्ट में लंबित है। शिकायत में उन्होंने सीरीज के एक सीन का भी हवाला दिया। इसमें एक किरदार ‘सत्यमेव जयते’ कहता है और उसके तुरंत बाद अश्लील इशारा करता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह न केवल उनके लिए अपमानजनक है, बल्कि यह राष्ट्रीय प्रतीक और इस स्लोगन का अपमान भी है। इस तरह की हरकत भारतीय कानून के तहत अपराध मानी जाती है।
वानखेड़े ने अदालत से 2 करोड़ रुपए मुआवजे की भी मांग की। उन्होंने बताया कि यह रकम टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दी जाएगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 दिसंबर 2025 को फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने मामले को सही अधिकार वाली अदालत में भेज दिया है। इस फैसले के बाद यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित कोर्ट में जाएगा।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
