अपराध
ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त
नई दिल्ली, 8 सितंबर। दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की ऑपरेशन सेल ने नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। सेल ने कुख्यात ड्रग तस्कर विजय कुमार की 30 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। विजय कुमार को भरत नगर थाना क्षेत्र का बैड कैरेक्टर घोषित किया जा चुका है।
यह अभियान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाया जा रहा है। नशे पर नकेल कसने के लिए, दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिले द्वारा विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। समाज से नशे की बुराई को जड़ से मिटाने के लिए, सभी संबंधित अधिकारियों को नशा-अपराधियों के विरुद्ध कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 फरवरी 2025 को ऑपरेशन सेल/नॉर्थ-वेस्ट की टीम ने विजय कुमार के बेटे नितिन बद्धवान (22) को जेजे कॉलोनी, वजीरपुर से गिरफ्तार किया। उसके घर से 365 ग्राम हेरोइन और 1,88,200 रुपए नकद बरामद किए गए। इस मामले में भरत नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में नितिन ने खुलासा किया कि वह अपने पिता विजय कुमार के इशारे पर काम करता था। इसके बाद पुलिस ने 20 मई 2025 को विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर मदन मोहन (इंचार्ज, एंटी-नारकोटिक्स सेल) की अगुवाई में एसआई रवि सैनी और एसआई आकाशदीप की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस को वित्तीय लेन-देन की गहरी जानकारी हाथ लगी। इसमें विजय कुमार की तीन दोपहिया वाहन और एक संपत्ति सामने आई, जिनकी कुल कीमत 30 लाख रुपए से अधिक आंकी गई। जांच में पाया गया कि ये संपत्तियां ड्रग तस्करी से अर्जित पैसों से खरीदी गई हैं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68-एफ(1) के तहत संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश दिया गया। आदेश को वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया, जिन्होंने जांच के बाद विजय कुमार की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।
सक्षम प्राधिकारी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के इन संपत्तियों की बिक्री या खरीद नहीं हो सकेगी। आदेश की कॉपी जिला राजस्व अधिकारी, एसडीएम और परिवहन विभाग को भी भेजी गई है।
आरोपी विजय कुमार पिछले 7 सालों से ड्रग्स के धंधे में सक्रिय है। उस पर 11 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें 5 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हैं। वहीं, नितिन बद्धवान 8वीं तक पढ़ा है और पिछले 3 साल से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से तोड़ना और उनकी आर्थिक कमर तोड़ना है। अवैध संपत्तियों की ज़ब्ती से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अपराधियों को अपने गैर-कानूनी काम से कोई फायदा न मिले। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर निगरानी रख रही है, जो समाज में नशे का जहर घोल रहे हैं और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स का नेटवर्क चला रहे हैं।
अपराध
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक समेत दो को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से संबंध होने के शक में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से गिरफ्तार किए गए दो लोगों में से एक की पहचान वहाब आलम उर्फ राणा राउत के तौर पर हुई है। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने पूर्वी कोलकाता के टोपसिया इलाके से मुहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया।
सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि इजाज आलम के लिए एक अहम स्थानीय संपर्क के तौर पर काम करता था। हालांकि, एसटीएफ अधिकारी अभी तक गिरफ्तारी से जुड़ी सटीक परिस्थितियों, जैसे ऑपरेशन के समय और जगह के बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये दोनों आईएसआई के लोगों के संपर्क में थे। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं को ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आलम पाकिस्तानी नागरिक है। हालांकि, उसकी नागरिकता पक्की करने और भारत में उसकी गतिविधियों का मकसद पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।
जांच करने वाले यह भी पता लगा रहे हैं कि आलम का साथी इजाज भारतीय नागरिक है या उसके पाकिस्तान से संबंध हैं। दोनों के कथित नेटवर्क और गतिविधियों की प्रकृति और दायरे का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
इससे पहले 30 जुलाई को एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के संदिग्ध सहयोगी हमिम मंडल को गिरफ्तार किया था। उसी रात, एसटीएफ के अधिकारियों ने उसकी करीबी सहयोगी अर्पिता सरकार को भी पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया था।
इस महीने की शुरुआत में एसटीएफ के अधिकारियों ने हावड़ा जिले से सटे कोलकाता से हमिम मंडल के दूसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राज को गिरफ्तार किया। हमिम और अर्पिता दोनों के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ (एसबीएन) से संबंध थे।
अर्पिता सरकार के जरिए एसबीएन ने हनी-ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग के लिए पश्चिम बंगाल कैबिनेट के कम से कम छह मौजूदा सदस्यों के परिजनों को निशाना बनाया। एसटीएफ के अधिकारियों ने हमिम मंडल के पास से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शेड्यूल और गतिविधियों से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए।
अपराध
नागपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री से 3 करोड़ रुपए का सोना जब्त, गिरफ्तार

डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ से ज्यादा कीमत का सोना बरामद किया है। सोना तस्करी के इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई नागपुर की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते तस्करी करके लाया गया सोना ट्रेन से भेजा जाएगा। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 12102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर नजर रखी।
अधिकारियों को पता चला था कि यह सोना इसी ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति के जरिए अगली मंजिल तक पहुंचाया जाना है। इसके बाद डीआरआई नागपुर की टीम ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी जारी रखी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध यात्री को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके सामान से छिपाकर रखा गया सोना मिला।
यात्री के पास से कुल 16 सोने की छड़ें बरामद कीं। बरामद सोने का वजन 2 किलो 165 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 9 लाख रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था। इसके बाद इसे रेल मार्ग से देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी।
डीआरआई ने आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। सोने को सरकारी खजाने में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अपराध
मुंबई में चोरी का संदिग्ध गिरफ्तार, 6 मामले सुलझाए गए

मुंबई; मुंबई पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार करने का दावा किया है जिसने एमएचबी पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर चार चोरियां की हैं, साथ ही उसके खिलाफ मुंबई और उसके उपनगरों में चोरी और डकैती के मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी के छह मामले सुलझ गए हैं। मुंबई पुलिस के डीसीपी संदीप घोगे ने कहा कि पुलिस ने चोर को एमएचबीसी की सीमा के भीतर ट्रेस किया। पुलिस को पता चला कि वह कोपर खेरनार, नवी मुंबई में रहता है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कमलजीत कलजीत सिंह, 26, को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से सोने के गहने और नकदी सहित 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त कर ली। पुलिस ने उसके पास से 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त करने का भी दावा किया है। आरोपी एक अपराधी है और उस पर दादर, माहिम, काला चौकी, आरसीएफ, धारावी में चोरी और डकैती के मामलों में शामिल होने का भी आरोप है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोर और चोर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
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