पर्यावरण
दिल्ली-एनसीआर : तीन दिनों तक रहेगा बारिश का मौसम
नोएडा, 27 फरवरी। दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में गुरुवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दे रहा है। आसमान पर बादल छाए हुए हैं और अधिकतम पारे में भी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को बारिश के बाद 28 और 1 मार्च को तेज तूफान के साथ तेज बारिश का सामना भी लोगों को करना पड़ सकता है, जिसके चलते अधिकतम पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों में यह दर्शाया गया है कि लगातार बढ़ते अधिकतम तापमान में इस दौरान गिरावट दर्ज की जाएगी और दिन में हो रही इस गर्मी से भी लोग राहत महसूस करेंगे।
मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 27 फरवरी के दिन अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया है और इस दिन आसमान पर बादल छाए रहेंगे और बारिश भी होगी। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने यह चेतावनी जारी की है कि 28 फरवरी को तेज हवाओं के साथ तेज बारिश का सामना भी एनसीआर के लोगों को करना पड़ सकता है और इस दिन अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद 1 मार्च को भी मौसम ऐसे ही बना रहेगा और इस दिन अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद लगातार तीन दिनों तक न्यूनतम पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।
2 मार्च की बात करें तो उस दिन भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहने की संभावना है। जबकि 3 मार्च को अधिकतम 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते सुबह और शाम लोगों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा 4 मार्च को अधिकतम तापमान कम होगा लेकिन न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि एक बार फिर मौसम में करवट ली है और बदलते मौसम का असर लोगों के जीवन में देखने को मिलेगा। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम के वक्त ठंडी हवाओं के चलने से लोगों की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
पर्यावरण
मुंबई मौसम अपडेट, 5 जनवरी 2026: साफ आसमान की जगह धुंध छा गई, शहर की वायु गुणवत्ता फिर से खराब हो गई, समग्र AQI 264 रहा

WETHER
मुंबई: सोमवार की सुबह मुंबईवासियों को एक आदर्श शीतकालीन सुबह देखने को मिली, जिसमें साफ नीला आसमान, ठंडी हवाएं और शहर की सामान्य उमस से राहत मिली। हालांकि, यह सुखद शुरुआत जल्द ही खत्म हो गई क्योंकि धुंध की एक पतली परत ने शहर के कई हिस्सों को घेर लिया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और एक बार फिर मुंबई की बिगड़ती वायु गुणवत्ता की ओर ध्यान आकर्षित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन भर के लिए सामान्यतः सुहावने मौसम का पूर्वानुमान लगाया था, जिसमें न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि तापमान अनुकूल बना रहा, लेकिन बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने सर्दी जैसी सुखद अनुभूति के इस संक्षिप्त दौर पर जल्द ही ग्रहण लगा दिया।
वायु गुणवत्ता निगरानी प्लेटफॉर्म AQI.in के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह के समय 264 दर्ज किया गया। इससे शहर को ‘अस्वास्थ्यकर’ श्रेणी में रखा गया। प्रदूषण के स्तर में इस तीव्र वृद्धि ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले सप्ताह कुछ दिनों के लिए मुंबई में वायु गुणवत्ता में अपेक्षाकृत सुधार हुआ था, जिससे निवासियों को कुछ समय के लिए राहत मिली थी।
धूल और महीन कण बिगड़ती वायु स्थिति के मुख्य कारण माने जाते हैं। शहर भर में चल रहे व्यापक निर्माण कार्य प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत बने हुए हैं। कई मेट्रो रेल कॉरिडोर, फ्लाईओवर निर्माण, तटीय सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं और कई निजी रियल एस्टेट विकास परियोजनाओं सहित बड़े पैमाने पर चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाएं धूल के स्तर को काफी हद तक बढ़ा रही हैं और मुंबई पर प्रदूषण का बोझ बढ़ा रही हैं।
कई इलाके प्रदूषण के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर चिंताजनक रूप से उच्च दर्ज किया गया। चेंबूर में AQI 345 दर्ज किया गया, जो इसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखता है और स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। वाडाला ट्रक टर्मिनल और देवनार जैसे अन्य क्षेत्रों में भी AQI क्रमशः 335 और 322 दर्ज किया गया। पश्चिमी उपनगरों में, वर्सोवा में AQI 325 और जुहू में 312 दर्ज किया गया, दोनों ही गंभीर वायु प्रदूषण का संकेत देते हैं।
कुछ उपनगरीय क्षेत्रों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, हालांकि वायु गुणवत्ता आदर्श से काफी दूर रही। बांद्रा पूर्व में AQI 103 दर्ज किया गया, और चारकोप में 113 रहा, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया। जोगेश्वरी पूर्व में AQI 130, कांदिवली पूर्व में 137 और गोवंडी में 170 दर्ज किया गया, जिससे पता चलता है कि कई आवासीय क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की स्थिति अभी भी अस्वास्थ्यकर बनी हुई है।
मानक वायु गुणवत्ता वर्गीकरण के अनुसार, 0 से 50 के बीच के AQI मान को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘मध्यम’, 101 से 200 को ‘खराब’, 201 से 300 को ‘अस्वास्थ्यकर’ माना जाता है, और 300 से ऊपर के स्तर को ‘गंभीर’ या ‘खतरनाक’ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
पर्यावरण
मुंबई मौसम अपडेट (3 जनवरी, 2026): शनिवार की शुरुआत ठंडी रहेगी, लेकिन वायु गुणवत्ता खराब रहेगी; कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक 224 रहेगा।

WETHER
मुंबई: शनिवार की सुबह मुंबई में सुहावनी और अपेक्षाकृत ठंडी रही, जिससे निवासियों को शहर की सामान्य उमस से कुछ राहत मिली। साफ आसमान, हल्की हवा और कम तापमान ने सुबह के समय को खुशनुमा बना दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान लगभग 19°C रहा, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 30°C तक पहुंचने की उम्मीद थी, जिससे यह इस मौसम के सबसे आरामदायक सर्दियों के दिनों में से एक बन गया।
हालांकि, सुहावने मौसम ने एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता को छुपा रखा था। शहर के कई हिस्सों में धुंध की एक पतली परत दिखाई दे रही थी, जो वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट का संकेत दे रही थी। वायु गुणवत्ता निगरानी प्लेटफॉर्म AQI.in के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह मुंबई का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 224 था, जो इसे ‘अस्वास्थ्यकर’ श्रेणी में रखता है। इस स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम होते हैं, खासकर बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए।
मुंबई में जारी बुनियादी ढांचागत विकास के कारण लगातार प्रदूषण बना हुआ है। मेट्रो रेल कॉरिडोर, तटीय सड़क निर्माण, पुल निर्माण और व्यापक सड़क चौड़ीकरण जैसी प्रमुख सरकारी परियोजनाओं से उत्पन्न धूल और महीन कण वायु गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं।
इसके अलावा, शहर भर में कई निजी रियल एस्टेट परियोजनाएं प्रदूषण के बोझ को बढ़ा रही हैं, खासकर सर्दियों के महीनों के दौरान जब शुष्क परिस्थितियों के कारण धूल लंबे समय तक हवा में निलंबित रहती है।
क्षेत्रवार AQI रीडिंग से शहर भर में तीव्र अंतर देखने को मिला। चेंबूर सबसे प्रदूषित क्षेत्र के रूप में उभरा, जहां AQI का स्तर 327 दर्ज किया गया, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इस स्तर पर स्वस्थ व्यक्तियों को भी सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
वडाला ईस्ट का AQI 326 था, जबकि सांताक्रूज़ ईस्ट का AQI 305 दर्ज किया गया, दोनों ही ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं। गोवंडी और जोगेश्वरी में AQI का स्तर क्रमशः 280 और 277 रहा, जो ‘अस्वास्थ्यकर’ श्रेणी में आता है और गंभीर स्तर के खतरनाक रूप से करीब है।
उपनगरीय क्षेत्रों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, हालांकि वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। अंधेरी पूर्व में ‘मध्यम’ श्रेणी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 97 दर्ज किया गया, जबकि कांदिवली पूर्व और पवई में यह क्रमशः 120 और 163 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आते हैं। अन्य उपनगरों में प्रदूषण का स्तर अधिक था, बोरीवली पूर्व में 170 और गोरेगांव पूर्व में 177 का वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया, जिसे ‘अस्वास्थ्यकर’ श्रेणी में रखा गया है।
मानक वायु गुणवत्ता वर्गीकरण के अनुसार, 0 से 50 के बीच के AQI स्तर को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘मध्यम’, 101 से 200 को ‘खराब’, 201 से 300 को ‘अस्वास्थ्यकर’ माना जाता है, और 300 से ऊपर के स्तर ‘गंभीर’ या ‘खतरनाक’ श्रेणी में आते हैं।
पर्यावरण
एनसीआर में प्रदूषण से आंशिक राहत के संकेत, लेकिन ठंड और कोहरे की चुनौती बरकरार

नोएडा, 2 जनवरी: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत में मौसम और प्रदूषण के अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। एक ओर तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है, तो दूसरी ओर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़े बताते हैं कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वेबसाइट के अनुसार 2 जनवरी को सुबह के समय अत्यंत घना कोहरा रहने की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
3 जनवरी को भी हालात बहुत ज्यादा नहीं बदलेंगे और सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। तापमान 17 डिग्री अधिकतम और 7 डिग्री न्यूनतम रह सकता है। वहीं 4 जनवरी को कोहरे की तीव्रता कुछ कम होकर मध्यम कोहरा रहने का अनुमान है, अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
अगर वायु गुणवत्ता की बात करें तो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण एक्यूआई में गिरावट आई है और कुछ क्षेत्र ऑरेंज जोन में पहुंच गए हैं। हालांकि अभी भी कई इलाके रेड जोन में बने हुए हैं। दिल्ली के आंकड़ों पर नजर डालें तो नेहरू नगर (341), ओखला फेज-2 (328), पटपड़गंज (314), पंजाबी बाग (308), पुसा (322), आर.के. पुरम (319) और रोहिणी (315) जैसे इलाके रेड जोन में दर्ज किए गए हैं।
वहीं, एनएसआईटी द्वारका (423) और सिरीफोर्ट (342) में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं। गाजियाबाद में स्थिति कुछ हद तक बेहतर दिखी है। इंदिरापुरम (227) ऑरेंज जोन में है, जबकि लोनी (295) और संजय नगर (295) भी ऑरेंज जोन के करीब हैं। हालांकि वसुंधरा (384) अब भी रेड जोन में है। नोएडा की बात करें तो सेक्टर-62 (278) और सेक्टर-1 (300) ऑरेंज जोन में हैं, जबकि सेक्टर-125 (303) और सेक्टर-116 (314) रेड जोन में दर्ज किए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा और हल्की मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदूषण में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन तापमान में गिरावट और घने कोहरे के कारण आने वाले दिनों में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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