व्यापार
माइक्रोसॉफ्ट टूल में डिफॉल्ट सेटिंग्स 38 मिलियन यूजर्स के डेटा को करता है एक्सपोज
साइबर सुरक्षा शोधकतार्ओं ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट पावर ऐप्स में डिफॉल्ट अनुमति सेटिंग्स ने 38 मिलियन यूजर्स के ऑनलाइन डेटा को एक्सपोज किया जा सकता है। सुरक्षा अनुसंधान नेटवर्क अपगार्ड के अनुसार, डेटा के प्रकारों में कोविड -19 संपर्क अनुरेखण, टीकाकरण नियुक्तियों, नौकरी आवेदकों के लिए सामाजिक सुरक्षा नंबर, कर्मचारी आईडी, लाखों नाम और ईमेल पते के लिए उपयोग की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं।
अपगार्ड ने सभी पोर्टलों पर कुल 38 मिलियन रिकॉर्ड के लिए,इंडियाना,मैरीलैंड और न्यूयॉर्क सिटी जैसे सरकारी निकायों और अमेरिकन एयरलाइंस, जे.बी. हंट और माइक्रोसॉफ्ट जैसी निजी कंपनियों सहित व्यक्तिगत जानकारी वाले एक्सपोजर की 47 संस्थाओं को अधिसूचित किया।
अपगार्ड टीम ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, हालांकि,संवेदनशील जानकारी को एक्सपोज करने वाले खातों की संख्या इंगित करती है कि इस सुविधा का गलत कॉन्फिगरेशन की संभावना और प्रभाव की पर्याप्त सराहना नहीं की गई है।
माइक्रोसॉफ्ट पावर ऐप्स लो कोड,क्लाउड-होस्टेड व्यावसायिक इंटेलिजेंस ऐप्स बनाने के लिए एक उत्पाद है। पावर एपस पोर्टल आंतरिक और बाहरी दोनों उपयोगकतार्ओं को आपके डेटा तक सुरक्षित पहुंच प्रदान करने के लिए एक सार्वजनिक वेबसाइट बनाने का एक तरीका है।
उपयोगकर्ता पावर एपस यूआई में उपयोगकर्ता प्रमाणीकरण, डेटा दर्ज करने के लिए उपयोगकतार्ओं के लिए प्रपत्र, डेटा परिवर्तन तर्क, संरचित डेटा का संग्रहण, और अन्य एप्लिकेशन द्वारा उस डेटा को पुनप्र्राप्त करने के लिए एपीआई जैसी एप्लिकेशन क्षमताओं के साथ वेबसाइट बना सकते हैं।
हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि डेटा का मिसयूज किया गया है।
24 मई को, एक अपगार्ड विश्लेषक ने पहली बार पाया कि पावर ऐप्स पोर्टल के लिए डाटा एपीआई में व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी सहित गुमनाम रूप से पहुंच योग्य सूची डेटा था।
उस एप्लिकेशन के स्वामी को सूचित किया गया और डेटा सुरक्षित हो गया।
टीम ने नोट किया,उस मामले ने इस सवाल का नेतृत्व किया कि क्या समान स्थिति वाले अन्य पोर्टल थे – कॉन्फिगरेशन का संयोजन ओडाटा फीड एपीआई के माध्यम से सूचियों को गुमनाम रूप से एक्सेस करने की इजाजत देता है।
जैसा कि वायर्ड द्वारा रिपोर्ट किया गया है, माइक्रोसॉफ्ट ने अब एक्सपोजर के लिए जिम्मेदार डिफॉल्ट अनुमति सेटिंग्स को बदल दिया है।
व्यापार
देश की शीर्ष 10 में से नौ कंपनियों का मार्केटकैप 2.51 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ का बाजार मूल्यांकन बीते हफ्ते 2.51 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह इक्विटी बाजार में मजबूत रैली थी।
27-31 जुलाई के कारोबारी सत्र में जिन कंपनियों के मार्केटकैप में बढ़ोतरी हुई है उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, लाइफ कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का नाम शामिल है।
इस दौरान केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के ही मार्केट कैप में ही गिरावट आई।
बीते सप्ताह देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में बजाज फाइनेंस के बाजार पूंजीकरण में सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का मार्केट कैप 80,345.97 करोड़ रुपए बढ़कर 7,10,817.51 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
यह तेजी कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में समेकित कर-पश्चात लाभ में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने के बाद आई। इसके चलते शुक्रवार को कंपनी के शेयर 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।
भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 44,959.50 करोड़ रुपए बढ़कर 12,30,005.63 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, टीसीएस के मार्केट कैप में 40,414.03 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई और यह 8,55,894.78 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी मजबूत बढ़त दर्ज की। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 39,447.35 करोड़ रुपए बढ़कर 17,69,108.79 करोड़ रुपए हो गया।
लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 21,096.80 करोड़ रुपए बढ़कर 5,41,844.69 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 10,845.97 करोड़ रुपए बढ़कर 9,47,799.81 करोड़ रुपए हो गया।
एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 8,164.73 करोड़ रुपए बढ़कर 11,52,150.63 करोड़ रुपए हो गया।
एलआईसी का मार्केट कैप 4,427.49 करोड़ रुपए बढ़कर 5,37,435.05 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,660.37 करोड़ रुपए बढ़कर 10,29,878.30 करोड़ रुपए हो गया।
इसके विपरीत, हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 10,326.46 करोड़ रुपए घटकर 4,93,602.13 करोड़ रुपए रह गया। यह बीते हफ्ते शीर्ष 10 में एकमात्र कंपनी थी, जिसके मार्केटकैप में कमी आई।
सप्ताह के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।
व्यापार
सेंसेक्स और निफ्टी जुलाई में करीब 2 प्रतिशत बढ़े, आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा

भारतीय शेयर बाजार के लिए जुलाई का महीना काफी अच्छा रहा है। इस दौरान दोनों मुख्य सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी ने 2 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।
आखिरी कारोबार सत्र में सेंसेक्स 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 और निफ्टी 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। जुलाई में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 2.53 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.81 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
जुलाई में जिन प्रमुख शेयरों की मार्केट वैल्यू में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई, उनमें डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बंधन बैंक, थर्मैक्स, तेजस नेटवर्क्स, सुजलॉन एनर्जी, जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया, सीमेंस एनर्जी इंडिया और गुजरात एनर्जी शामिल थे।
वहीं, जुलाई में कल्याण ज्वैलर्स इंडिया के शेयर की कीमत में 60 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। ई-क्लार्क्स सर्विसेज, सीई इन्फो सिस्टम्स, लोढ़ा डेवलपर्स, एचईजी, इन्फो एज (इंडिया), एटीएम, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई।
सूचकांकों में जुलाई में निफ्टी आईटी 16.77 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (9.96 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (9.49 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (8.67 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (8.55 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (4.77 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.60 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
दूसरी तरफ, निफ्टी एनर्जी (2.54 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.98 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (1.48 प्रतिशत), और निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.46 प्रतिशत) की गिरावट के साथ सूचकांकों टॉप लूजर्स थे।
जानकारों का मानना है कि कुछ खास शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की वजह पहली तिमाही के नतीजे और ग्लोबल एआई-ट्रेड में बिकवाली के बावजूद आईटी सेक्टर में फिर से खरीदारी रही। आईटी सेक्टर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा क्योंकि जुलाई निवेशकों ने लगातार इस सेक्टर की ओर रुख किया।
राष्ट्रीय समाचार
आईबीएम और सर्वम ने किया साझेदारी का ऐलान, भारत में एआई इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती

दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी आईबीएम और भारतीय एआई स्टार्टअप सर्वम ने भारत में सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीकों के विकास और अपनाने में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को साझेदारी का ऐलान किया। यह विशेष रूप से सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों और विनियमित उद्यमों पर केंद्रित होगी।
इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां नागरिक सेवाओं, शिकायत निवारण, दस्तावेज प्रसंस्करण और प्रशासनिक कार्यप्रवाह (वर्कफ्लो) जैसे उपयोग मामलों के लिए सॉवरेन एआई तकनीकों को संयुक्त रूप से पेश करेंगी और पायलट परियोजनाएं संचालित करेंगी।
यह सहयोग आईबीएम के विशेष रूप से सॉवरेन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए गए एआई सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म ‘आईबीएम सॉवरेन कोर’ को सर्वम के ‘इंडिया-फर्स्ट’ सॉवरेन एआई स्टैक के साथ जोड़ेगा। सर्वम के इस एआई स्टैक में भारत में विकसित और प्रशिक्षित रीजनिंग मॉडल, बहुभाषी भाषा मॉडल और वॉयस एआई तकनीक शामिल हैं।
दोनों कंपनियों का संयुक्त समाधान संगठनों को डेटा, गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन पर अधिक नियंत्रण बनाए रखते हुए भारत की नियामकीय और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप एआई लागू करने में मदद करेगा।
इसके अलावा, इस पहल का उद्देश्य इनोवेशन पायलट, सॉल्यूशन एक्सेलरेटर, तकनीकी सलाहकार सेवाओं और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से सॉवरेन एआई को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देना है।
लखनऊ स्थित आईबीएम गॉवटेक एआई इनोवेशन सेंटर संयुक्त इनक्यूबेशन और डेमोंस्ट्रेशन हब के रूप में कार्य करेगा। यहां सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन और उद्यम बड़े पैमाने पर तैनाती से पहले सॉवरेन एआई के व्यावहारिक उपयोग, तकनीकी, परिचालन और गवर्नेंस संबंधी आवश्यकताओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।
आईबीएम सॉफ्टवेयर इंडिया और सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब के जनरल मैनेजर श्रीराम राघवन ने कहा, “सॉवरेन एआई केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि एआई कहां संचालित होता है। इसका उद्देश्य संगठनों को यह नियंत्रण देना है कि एआई का संचालन, प्रबंधन और तैनाती कैसे की जाए।”
उन्होंने कहा कि आईबीएम सॉवरेन कोर एक एंटरप्राइज-ग्रेड प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारों और विनियमित उद्यमों को गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करते हुए बड़े पैमाने पर एआई लागू करने में सहायता के लिए तैयार किया गया है।
सर्वम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि सॉवरेन एआई को उन प्रणालियों के भीतर काम करना चाहिए, जिन पर सरकारें और उद्यम पहले से निर्भर हैं, साथ ही बड़े पैमाने पर संचालन का भी समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारा एआई स्टैक इन प्रणालियों के ऊपर मॉडल, वॉयस और भाषा तकनीक उपलब्ध कराता है, ताकि कोई भी नागरिक अपनी मातृभाषा में फोन कॉल के जरिए सरकारी लाभ प्राप्त कर सके या अपनी शिकायत का समाधान कर सके।”
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