अपराध
भारत में ‘कुफरों’ को मारने के लिए संपर्को को उकसा रहा था दामुदी
जुफरी जौहर दामुदी उर्फ अबू हाजिर अल बद्री को आईएसआईएस ‘वॉयस ऑफ हिंद’ मॉड्यूल मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। वह इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के पदानुक्रम में उपर था और अफगानिस्तान और सीरिया में अपने नेताओं के साथ सीधे संपर्क में था। वह भारत में ‘कुफरों’ (काफिरों) को मारने के लिए अपने साइबर संपर्कों को उकसा रहा था।
एजेंसी द्वारा कई स्थानों पर तलाशी लेने के बाद एनआईए ने मामले के सिलसिले में 6 अगस्त को कर्नाटक के भटकल से दामुदी को गिरफ्तार किया था।
जांच से जुड़े एनआईए के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “दामुदी अप्रैल 2020 से केंद्रीय जांच एजेंसियों के नजर में आईएस प्रचार मासिक ऑनलाइन पत्रिका ‘वॉयस ऑफ हिंद’ के प्रोडक्शन और प्रसार में सक्रिय भूमिका के लिए था।”
अधिकारी ने कहा कि आईएसआईएस के प्रचार या मीडिया गतिविधि के अलावा, दामुदी हथियारों और विस्फोटकों की खरीद, मुजाहिदीनों के लिए धन और भर्ती सहित रसद सहायता भी देख रहा था।
अधिकारी ने कहा, “वह अफगानिस्तान के खुरासान और सीरिया में आईएस नेताओं के सीधे संपर्क में था।”
अधिकारी ने कहा कि दामुदी ने अपने साइबर संपर्को को ‘कुफरों’, पुलिस कर्मियों, पत्रकारों आदि को मारने और मंदिरों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए भी उकसाया।
अधिकारी ने कहा, दामुदी, जो आईएसकेपी के पदानुक्रम में उच्च पद पर था और साइबर स्पेस पर आईएसआईएस का एक प्रमुख संचालक था, ने दावा किया कि वह अफगानिस्तान या पाकिस्तान में था।
अधिकारी ने कहा कि वह भारत में खुफिया एजेंसियों द्वारा अपनी पहचान से बचने के लिए सभी सुरक्षा सावधानी बरत रहा था।
अधिकारी ने कहा, “सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान या पाकिस्तान में खुरासान में स्थित होने के उसके दावे के बावजूद, यह आकलन किया गया था कि दामुदी उर्फ बद्री भारत में स्थित हो सकता था, खुरासान नहीं।”
अधिकारी ने कहा कि इस आकलन के आधार पर और कासिम खुरासानी उर्फ उमर निसार के खुलासे से विकसित सुराग, जिसे इस साल 11 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय में एनआईए द्वारा आगे की खुफिया जांच में बद्री की असली पहचान भटकल स्थित ऑपरेटिव के रूप में स्थापित की गई थी।
अधिकारी ने कहा, “इसके बाद, फील्डवर्क के माध्यम से, एजेंसियों ने दामुदी की पहचान करने में कामयाबी हासिल की और यह भी स्थापित किया गया कि वह अदनान हसन दामुदी का छोटा भाई है, जिसे आईएसआईएस से संबंधित मामलों में 2017 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था।”
अधिकारी ने कहा कि दामुदी ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान स्थित आईएस के गुर्गों के साथ अपने जुड़ाव और आईएस की प्रचार पत्रिका ‘वॉयस ऑफ हिंद’ के प्रोडक्शन और प्रसार में शामिल होने को भी स्वीकार किया।
भारत में आईएस से जुड़े मामलों से जुड़े एनआईए के एक सूत्र ने कहा, “इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के साथ, एजेंसी आईएस के 5,000 से अधिक सदस्यों की पहचान करने के लिए काम कर रही है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।”
सूत्र ने कहा कि एजेंसी ने भारत के खिलाफ काम करने वाले आईएस के गुर्गों के खिलाफ साल भर के शोध और जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्र ने बताया कि एनआईए ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे ‘क्रॉनिकल फाउंडेशन’ पेज की पहचान की है, जिसका इस्तेमाल आईएस के नए रंगरूटों के लिए स्कूल के तौर पर किया जा रहा है।
सूत्र ने बताया कि सोशल मीडिया पर पेज की पड़ताल करने पर पता चला है कि वहां के ज्यादातर सदस्यों ने फर्जी नामों से अपनी आईडी बनाई है।
सूत्र ने कहा कि क्रॉनिकल फाउंडेशन के पेज को देखते हुए उनके नेताओं के भाषण देश भर में हिंदू नेताओं की लक्षित हत्याओं का संकेत देते हैं।
सूत्र ने आगे कहा कि एजेंसी वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बना रहे आईएस के गुर्गों को पकड़ने और लक्षित हत्याओं को रोकने के लिए हाल के दिनों में आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए कई आईएस गुर्गो से पूछताछ कर रही है।
पिछले एक महीने में, एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, श्रीनगर, बांदीपुर, बारामूला जिलों और कर्नाटक के मैंगलोर, बेंगलुरु और भटकल जिलों में फैले 21 स्थानों पर तलाशी ली है, जिसके परिणामस्वरूप तीन अलग-अलग मॉड्यूल में 10 गुर्गों की गिरफ्तारी हुई है।
अधिकारी ने कहा कि अखिल भारतीय कार्रवाई और इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के दो प्रमुख गुर्गों – खुरासानी और दामुदी की एक के बाद एक गिरफ्तारी – भारत में आईएस के लिए एक बड़ा झटका है।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

ARREST
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 5 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया है। यह गिरोह लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल था और देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले दूसरे राज्यों से नवजात बच्चों को लाते थे और फिर उनके जन्म रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें अवैध रूप से बेच देते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लाखों रुपए लेकर जरूरतमंद और संतानहीन दंपतियों को बच्चे बेच देता था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जबकि अन्य को राजस्थान से पकड़ा गया है। यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और हरियाणा सहित अन्य जगहों पर भी बच्चों को बेचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा रैकेट है जो लंबे समय से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से नवजात बच्चों को हासिल करने के बाद उनकी पहचान छुपाते थे। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस ने इस पूरे मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, यह भी जांच हो रही है कि बच्चों को किन-किन राज्यों में और किन लोगों को बेचा गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 नवजात बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और बाल कल्याण समिति की निगरानी में उन्हें आगे की देखभाल दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जल्द ही पूरी तरह उजागर किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
अपराध
वायु सेना अधिकारी की पत्नी से जुड़े जबरन धर्मांतरण मामले में मौलवी गिरफ्तार

नागपुर पुलिस ने भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी के कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हजरत मौलाना के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया और आगे की पूछताछ के लिए नागपुर लाया है।
महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सहपाठी और उसके कई साथियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन और काला जादू से जुड़े कथित अनुष्ठान कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस सप्ताह सामने आए इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति महिला का हाथ पकड़कर धार्मिक आयतें पढ़ता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और पुलिस जांच तेज कर दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी 26 वर्षीय अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार मौलवी ने कथित धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया और निकाह कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
एफआईआर के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया है कि 8 फरवरी 2025 को अयाज उसे एक होटल ले गया, जहां उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया गया। बेहोश होने के बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और पति को भेजने व सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कई बार यौन उत्पीड़न किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उससे करीब चार लाख रुपए भी वसूले गए।
महिला ने शिकायत में बताया कि वायरल वीडियो में वह रोते हुए खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही थी, जबकि आरोपी धार्मिक आयतें पढ़ रहा था। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है और फिर उसके साथ दोबारा यौन उत्पीड़न का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अयाज नियमित रूप से उसे प्लास्टिक की बोतल से एक तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर करता था। उसने दावा किया कि इसे पीने के बाद वह उर्दू में मंत्र पढ़ता था, उसके चेहरे पर फूंक मारता था और इस प्रक्रिया को सम्मोहन या काला जादू बताता था।
एफआईआर के अनुसार, 31 मई को आरोपी उसे अपने सहयोगी के साथ कलमेश्वर ले गया, जहां हजरत मौलाना ने धार्मिक गतिविधि के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे “कबूल है” कहलवाया। महिला का आरोप है कि इसके बाद मौलवी ने उसका धर्म परिवर्तन घोषित किया और अयाज के साथ निकाह करा दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौलवी से पूछताछ के दौरान मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अपराध
पंजाब: पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, एक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अभी इनसे पूछताछ कर मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस मामले से जुड़े अगर किसी आरोपी के बारे में जानकारी प्रकाश में आएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5.775 किलोग्राम हेरोइन, 1,33,640 प्रतिबंधित कैप्सूल/गोलियां, 39 कारतूस और 36,600 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस बात की जानकारी सामने आ सके कि इसमें कौन लोग शामिल हैं और किस-किस प्रकार की भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। अगर कोई अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त करना है और इस दिशा में हमारी पूरी कार्रवाई जारी रहेगी। हम नहीं चाहते हैं कि पंजाब के युवा किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाए।
बता दें कि पंजाब में सीमा पार से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। पुलिस अब तक इस मामले में कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 11 जून को कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे तस्करों के संपर्क में रहते थे और उनकी मदद से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी किया करते थे।
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