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Thursday,03-April-2025
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाएगी सीपीएम

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मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ हाथ न मिलाने और अपने गठबंधनों के संबंध में राज्यवार रणनीति अपनाने का फैसला किया है। माकपा पोलित ब्यूरो, इस राज्यवार रणनीति के तहत इस फॉर्मूले पर इसलिए पहुंची है क्योंकि अगल-अलग राज्यों की इकाइयों की तरफ से अलग-अलग मांग की जा रही है। खासकर पश्चिम बंगाल और केरल इन दो राज्यों की इकाइयों के बीच इस मामले पर कोई सहमति नहीं बन पाई है।

पांच राज्यों के चुनाव में अब कुछ ही समय बचा है इसलिए संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले सीपीआईएम ने ये रणनीति बनाई है। फिलहाल पार्टी चुनावी राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में अन्य वाम दलों के साथ गठबंधन करेगी। हालांकि पार्टी मुख्यतौर पर तमिलनाडु मॉडल के पक्ष में है, जहां सीपीआईएस और कांग्रेस दोनों पाटीर्यों ने एक क्षेत्रीय दल के नेतृत्व में गठबंधन में चुनाव लड़ा था। वहीं इन पांचों राज्य जहां चुनाव होने है इनकी समितियों ने कांग्रेस के साथ गठबंधन का विरोध किया है।

बीजेपी को हराने के लिए और कांग्रेस गठबंधन को लेकर सीपीआईएम जब तक कोई अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचती तब तक के लिए ये फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि तमाम राज्यों में कांग्रेस का गठबंधन दूसरे अन्य दलों से एक-एक कर टूट रहा है। इसी के मद्देनजर माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि माकपा पोलित ब्यूरो ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने की कोई चर्चा नहीं की। फिलहाल बीजेपी को हराने के लिए माकपा का सभी दलों के साथ गठबंधन बेहद जरूरी है।

गौरतलब है कि पिछले माह अक्टूबर में माकपा की तीन दिवसीय केंद्रीय समिति की बैठक हुई थी। बैठक के एजेंडे में आगामी चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस के साथ गठबंधन पर पार्टी की क्या नीति रहेगी, ये तय करना भी शामिल था। फिलहाल सूत्रों के अनुसार पोलित ब्यूरो में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को लेकर मतभेद हैं। केरल का गुट बीजेपी के खिलाफ क्षेत्रीय दलों के साथ वामपंथी नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष गठबंधन पर जोर दे रहा है।

पश्चिम बंगाल के नेताओं के गुट का कहना है कि देश के सबसे बड़े विपक्षी दल (कांग्रेस) से गठबंधन के बिना कोई भी गठबंधन करना पार्टी के लिए अव्यावहारिक ही साबित होगा। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर और क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग नीति बनाने की जरूरत होगी। फिलहाल इस मुद्दे पर सहमति न बन पाने के बाद अब पार्टी अगले साल में चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेगी।

हाल ही में माकपा पत्रिका चिन्था के एक लेख में, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने लिखा था कि कांग्रेस विपक्ष की धुरी नहीं हो सकती। सभी राज्यों में, केरल को छोड़कर, कांग्रेस के नेता भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं और इसलिए, दोनों के बीच बहुत कम विशिष्ट अंतर हैं।

इससे पहले अप्रैल 2018 में हैदराबाद में आयोजित पार्टी की 22वीं केंद्रीय समिति की बैठक में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को समान तौर पर देश के लिये घातक बताया गया था। पार्टी में सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों के लिए रैली करने की सहमति हुई थी। संसद के अंदर और बाहर कांग्रेस सहित सभी धर्मनिरपेक्ष विपक्षी दलों के साथ एक समझ रखने पर भी सहमति बनी थी। फिर भी इस सब में एक चेतावनी थी कि कांग्रेस पार्टी के साथ कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं हो सकता।

सूत्रों के अनुसार बैठक में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने तर्क भी दिया था कि जिस स्थिति के तहत 2018 में निर्णय लिया गया था, वह नहीं बदली है और बहस को फिर से खोलने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि 2019 के आम चुनावों में भाजपा की लगातार दूसरी जीत के बाद दक्षिणपंथ से खतरा और बढ़ गया है और इसलिए 2018 की लाइन पर चलने आवश्यकता है।

राजनीति

लोकसभा की मंजूरी के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा वक्फ बिल

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल। लोकसभा से वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किए जाने के बाद केंद्र सरकार इसे गुरुवार को उच्च सदन राज्यसभा में पेश करेगी।

लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर 12 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा हुई। वक्फ बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े।

वक्फ विधेयक पारित होने के अलावा निचले सदन द्वारा मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाला एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।

गुरुवार की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की पुष्टि करने वाला वैधानिक प्रस्ताव राज्यसभा में पेश करेंगे।

गृह मंत्री अमित शाह प्रस्ताव पेश करेंगे कि यह सदन मणिपुर राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356(1) के तहत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति द्वारा जारी उद्घोषणा को मंजूरी देता है।

लोकसभा ने गुरुवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने की पुष्टि करने वाला वैधानिक प्रस्ताव पारित कर दिया।

हालांकि, पार्टी लाइन से परे जाकर सभी सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया, लेकिन कुछ विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर की स्थिति के लिए केंद्र की आलोचना की। गृह मंत्री शाह ने कहा कि सरकार ने अशांत पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए हर संभव उपाय किए हैं।

मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) द्वारा जुटाए गए सॉवरेन गारंटी बांड (एसजीबी) पर ब्याज की सेवा के लिए भारत की आकस्मिकता निधि से धनराशि निकालने के संबंध में एक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे।

लोकसभा में तटीय नौवहन विधेयक, 2024 को मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा विचार और पारित करने के लिए रखा जाएगा। सोनोवाल द्वारा 1 अप्रैल को यह प्रस्ताव रखा गया था।

मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा विधेयक, 2025 को विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे। विधेयक का उद्देश्य “विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा प्रदान करना और मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन और विमान उपकरणों से संबंधित मामलों पर मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन के प्रोटोकॉल को लागू करना है, जिन पर 16 नवंबर, 2001 को केप टाउन में हस्ताक्षर किए गए थे।”

मंत्री मनोहर लाल खट्टर निचले सदन में “आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से संबंधित पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) पर आवास और शहरी मामलों की स्थायी समिति की 10वीं रिपोर्ट में निहित सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति” के बारे में एक बयान देंगे।

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राजनीति

पीएम मोदी की थाईलैंड और श्रीलंका यात्रा, बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और दोनों देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए थाईलैंड और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अगले तीन दिनों में मैं थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा करूंगा और इन देशों तथा बिम्सटेक देशों के साथ भारत के सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा। आज बाद में बैंकॉक में मैं प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से मिलूंगा और भारत-थाईलैंड मैत्री के सभी पहलुओं पर चर्चा करूंगा। कल मैं बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा और थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न से भी मुलाकात करूंगा।”

पीएम मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट पर लिखा, “मेरी श्रीलंका यात्रा 4 से 6 तारीख तक होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की भारत की सफल यात्रा के बाद हो रही है। हम बहुआयामी भारत-श्रीलंका मैत्री की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। मैं वहां होने वाली विभिन्न बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।”

मिली जानकारी के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच 10 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसमें 1980 के दशक के अंत में द्वीपीय देश के गृह युद्ध के दौरान भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) के हस्तक्षेप के बाद पहली बार रक्षा सहयोग को नवीनीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता भी शामिल है।

बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के नेता, यूनुस के साथ भविष्य के कार्यों पर चर्चा करेंगे।

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा, “हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है। इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है।”

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2-4 अप्रैल तक बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है। 4 अप्रैल को बिम्सटेक की अध्यक्षता आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को सौंप दी जाएगी। 4 अप्रैल को होने वाले इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड कर रहा है। यह पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी।

यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक भी होगी। 5वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, मार्च 2022 में कोलंबो, श्रीलंका में वर्चुअली आयोजित किया गया था।

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महाराष्ट्र

बीड मक्का मस्जिद बम विस्फोट की एटीएस जांच जारी

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मुंबई: मुंबई की मक्का मस्जिद में हुए बम धमाके के बाद महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है। एटीएस की टीम ने यहां पहुंचकर स्थानीय पुलिस से मामले से जुड़ी सारी जानकारी ली। पुलिस ने दो आतंकवादियों विजय रामा और श्री राम अशोक के आतंकवादी गतिविधियों से संबंधों की भी जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं, दोनों को जेटलिन छड़ें किसने उपलब्ध कराईं और आतंकियों ने मस्जिद को क्यों निशाना बनाया, एटीएस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।
एटीएस ने उन दो आतंकवादियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है जिन्हें बम विस्फोट के बाद स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एटीएस उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से भी पूछताछ करेगी। जेट ईंधन खरीदने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। बिना लाइसेंस के उन्हें जेट ईंधन किसने उपलब्ध कराया? यह एक मस्जिद पर आतंकवादी हमला था। इसलिए मुसलमान भी मांग कर रहे हैं कि इन आतंकवादियों पर यूएपीए एक्ट और देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए।
एटीएस सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बीड में मस्जिद बम विस्फोट के बाद एटीएस ने स्थानीय पुलिस थाने के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा आतंकवादी संबंधों, वित्तपोषण, जेटलाइनर की आपूर्ति तथा किसके निर्देश पर विस्फोट किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। एटीएस प्रमुख नोएल बजाज ने एटीएस जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि एटीएस जेटलाइनरों से संबंधित इस प्रकार के विस्फोटों और आतंकवादी मामलों की जांच करती है। इसलिए एटीएस भी बीड मस्जिद विस्फोट की जांच कर रही है और इसमें कई बिंदुओं और हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि बीड विस्फोट मामले में और लोगों की गिरफ्तारी की जा सके। विस्फोट के बाद बीड में स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। ईद से पहले हुए विस्फोट के बाद बीड में शांतिपूर्ण ईद मनाई गई। एटीएस बम विस्फोट से पहले पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आतंकवादियों द्वारा पोस्ट किए गए स्टेटस अपडेट और विस्फोट से पहले मस्जिद को उड़ाने की धमकी की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किसके इशारे पर दोनों ने मस्जिद को गिराने की धमकी दी थी और मुसलमानों के खिलाफ अभद्र जाति-संबंधी गालियां दी थीं।
एटीएस ने यह भी दावा किया है कि इस मामले की जांच में प्रगति हुई है। एटीएस की जांच के बाद अब इन आतंकियों के बेनकाब होने की संभावना स्पष्ट हो गई है। एटीएस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन दोनों ने आतंकी हमले और बम विस्फोट से पहले कितनी बैठकें की थीं और इन बैठकों में कितने लोग शामिल थे, या फिर क्या इन दोनों ने ही इस विस्फोट की साजिश को अंजाम दिया था। इस मामले में एटीएस जांच में भी प्रगति हुई है।

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