राजनीति
कांग्रेस ने मणिपुर में अवैध तरीके से वोट दिखाने पर चुनाव आयोग से शिकायत की
कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से आग्रह किया कि मणिपुर के विधानसभा अध्यक्ष सहित दो विधायकों के मतों को निरस्त किया जाए, क्योंकि इन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान मौजूद एजेंटों को अपने मत दिखाए हैं। पार्टी ने अपने दावे के समर्थन में एक वीडियो भी पेश किया है। मणिपुर से राज्यसभा की एक सीट के लिए भाजपा ने पूर्व नरेश लीसेम्बा सनाजाओबा को और कांग्रेस ने टी. मंगी बाबू को उम्मीदवार बनाया है।
चुनाव आयोग को दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा, अध्यक्ष वाई. खेमचंद सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि को अपना वोट अनधिकृत तरीके से दिखाया है। वीडियो रिकॉडिर्ंग भी इस तथ्य को स्पष्ट कर देगी। दूसरी तरफ, कांग्रेस विधायक गामथांग हाओकिप ने भाजपा के अधिकृत प्रतिनिधि और उस समय कक्ष में मौजूद अन्य लोगों को अपना वोट दिखाया है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा है कि इस सारे घटनाक्रम को वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
कांग्रेस ने राज्यसभा के चुनाव के लिए मतों को रद्द करने के संबंध में आठ अगस्त, 2017 के आदेश का हवाला दिया है।
यह आदेश चुनाव आयोग ने दिया था, जब अहमद पटेल चुनाव लड़ रहे थे और दो वोट इसी आधार पर अवैध घोषित किए गए थे।
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की अगुवाई वाली तीन साल पुरानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महागठबंधन सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। भाजपा के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायकों ने मंत्रीपद छोड़ दिया है। साथ ही एक तृणमूल कांग्रेस विधायक और एक निर्दलीय विधायक ने भी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। इस घटनाक्रम के एक दिन बाद ही कांग्रेस ने अब चुनाव आयोग के सामने भाजपा पर आरोप लगाया है।
भाजपा नीत महागठबंधन सरकार अब विधानसभा में अल्पमत में आ गई है।
अपराध
पंजाब: सीबीआई कोर्ट ने 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड केस में सात आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई

चंडीगढ़, 29 नवंबर: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कोर्ट ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।
मामले के मुख्य आरोपियों मनीष जैन और रमेश कुमार जैन को तीन साल की कठोर कारावास (आरआई) और प्रत्येक पर 35,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि अन्य आरोपियों रचना जैन, भूपिंदर सिंह, प्रतीपाल सिंह, संजीव कुमार जैन और अनीता जैन को तीन साल की जेल की सजा और प्रत्येक पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला 4 नवंबर 2016 को बैंक ऑफ़ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनीष ट्रेडर्स के पार्टनर मनीष जैन, रमेश कुमार जैन और कांता जैन ने बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर 7.83 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस साजिश के तहत बैंक को गलत तरीके से बड़ी राशि का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 जून 2017 को इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों की सुनवाई के बाद दोषियों को सजा सुनाई।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में साजिश के तहत बैंक को हानि पहुंचाना और फर्जीवाड़ा करना आरोपियों का मुख्य उद्देश्य था। अदालत ने मामले की पूरी जांच और चार्जशीट के आधार पर फैसला सुनाया और सभी दोषियों को सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया।
इस मामले में दोषियों को दी गई सजा तीन साल की है, लेकिन जुर्माना और कड़ी निगरानी के कारण आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। सीबीआई ने कहा है कि वे भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त और निष्पक्ष जांच जारी रखेंगे।
महाराष्ट्र
जोगेश्वरी पॉस्को केस में बेल पर आया आरोपी फिर गिरफ्तार

CRIME
मुंबई: मुंबई पॉस्को केस में शामिल एक भगोड़े आरोपी को जोगेश्वरी पुलिस ने 6 साल बाद फिर गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के जोगेश्वरी में, आरोपी पंकज पांचाल, 27, को 2019 में पॉस्को चाइल्ड अब्यूज़ और एक्सप्लॉइटेशन केस में गिरफ्तार किया गया था और वह बेल पर था, लेकिन कोर्ट की कार्रवाई से गैरहाज़िर था और पिछले 6 सालों से अपनी पहचान छिपा रहा था। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी SRA बिल्डिंग के पास आया है, जिस पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को जोगेश्वरी से गिरफ्तार करने में कामयाब रही। कोर्ट ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट भी जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने उसका पालन करते हुए उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया और कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। यह जानकारी मुंबई पुलिस ज़ोन 10 के DCP दत्ता नलावड़े ने दी है।
महाराष्ट्र
मिलिंद गैंगस्टर प्रतीक शाह बदर पर MPDA के तहत कार्रवाई

CRIME
मुंबई: मुंबई मिलिंद पुलिस ने शंकर धोत्रे के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसने यहां दुकानदारों, राहगीरों और रिक्शा चालकों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले और आतंक मचाया, और उस पर MPDA यानी स्लम गुंडों का एक्ट लगाया है। यह कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर महेश पाटिल के निर्देश पर की गई है। आरोपी इलाके में आतंक का अड्डा है। उसके खिलाफ पैसे वसूलने के लिए हिंसा के कुल 6 मामले दर्ज हैं। वह व्यापारियों और दुकानदारों को डरा-धमकाकर उनसे हर महीने पैसे वसूलता है। कोई भी उसके खिलाफ नहीं बोलता था। ऐसे में पुलिस ने शिकायतकर्ता को भरोसे में लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की। वह मिलिंद में आतंक का अड्डा है। MPDA के तहत कार्रवाई करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मुंबई से दूसरे शहरों में भेज दिया गया है। मुंबई पुलिस ने अब ऐसे गुंडों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि पुलिस के प्रति जनता का भरोसा फिर से कायम हो सके। गुंडों के दिल में पुलिस का डर बना रहे।
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