Connect with us
Monday,21-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीन के विकास पर चर्चा की

Published

on

स्थानीय समयानुसार 19 सितंबर को चीनी स्टेट कॉसिलर और विदेश मंत्री वांग यी ने न्यूयॉर्क में अमेरिका-चीन संबंध राष्ट्रीय कमेटी, अमेरिका-चीन व्यापार राष्ट्रीय कमेटी, और अमेरिकी वाणिज्य संघ के प्रतिनिधियों के साथ आदान-प्रदान किया।

वांग यी ने कहा कि आज की दुनिया स्थिर नहीं है। कोविड-19 महामारी समाप्त नहीं हुई, फिर यूक्रेन संकट आ गया और चीन-अमेरिका संबंध भी गतिरोध में फंस गये। बहुत से लोगों को यह चिंता है कि चीन और अमेरिका नये शीत युद्ध में प्रवेश कर जाएंगे। वर्तमान में चीन-अमेरिका संबंधों की संभावना में निश्चितता ज्यादा से ज्यादा कम बन रही है, और अनिश्चितता ज्यादा से ज्यादा अधिक बन रही है। इसकी चर्चा में वांग यी ने चीन की पाँच निश्चितताओं पर प्रकाश डाला।

पहला, चीन के अपने विकास की संभावना निश्चित है। दूसरा, चीन के सुधार व खुलेपन का संकल्प निश्चित है। तीसरा, अमेरिका के प्रति चीन की नीति निश्चित है। चौथा, दोनों देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने पर चीन का रुख निश्चित है। पाँचवाँ, अमेरिका के साथ बहुपक्षीय समन्वय करने पर चीन की इच्छा निश्चित है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

बांग्लादेश के निर्यातकों पर बढ़ा लागत का दबाव, भारत-वियतनाम-चीन से मुकाबले में पिछड़ रहे: रिपोर्ट

Published

on

ऊर्जा, वित्तपोषण और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के कारण बांग्लादेश के निर्यातक भारत, वियतनाम और चीन जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बाजार हिस्सेदारी खो रहे हैं। बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती लागत का बोझ निर्यातकों के लिए उठाना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि वे इसका पूरा असर विदेशी खरीदारों पर नहीं डाल पा रहे हैं। इससे निर्यात ऑर्डर घटने और बाजार हिस्सेदारी कम होने का खतरा बढ़ गया है।

उद्योग के अनुमान के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में गैस और बिजली की कीमतों में वृद्धि, मजदूरी, ब्याज दरों और मुद्रा विनिमय दर में गिरावट के कारण उत्पादन लागत में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में बांग्लादेश का वस्तु निर्यात लगभग 5 प्रतिशत घटकर 47.74 अरब डॉलर रह गया। वहीं, इसी अवधि में वियतनाम का निर्यात 16.8 प्रतिशत और चीन का 5.5 प्रतिशत बढ़ा।

उद्योग जगत का कहना है कि कीमत में मामूली अंतर भी ऑर्डर प्रतिस्पर्धी देशों की ओर मोड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और अमेरिकी प्रशासन की ओर से लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ ने भी निर्यातकों पर दबाव बढ़ा दिया है।

रिपोर्ट में एक उद्योग विशेषज्ञ के हवाले से कहा गया है कि यदि बांग्लादेश का एफओबी (फ्री-ऑन-बोर्ड) मूल्य किसी प्रतिस्पर्धी देश से केवल 1-2 प्रतिशत अधिक हो, तो खरीदार ऑर्डर दूसरी जगह भेज सकते हैं।

बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के एक पूर्व निदेशक के अनुसार, 4 डॉलर कीमत वाले परिधान के 10 लाख पीस के ऑर्डर में केवल 1-2 प्रतिशत कीमत का अंतर 40,000 से 80,000 डॉलर तक का फर्क पैदा कर सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में चटग्राम बंदरगाह की नई टैरिफ व्यवस्था के तहत सेवा शुल्क में औसतन 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। वहीं, 20 फुट के कंटेनर का शुल्क 11,849 टका से बढ़कर 16,243 टका हो गया, जो करीब 37 प्रतिशत की वृद्धि है।

बांग्लादेश निटवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष फजलि शमीम एहसान के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक पर्याप्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं या वित्तपोषण मंजूर करने में काफी समय लगा रहे हैं, जबकि सरकार लगातार समर्थन देने की अपील कर रही है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में गरजी एम777 तोप, तबाह किए सभी लक्ष्य

Published

on

भारत और अमेरिका की सेनाएं अपनी तोपखाना क्षमता का जोरदार प्रदर्शन कर रही हैं। तोप की मारक क्षमता का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका के संयुक्त युद्धाभ्यास किया जा रहा है। भारत में जारी युद्धाभ्यास में एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर से फायरिंग की गई। एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों ने सीधे नजर आ रहे लक्ष्यों को डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से निशाना बनाया।

इस बीच भारतीय सेना ने ‘हर पल सतर्क। हर समय तैयार।’ का अपना संदेश दोहराया है। सेना जय से विजय मिशन पर काम कर रही है। भारतीय सेना के मुताबिक राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एम777 की तोप टुकड़ियों ने बेहद सटीक निशाना साधा। सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस दौरान जवानों ने अपनी पेशेवर दक्षता, सटीकता और युद्ध के लिए तैयार रहने की क्षमता का प्रदर्शन किया। फायरिंग खत्म होने के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने एम777 की तैनाती वाली जगहों का दौरा किया।

अमेरिकी सैनिकों ने भारतीय तोप टुकड़ी के अधिकारियों और जवानों से बातचीत की। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच सैन्य अनुभव और बेहतर युद्धक प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को बिलकुल युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर दे रहा है। दोनों देश अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ एक-दूसरे के अनुभवों से सीख रहे हैं। दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था। फायरिंग से कुछ दिन पहले यहां एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती से जुड़ी गतिविधियों व संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया था। इन गतिविधि के तहत एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती पर व्याख्यान व प्रदर्शन किया गया।

इसमें सैन्य कर्मियों की जिम्मेदारियों, तोप की तैनाती की प्रक्रिया और स्थानीय रक्षा के समन्वय से जुड़े पहलुओं को समझाया गया था। दोनों देशों के जवानों को जवाबी गोलाबारी की स्थिति में वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पर बताई गई थी। इसके साथ ही ‘शूट एंड स्कूट’ अभ्यास किया गया। इस प्रक्रिया में निर्धारित कार्रवाई के बाद तोप को तेजी से उसकी स्थिति से हटाने की क्षमता पर जोर दिया जाता है। इस गतिविधि ने भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर दिया। दोनों पक्षों के सैन्य कर्मियों के बीच संवाद हुआ और सैन्य अभियानों से जुड़े बेहतर तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया गया।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच युद्धाभ्यास का 22वां संस्करण उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ जारी है। अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। इस अभ्यास में आधुनिक तकनीक भी केंद्र में है। सैनिक निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया, रियाद और यानबू को बनाया निशाना

Published

on

यमन के हूती समूह ने कहा है कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तट पर स्थित बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र यानबू को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इसे दोनों पक्षों के बीच टकराव और अधिक बढ़ने की आशंका हो गई है।

हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सार‍िया ने कहा कि इन हमलों में ‘बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन’ का इस्तेमाल किया गया।

सार‍िया के मुताबिक, पहले ऑपरेशन में रियाद के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें उन्होंने ‘संवेदनशील ठिकाने’ बताया। दूसरे ऑपरेशन में यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक फैसिलिटी पर हमला किया गया।

सार‍िया ने दावा किया क‍ि दोनों ऑपरेशन सफल रहे। उन्होंने कहा कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, वहां भीषण आग लग गई।

हूती का यह बयान शनिवार को रियाद में दो बार धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद आया। दूसरी घटना के बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ उड़ानों में देरी भी हुई।

सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले रियाद के लिए हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया था। बाद में उन्होंने बताया कि खतरा टल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने के बाद राजधानी रियाद के लिए इस तरह का यह पहला अलर्ट था।

बाद में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद को निशाना बनाकर दागी गई हूती की एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने बैश, ताइफ, फरसान और यानबू पर हमलों को नाकाम कर दिया।

गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इन हमलों में ‘आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों’ को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए ‘उचित कदम’ उठाने की बात कही।

वहीं, हूती प्रवक्ता सार‍िया ने इस आरोप से इनकार किया कि उनके समूह ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि रियाद पर हमले यमन में हूती के कब्जे वाले इलाकों पर सऊदी अरब के तेज होते हवाई हमलों के जवाब में किए गए।

सार‍िया ने कहा कि हूती जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने इसे जैसे को तैसा वाली रणनीति बताया और कहा कि जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जाती, तब तक उनकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

सऊदी अरब की राजधानी पर यह हमला यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच बढ़ते टकराव की ताजा घटना है।

मौजूदा टकराव की शुरुआत जुलाई के मध्य में हुई थी, जब यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हूती के नियंत्रण वाले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था। इसका मकसद ईरान के एक यात्री विमान को वहां उतरने से रोकना था। इस विमान में हूती का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सवार था, जो खामनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के बाद ईरान से लौट रहा था।

हूती समूह ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का एक प्रमुख सहयोगी है। इसके बाद हूती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए।

इसके बाद हूती समूह ने 20 जुलाई को बाब अल-मंदब स्‍ट्रेट से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का ऐलान किया। तब से समूह ने सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब में मौजूद तेल सुविधाओं पर कई हमले करने का दावा किया है।

यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में दखल दिया था।

–आईएएनएस

एवाई/एएसयमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया, रियाद और यानबू को बनाया निशाना

रियाद/सना, 20 सितंबर (आईएएनएस)। यमन के हूती समूह ने कहा है कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तट पर स्थित बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र यानबू को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इसे दोनों पक्षों के बीच टकराव और अधिक बढ़ने की आशंका हो गई है।

हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सार‍िया ने कहा कि इन हमलों में ‘बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन’ का इस्तेमाल किया गया।

सार‍िया के मुताबिक, पहले ऑपरेशन में रियाद के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें उन्होंने ‘संवेदनशील ठिकाने’ बताया। दूसरे ऑपरेशन में यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक फैसिलिटी पर हमला किया गया।

सार‍िया ने दावा किया क‍ि दोनों ऑपरेशन सफल रहे। उन्होंने कहा कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, वहां भीषण आग लग गई।

हूती का यह बयान शनिवार को रियाद में दो बार धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद आया। दूसरी घटना के बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ उड़ानों में देरी भी हुई।

सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले रियाद के लिए हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया था। बाद में उन्होंने बताया कि खतरा टल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने के बाद राजधानी रियाद के लिए इस तरह का यह पहला अलर्ट था।

बाद में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद को निशाना बनाकर दागी गई हूती की एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने बैश, ताइफ, फरसान और यानबू पर हमलों को नाकाम कर दिया।

गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इन हमलों में ‘आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों’ को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए ‘उचित कदम’ उठाने की बात कही।

वहीं, हूती प्रवक्ता सार‍िया ने इस आरोप से इनकार किया कि उनके समूह ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि रियाद पर हमले यमन में हूती के कब्जे वाले इलाकों पर सऊदी अरब के तेज होते हवाई हमलों के जवाब में किए गए।

सार‍िया ने कहा कि हूती जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने इसे जैसे को तैसा वाली रणनीति बताया और कहा कि जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जाती, तब तक उनकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

सऊदी अरब की राजधानी पर यह हमला यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच बढ़ते टकराव की ताजा घटना है।

मौजूदा टकराव की शुरुआत जुलाई के मध्य में हुई थी, जब यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हूती के नियंत्रण वाले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था। इसका मकसद ईरान के एक यात्री विमान को वहां उतरने से रोकना था। इस विमान में हूती का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सवार था, जो खामनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के बाद ईरान से लौट रहा था।

हूती समूह ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का एक प्रमुख सहयोगी है। इसके बाद हूती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए।

इसके बाद हूती समूह ने 20 जुलाई को बाब अल-मंदब स्‍ट्रेट से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का ऐलान किया। तब से समूह ने सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब में मौजूद तेल सुविधाओं पर कई हमले करने का दावा किया है।

यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में दखल दिया था।

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन9 hours ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

एमएलएस: 2-2 से ड्रॉ रहा इंटर मियामी और सैन डिएगो के बीच खेला गया मुकाबला, मेसी ने दागा एक गोल

खेल10 hours ago

एशियन गेम्स: वुशू में भारतीयों का जलवा, जीत के साथ रोशिबिना और आर्यन क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

खेल10 hours ago

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने की गृह मंत्री अमित शाह से खास मुलाकात

मनोरंजन10 hours ago

लारा दत्ता ने मां के अल्जाइमर से जूझने का किया जिक्र, बोलीं, ‘इसे बढ़ती उम्र की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें’

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

बांग्लादेश के निर्यातकों पर बढ़ा लागत का दबाव, भारत-वियतनाम-चीन से मुकाबले में पिछड़ रहे: रिपोर्ट

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

एफडीआई के अगले चरण में सिर्फ निवेश नहीं, मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम पर होना चाहिए फोकस: एसोचैम

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

आदिवासी कल्याण घोटाला: कर्नाटक सीएम का बड़ा बयान, बोले- बेगुनाह को देना पड़ा इस्तीफा

राजनीति11 hours ago

पीएम मोदी की पहल से 18,452 गांवों तक पहुंची बिजली, करोड़ों घरों को मिला कनेक्शन

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी गुट के 3 खातों का इस्तेमाल जारी रखने के अधिकार को बरकरार रखा

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल3 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

खेल5 days ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राजनीति1 week ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल2 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार1 week ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन2 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान