राजनीति
छत्तीसगढ़ के 21 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास होगा, 83 आरओबी और अंडर ब्रिज भी बनेंगे
रायपुर, 26 फरवरी। छत्तीसगढ़ में 21 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और 83 रोड ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य को यह सौगात दी।
इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर सुनील सोनी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 554 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों एवं 1,500 फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इसमें छत्तीसगढ़ के 21 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल है।
इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बदलाव की नई इबारत लिख रहा है और भारतीय रेलवे भी अपने कायाकल्प के स्वर्णिम दौर से गुजर रहा है। बीते वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर दिए गए विशेष जोर के ही कारण आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती रेल नेटवर्क प्रणाली है।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष के रेल बजट में हमारे राज्य को केंद्र सरकार द्वारा 6,896 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। यह वर्ष 2009 से वर्ष 2014 के बीच दिए गए औसतन बजट के मुकाबले 22 गुना है। दुर्ग एवं रायपुर दोनों स्टेशनों को पुनर्विकसित कर विश्वस्तरीय बनाने की योजना है। राज्य में वन्दे भारत ट्रेन भी चल रही है। राज्य में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का जो अभियान चल रहा है, उसके अंतर्गत 32 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तीव्र गति से चालू है।
राज्यपाल ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क 100 फीसदी विद्युतीकृत हो चुका है। राज्य में बीते 10 वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 162 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार हुआ जो कि वर्ष 2009 से 2014 की तुलना में कई गुना ज्यादा है। इसके अतिरिक्त आने वाले 3 से 5 साल में छत्तीसगढ़ में 36 हजार 968 करोड़ रुपए उन्नयन के लिये खर्च किये जाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 41 हजार करोड़ रुपए लागत की रिकॉर्ड 2,000 से अधिक रेल परियोजनाओं की देशवासियों को सौगात दी है। यह इतना आसान नहीं था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा रेलवे में किए गए रिकॉर्ड निवेश के कारण आज हम सब इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए किये जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नये रोड ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज बनाये जाने से छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क एवं रेल परिवहन और भी अधिक सुगम, सुचारू एवं सुरक्षित रूप से संचालित होगा।
रायपुर लोकसभा के सांसद सुनील सोनी ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से छोटे से छोटा स्टेशन भी मॉडल स्टेशन बन रहा है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में वंदे भारत ट्रेन की तरह और भी तेज गति की ट्रेन चलेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्कूली बच्चों के लिए निबंध, कविता, भाषण, प्रतियोगिताएं आयोजित गई थी।
इन प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को राज्यपाल नेे पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। गौरतलब है कि इस योजना में छत्तीसगढ़ के 21 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है, जिनमें कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, सरोना, भाटापारा, डोंगरगढ़, भिलाई नगर, हथबंध, बिल्हा, बैकुन्ठपुर रोड, अंबिकापुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड, जांजगीर नैला, चांपा, बाराद्वार, दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, निपनिया, मंदिरहसौद, भिलाई के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जायेगा।
राजनीति
पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी का जाना तय है, भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी : जनार्दन सिंह सिग्रीवाल

पटना, 19 मार्च : पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा होने के बाद बयानबाजियों का दौर भी शुरू हो गया है। इस बीच, भाजपा के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने गुरुवार को यहां कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जाना तय है। इस चुनाव में भाजपा विजयी होगी और वहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
पटना में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोग भाजपा की सरकार के आने का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद ही कई स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। इधर, बिहार में नए मुख्यमंत्री के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आगे जो भी मुख्यमंत्री होगा, उन्हें भी नीतीश कुमार का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार को और आगे बढ़ाना है, बिहार को विकसित बिहार बनाना है। इसके लिए हम सबको मजबूती के साथ आगे काम करना है और बिहार को विकसित प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के पहले बिहार में जंगलराज था, कहीं निकलना भी दूभर था। सड़कें, बिजली, पानी तक नहीं थी। लेकिन नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर इस बिहार को सुधारते-सुधारते यहां तक लाने का काम किया है। आज भी जो उनके जो काम अधूरे हैं, उन्हें भी पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री होंगे, उन्हें शुभकामनाएं हैं और हम सभी विकसित भारत और विकसित बिहार बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू का गठबंधन काफी पुराना है। हमलोग वर्षों से एक साथ चलते रहे हैं और इसकी आदत भी है, इसलिए कहीं कोई समस्या नहीं है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुने जाने के बाद अब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसे लेकर बयानबाजी भी तेज है।
राजनीति
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, बताया- अघोषित आपातकाल जैसे हालात

कोलकाता, 19 मार्च : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल को निशाना बनाकर अभूतपूर्व और चिंताजनक कदम उठा रहा है।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए कहा कि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही राज्य के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया, जिनमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उच्च स्तर की राजनीतिक दखलअंदाजी बताया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष रहने वाली संस्थाओं का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संविधान पर सीधा हमला है। एक तरफ जहां कथित तौर पर त्रुटिपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, वहीं आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण नजर आता है। अब तक अनुपूरक मतदाता सूची जारी नहीं की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी है। इससे आम नागरिकों में चिंता और असमंजस का माहौल है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि आईबी, एसटीएफ और सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को चुनिंदा तरीके से हटाकर राज्य से बाहर भेजा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर भाजपा इतनी बेचैन क्यों है और बंगाल को बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए लाइन में खड़ा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के फैसलों में विरोधाभास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आयोग कहता है कि हटाए गए अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर बाहर भेज दिया जाता है।
उन्होंने सिलीगुड़ी और बिधाननगर के पुलिस कमिश्नरों को बिना विकल्प दिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने पर भी सवाल उठाए, जिससे ये दोनों अहम शहर कुछ समय के लिए बिना नेतृत्व के रह गए। हालांकि, बाद में इस गलती को सुधारा गया। ममता बनर्जी ने इसे अराजकता, भ्रम और अक्षमता करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद संस्थाओं के जरिए बंगाल पर नियंत्रण करना है।
उन्होंने इसे ‘अघोषित आपातकाल’ और ‘राष्ट्रपति शासन जैसे हालात’ बताया। साथ ही कहा कि भाजपा जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रही है, इसलिए अब दबाव, डर और संस्थाओं के दुरुपयोग के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि बंगाल कभी डर के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने साफ कहा, “बंगाल लड़ेगा, विरोध करेगा और हर साजिश को नाकाम करेगा।”
राजनीति
ममता बनर्जी पर भाजपा का हमला, ‘मुख्यमंत्री टेंशन में, इसलिए करती हैं गलत बयानबाजी’

नई दिल्ली, 19 मार्च : आईपैक छापेमारी मामले में दखलअंदाजी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि ममता बनर्जी टेंशन में हैं और इसलिए गलत बयानबाजी करती हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को मिदनापुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “टीएमसी हमसे (भाजपा) से लड़ नहीं पाती है, इसलिए बार-बार चुनाव आयोग जाती है। यही लोग चुनाव आयोग को गाली देते हैं, काला झंडा दिखाते हैं और अब दिलीप घोष से लड़ने के लिए टीएमसी के आयोग के पैरों में पड़ते हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो वे सामने आएं।”
आईपैक मामले में दिलीप घोष ने कहा कि मामला अदालत में चल रहा है। वहां उसे चलने दीजिए। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गलत बयानबाजी कर रही हैं, क्योंकि वे टेंशन में हैं। उन्होंने आगे कहा, “बंगाल की जनता ने टीएमसी का शासन देख लिया है। वे भाजपा को चुनेंगे। जिस तरह कांग्रेस और माकपा का हाल हुआ, टीएमसी का उससे भी बुरा हाल होगा। इस चुनाव से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है।”
इसी बीच, बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने ममता बनर्जी को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह देश में पहली घटना होगी, जब ईडी ने किसी गंभीर मामले में छापा मारा और उस स्थल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गईं और अपने साथ फाइल समेटकर ला रही थी, पूरे देश ने देखा। उन्होंने जिस तरह के बयान दिए, वे किसी मुख्यमंत्री का अच्छा आचरण नहीं था।”
संजय सरावगी ने आगे कहा, “उन्होंने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान किया। बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ मुख्यमंत्री का आचरण अमर्यादित है। ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की है, जो बिल्कुल सही है। ईडी संवैधानिक संस्था है और वह अपनी कार्रवाई कर रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां खुद अधिकारियों के साथ पहुंची और फाइलें लेकर आईं। यह बिल्कुल गलत था।”
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “बंगाल में टीएमसी की कथित गुंडागर्दी की समीक्षा करते हुए, स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि वहां ‘जंगल राज’ जैसी स्थिति बनी हुई है। यह कहा जा रहा है कि ऐसी अराजकता कानून और संविधान से ऊपर उठती जा रही है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
महाराष्ट्र12 months agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
