राष्ट्रीय
कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुए इक्विटी इंडेक्स पर लगा कॉशन
भारत के प्रमुख इक्विटी सूचकांकों के आने वाले सप्ताह में वैश्विक स्तर पर कोविड के बढ़ते मामलों और यूएस फेड के दर संबंधी निर्णयों के मद्देनजर सावधानी बरतने की उम्मीद है। हालांकि, मजबूत तिमाही नतीजों की उम्मीदों के साथ-साथ त्वरित आर्थिक सुधार की उम्मीद से बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहेगी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, यूएस फेड की ब्याज दर और कोरोनावायरस और इसके प्रकारों के प्रसार में प्रगति पर ध्यान दिया जाएगा।
निफ्टी ने पिछले सप्ताह की तुलना में साप्ताहिक चार्ट पर निचला ऊपरी निचला तल बनाया है। इसलिए 15,962 प्रतिरोध भविष्य की दिशा का एक महत्वपूर्ण निर्धारक बन जाता है।
इसके अलावा, जसानी ने उद्धृत किया कि जब तक इस स्तर (15,962) का उल्लंघन नहीं किया जाता है, तब तक बाजार, क्षेत्र और स्टॉक रोटेशनल प्रॉफिट ले सकते हैं।
इसके अलावा, आने वाले सप्ताह में आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाटा मोटर्स, कोटक बैंक, डॉ रेड्डीज, मारुति सुजुकी सेक्यू1वित्तीय वर्ष22 कॉपोर्रेट परिणाम जारी होंगे।
सिद्धार्थ खेमका, हेड (रिटेल रिसर्च, ब्रोकिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ने कहा, क्यू1 का परिणाम सीजन अब तक उम्मीद से बेहतर रहा है – जिससे सेक्टर या स्टॉक विशिष्ट कार्रवाई हो रही है – जो निकट भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है। , मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज।
इसके अलावा यह निवेशकों को प्रबंधन टिप्पणियों के माध्यम से आर्थिक सुधार के पैमाने में कुछ अंतर्²ष्टि प्रदान कर सकता है।
पिछले हफ्ते, भारत के इक्विटी इंडेक्स उच्च अस्थिरता के बाद मामूली नुकसान के साथ समाप्त हुए क्योंकि डेल्टा वेरिएंट के मामलों में वृद्धि ने वैश्विक स्तर पर जोखिम की भूख को प्रभावित किया।
एमके वेल्थ मैनेजमेंट के अनुसंधान प्रमुख जोसेफ थॉमस के अनुसार, आने वाले सप्ताह में, कॉपोर्रेट आय पर ध्यान देना जारी रहेगा, क्योंकि बाजार सहभागियों ने पिछले कुछ कमाई के दौरान देखी गई कमाई उन्नयन की स्थिरता को मापने की कोशिश की है।
देखने के लिए एक अन्य कारक अमेरिका में और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी डेल्टा संस्करण के मामलों में वृद्धि है।
इसके अलावा, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि आगामी सप्ताह वैश्विक भावनाओं से प्रेरित होगा।
रिपोटरें के अनुसार, फेड अपनी आसान-पैसा नीति पर विचार-विमर्श करने के लिए तैयार है और अगले साल बंधक-समर्थित प्रतिभूतियों पर जोर देने के साथ परिसंपत्ति खरीद को वापस लेना शुरू कर देगा।
राजनीति
राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।
उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।
बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में भारत का राहत अभियान जारी, चिलिमे टनल से पानी-कीचड़ निकालने में तकनीकी टीम कर रही मदद

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से भारत लगातार राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रह है। बुधवार को भारतीय बचाव दल चिलिमे स्थित सुरंग में लोगों के बचाव अभियान में तत्परता से मदद कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरंग बचाव अभियान के तहत भारत की संयुक्त तकनीकी टीम ने बुधवार को भी चिलिमे स्थित सुरंग में पानी निकालने और कीचड़ हटाने का काम जारी रखा। हालांकि, सुरंग की ढलान और अंदर पहुंचने में आने वाली मुश्किलें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीम नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करके काम आगे बढ़ा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि सुरंग को साफ करने के लिए भारी मशीनरी अंदर ले जाने के लिए जो अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, उसका निर्माण भी लगातार जारी है। उम्मीद है कि यह रास्ता अगले 2 से 3 दिनों में तैयार हो जाएगा। काठमांडू में काम कर रही भारतीय फोरेंसिक टीम भी लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। फिलहाल टीम 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच कर रही है। अब तक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।
राजनीति
पीएम मोदी के 25 साल के जनसेवा कार्यकाल पर ‘सेवा संकल्प अभियान’, वडनगर से वाराणसी तक निकलेगी सेवा यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने देशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने का ऐलान किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर अभियान की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर वडनगर से वाराणसी के बीच सेवा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा देश के 17 राज्यों से होकर गुजरेगी। अलग-अलग स्थानों पर युवाओं की टोलियां बनाई जाएंगी और प्रत्येक टोली में 50 युवा शामिल होंगे। इन यात्राओं और कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था और वह वर्तमान में वाराणसी से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की यह यात्रा प्रधानमंत्री की राजनीतिक और जनसेवा यात्रा को जोड़ने का भी प्रतीक होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ आयोजित की जाएगी। इसके तहत देशभर में बाइक रैलियां और पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों से विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की जाएगी।
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभाली, तब देश में निराशा और अंधकार का माहौल था और इसे ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ का दौर कहा जाता था। उस समय भारत की अर्थव्यवस्था को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता था।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश ने अपनी अलग पहचान बनाई है और भारत की विश्वसनीयता तथा सम्मान में लगातार वृद्धि हुई है। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि आज हर भारतीय सुरक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ है। उनके अनुसार, पहले नक्सलवाद से प्रभावित 200 से अधिक जिले अब नक्सलमुक्त होकर सामान्य जनजीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोच में बदलाव किया। पहले इन गांवों को देश का ‘आखिरी गांव’ कहा जाता था, लेकिन सरकार ने उन्हें ‘भारत का प्रथम गांव’ कहकर नई पहचान देने का काम किया। इससे इन क्षेत्रों के विकास के साथ वहां रहने वाले लोगों के प्रति देश की सोच में भी बदलाव आया है।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सफर एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ और आज वह देश के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके मुताबिक यह यात्रा स्पष्ट विजन, दृढ़ संकल्प और सामाजिक जीवन में लगातार गुणात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि 25 करोड़ गरीब परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने की सफलता प्रधानमंत्री के नेतृत्व और विजन का परिणाम है। सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की सोच से गरीबों के जीवन में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की जनसेवा यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ आम लोगों को सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भाजपा का दायित्व है कि प्रधानमंत्री के जनसेवा और समर्पण के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
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