राजनीति
लगातार दूसरे दिन महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर बस सेवाएं निलंबित
मुंबई, 7 दिसंबर : सीमावर्ती जिलों में अशांति के मद्देनजर दूसरे दिन भी महाराष्ट्र से कर्नाटक के लिए हजारों राज्य परिवहन और निजी बसें और माल ट्रक सेवाएं निलंबित रहीं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे विभिन्न कारणों से दोनों राज्यों के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, इसके अलावा वाणिज्यिक सामान, खाद्य पदार्थ आदि सहित सभी प्रकार की सामग्रियों के परिवहन और आपूर्ति को महाराष्ट्र से कर्नाटक और कर्नाटक से महाराष्ट्र तक रोक दिया गया है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया कि मंगलवार से यहां से कर्नाटक के लिए करीब 750 एसटी बस सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित कर दी गई हैं।
बॉम्बे गुड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कमेटी के सदस्य दीपक वर्मा ने कहा कि लगभग 2,500 ट्रक महाराष्ट्र से कर्नाटक में खराब होने वाले खाद्य पदार्थो सहित सभी प्रकार की सामग्रियों को ले जाते हैं, जो रास्ते में विभिन्न बिंदुओं पर फंसे हुए हैं।
वर्मा ने कहा कि इनमें राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों के माल ट्रक शामिल हैं जो महाराष्ट्र सीमा मार्गो के माध्यम से कर्नाटक में सामान लाते हैं।
इसके अलावा लगभग 1,000 निजी बसें, मिनी वैन, टेम्पो या अन्य छोटे परिवहन वाहन हैं जो पिछले 24 घंटों में सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं, हालांकि कर्नाटक से महाराष्ट्र जाने वाले वाहनों की संख्या उपलब्ध नहीं है।
कर्नाटक रक्षण वेदिके के कुछ कथित कार्यकर्ताओं द्वारा बेलगावी (बेलगाम) सीमा से राज्य में प्रवेश करने वाली कई बसों और ट्रकों पर हमला करने के बाद मंगलवार को स्थिति अचानक से भड़क गई।
इसने महाराष्ट्र में कर्नाटक के वाहनों के खिलाफ प्रतिशोध की चिंगारी भड़काई और एक बड़े पैमाने पर राजनीतिक हंगामे का रूप ले लिया। मामला अब केंद्र के पाले में है।
राजनीति
भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार, एलपीजी की एक महीने की पूरी व्यवस्था: सरकार

नई दिल्ली, 26 मार्च : सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ‘जानबूझकर अफवाह और गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान’ से गुमराह न हों, जिनका उद्देश्य बेवजह डर पैदा करना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है और फिलहाल करीब 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पाद और रणनीतिक भंडारण शामिल हैं, जबकि ‘हम मध्य पूर्व संकट के 27 वें दिन में हैं’। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि देश के सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद है।
सरकार ने एक बयान में कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हर नागरिक के लिए लगभग दो महीने तक की सप्लाई सुनिश्चित है, चाहे वैश्विक हालात कैसे भी हों।
इसके अलावा, अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद भी पहले से तय कर ली गई है। सरकार ने कहा कि भारत आने वाले कई महीनों तक पूरी तरह सुरक्षित है और भंडार कम होने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं।
दुनिया के कई देशों में जहां ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, राशनिंग लागू की जा रही है और पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं, वहीं भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार ने कहा कि कुछ जगहों पर घबराहट में खरीदारी सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के कारण हुई है।
सरकार ने यह भी बताया कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को मिलने वाला क्रेडिट बढ़ाकर 3 दिन कर दिया है, ताकि किसी भी पंप पर कामकाजी पूंजी की कमी के कारण ईंधन की कमी न हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारत अब 41 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है और पहले से ज्यादा सप्लाई मिल रही है। देश की सभी रिफाइनरी 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों की सप्लाई पहले से तय है।
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने कहा कि कोई कमी नहीं है। घरेलू उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ाकर रोजाना 50 टीएमटी कर दिया गया है, जबकि कुल जरूरत लगभग 80 टीएमटी है। यानी अब आयात की जरूरत कम होकर सिर्फ 30 टीएमटी रह गई है।
इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से 800 टीएमटी एलपीजी पहले ही भारत के लिए भेजा जा चुका है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगा। सरकार के अनुसार, कम से कम एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे भी लगातार व्यवस्था की जा रही है।
तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। साथ ही, ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।
सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है। भारत रोजाना 92 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह (एमएमएससीएमडी) गैस खुद पैदा करता है, जबकि कुल जरूरत 191 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में गैस पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है।
देश में पीएनजी नेटवर्क भी तेजी से बढ़ा है। 2014 में जहां 57 क्षेत्र थे, वहीं अब 300 से ज्यादा क्षेत्रों में यह सुविधा पहुंच चुकी है। वहीं घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।
सरकार ने साफ किया है कि पीएनजी को बढ़ावा एलपीजी की कमी के कारण नहीं दिया जा रहा है, बल्कि यह एक बेहतर और सस्ता विकल्प है। एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन और गैस से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ सरकारी आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
राजनीति
एलपीजी संकट पर बोले सीएम योगी, लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर

गोरखपुर, 26 मार्च : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित समय पर बुकिंग कराएं, सिलेंडर आपके घर पहुंच जाएगा। इसी तरह आवश्यकता होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाएं, फिलिंग सेंटरों पर लाइन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ लोग अफवाह फैला कर राज्य का माहौल खराब करना चाहते हैं, अव्यवस्था फैलाना चाह रहे हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
सीएम योगी ने गुरुवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र (गीडा) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गल्फ वॉर के पहले अगर किसी के घर रसोई गैस का सिलेंडर एक महीने चलता था तो वह आज पांचवें या छठवें दिन ही सिलेंडर लेने क्यों पहुंच रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय पर ही बुकिंग कराएं, आपकी बारी आने पर रसोई गैस आपके घर तक पहुंच जाएगी। सरकार ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जैसे पहले गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी होती थी, वैसे ही अब भी होगी। इसके लिए एजेंसी के बाहर लाइन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। पेट्रोल-डीजल लेने तभी जाएं, जब आवश्यकता हो, लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम उतावलेपन में आकर किसी अफवाह या दुष्प्रचार के चक्कर में पड़ते हैं तो हमारी राष्ट्रभक्ति पर लोग संदेह करेंगे। हमको यह सतर्कता रखनी होगी। हमें अपने राष्ट्रीय नेतृत्व पर विश्वास रखकर धन्यवाद देना चाहिए कि भारत में सबकुछ अच्छा है। उत्साहपूर्वक उत्सव मनाए जा रहे हैं। नवरात्र के कार्यक्रम हो रहे हैं। शुक्रवार को रामनवमी है और 12 बजे रामजन्मभूमि पर सूर्य भगवान भी भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
उन्होंने कहा कि आज ईरान-अमेरिका/इजराइल युद्ध से पूरी दुनिया प्रभावित है। दुनिया में हाहाकार, अराजकता, अव्यवस्था है, लेकिन भारत के अंदर हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बेखौफ व सुरक्षित हैं, विकास यात्रा को भी बढ़ा रहे हैं, लेकिन यह युद्ध लंबा खिंचा तो हर व्यक्ति प्रभावित होगा। हमको भी मानसिक रूप से तैयार होना होगा। अफवाहों पर ध्यान नहीं देना होगा। जब आपत्ति या चुनौती आती है तो उसका मुकाबला करने के लिए हर व्यक्ति को सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति होती है। जब हम किसी भी राष्ट्रीय मुद्दे पर सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं तो बेहतर परिणाम सामने आएंगे। देशहित में अगर सरकार ने कोई कदम उठाया तो हम उसके लिए खुद को तैयार करेंगे।
दुर्घटना
आंध्र प्रदेश बस हादसाः सरकार ने नियंत्रण कक्ष किया स्थापित, हेल्पलाइन नंबर भी जारी

अमरावती, 26 मार्च : आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम में हुए बस हादसे के संबंध में जानकारी के लिए जिले के आरडीओ कार्यालय में एक कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और हेल्पलाइन शुरू की गई है। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मार्कपुरम आरडीओ कार्यालय के संपर्क नंबर 6304285613, 9985733999, 7989537285 और 9703578434 हैं। ओंगोल स्थित प्रकाशम जिला कलेक्टर कार्यालय में 1077 नंबर से एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस दुखद बस दुर्घटना के पीड़ितों की सहायता के लिए नेल्लोर कलेक्टर कार्यालय में एक अन्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नेल्लोर जिले के कलेक्टर हिमांशु शुक्ला के अनुसार, नियंत्रण कक्ष के नंबर 7995575699 और 08612331261 हैं।
जानकारी के अनुसार, नेल्लोर जिले के 15 यात्री बस में सवार थे। मार्कपुरम जिले के कलेक्टर पी. राजबाबू ने दुर्घटना की जांच की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घायलों को उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
बता दें कि मार्कपुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार को सुबह लगभग 6:30 बजे एक निजी ट्रैवल बस की टिपर ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें सवार कम से कम 14 लोग जलकर मर गए और 22 अन्य घायल हो गए। हरिकृष्णा ट्रेवल्स की इस बस में लगभग 35 यात्री सवार थे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बस दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने मंत्री अनीता और जनार्दन रेड्डी, शीर्ष पुलिस अधिकारी, जिला एसपी और जिला कलेक्टर के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने उन्हें प्रारंभिक जानकारी दी कि दुर्घटना के समय बस में कुल 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 14 की मृत्यु हो गई, जबकि 22 घायल यात्रियों का वर्तमान में इलाज चल रहा है। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को सभी घायल पीड़ितों के लिए सर्वोत्तम संभव चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने, मृतकों और घायलों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करने का निर्देश दिया है।
प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि दुर्घटना बस के विपरीत लेन में जाने के बाद हुई होगी, जबकि बस चालक ने कथित तौर पर बताया कि स्टीयरिंग जाम हो गया था।
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