अंतरराष्ट्रीय
ब्रिस्बेन टेस्ट : तीसरे सत्र का खेल धुला दूसरे दिन का खेल खत्म
भारत और आस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीमों के बीच यहां के गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में जारी चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन शनिवार को बारिश के कारण तीसरे सत्र में एक भी ओवर नहीं फेंका जा सका और स्टम्प्स की घोषणा कर दी गई। मेजबान टीम को 369 रनों पर समेटने के बाद टी टाइम तक भारत अपनी पहली पारी में दोनों ओपनरों के विकेट गंवाकर 62 रन बना लिए थे। इसके बाद का खेल सम्भव नहीं हो सका क्योंकि बारिश लगातार जारी रही। दिन के अंतिम पहर में बारिश छूटी लेकिन मैदान खेल के लायक नहीं रहा।
बाकी के तीन दिनों में भी बारिश की आशंका जताई गई है। आज की नुकसान की भरपाई के लिए शेष तीन दिन का खेल निर्धारित समय से आधे घंटे पहले शुरू होगा।
बहरहाल, मेजबान आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 369 रन बनाए थे। इस लिहाज से भारतीय टीम 307 रन पीछे है। टी टाइम तक कप्तान अजिंक्य रहाणे ने दो और चेतेश्वर पुजारा ने आठ रन बनाए थे। भारत ने 26 ओवरों की सामना किया है।
भारत ने मात्र 11 रनों पर शुभमन गिल (7) का विकेट गंवा दिया था। गिल को पैट कमिंस ने आउट किया। इसके बाद रोहित शर्मा (44) ने पुजारा के साथ मिलकर 49 रन जोड़े।
60 के कुल योग पर रोहित अपना 100वां टेस्ट खेल रहे नेथन लॉयन की गेंद पर मिशेल स्टार्क द्वारा कैच कर लिए गए। रोहित ने 74 गेंदों का सामना कर 6 चौके लगाए । रोहित लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए जो चोटों से जूझ रही भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब हो सकता है।
इससे पहले, अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजों ने आस्ट्रेलिया की पहली पारी 369 रनों पर समेट दी। आस्ट्रेलियाई पारी की समाप्ति के साथ लंच घोषित कर दिया गया था।
दूसरे दिन पेन ने अपना अर्धशतक पूरा किया और आस्ट्रेलिया ने 300 का स्कोर भी छुआ। पेना हालांकि 311 के कुल योग पर आउट हो गए। पेन को शार्दूल ठाकुर ने रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। पेन ने 104 गेंदों का सामना कर छह चौके लगाए।
पेन और ग्रीन के बीच 98 रनों की साझेदारी हुई। पेन की विदाई के तुरंत बाद 313 के कुल योग पर ग्रीन भी आउट हो गए। ग्रीन ने 107 गेंदों पर छह चौके लगाए। इसके बाद 315 के कुल योग पर पैट कमिंस (2) भी आउट हो गए।
इसके बाद हालांकि अपना 100वां टेस्ट खेल रहे नेथन लॉयन (24) और मिशेल स्टार्क (नाबाद 20) के बीच 40 गेंदों पर 39 रनों की उपयोगी साझेदारी हुई। लॉयन 354 के कुल योग पर पवेलियन लौटे।
जोस हेजलवुड (11) को 369 के कुल योग पर अपना पहला टेस्ट खेल रहे टी. नटराजन ने तीसरा शिकार बनाया।
भारत की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे नटराजन और वॉशिंगटन सुंदर के अलावा ठाकुर ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि मोहम्मद सिराज तो एक सफलता मिली।
टी. नटराजन डेब्यू मैच में विकेट लेने के मामले में भारत के दूसरे सबसे सफल लेफ्ट आर्म पेसर बन गए हैं। भारत के लिए डेब्यू मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला लेफ्ट आर्म पेसर होने का रिकार्ड रुद्र प्रताप सिंह के नाम है, जिन्होंने 2005-06 में फैसलाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ 89 रन देकर 4 विकेट लिए थे।
आरपी सिंह ने 1952-53 सीजन में लखनऊ में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू करते हुए 97 रन देकर तीन विकेट लेने वाले एसएस नयालचंद के रिकार्ड को पीछे छोड़ा था। अब नटराजन भी नयालचंद से आगे निकल गए हैं।
चार मैचों की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। आस्ट्रेलिया ने एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट में 8 विकेट से जीत हासिल की थी। जवाब में भारत ने मेलबर्न टेस्ट में शानदार वापसी करते हुए 8 विकेट की शानदार जीत हासिल कर 1-1 की बराबरी कर ली थी।
लगा था कि सिडनी टेस्ट जीतकर कोई टीम लीड ले लेगी। पांच दिनों तक चले इस मुकाबले में मेजबान टीम जीत की स्थिति में दिख रही थी लेकिन भारत ने कई खिलाड़ियों की चोट के बावजूद शानदार खेल दिखाते हुई मैच ड्रॉ करा लिया था।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

तेल अवीव, 10 अप्रैल : ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।”
दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा “इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।”
इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिन इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।
पीएम शहबाज ने एक्स पर लिखा, “मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने लेबनान के खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की कड़ी निंदा की और इन दुश्मनी की वजह से लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख जताया। मैंने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए बातचीत को आसान बनाने समेत शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का शुक्रिया जिन्होंने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों की सराहना की और लेबनान और उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत खत्म करने के लिए हमारे लगातार समर्थन की जरूरत पर जोर दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इजरायली कार्रवाई इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील करता है।
बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
