खेल
बॉक्सिंग चैंपियनशिप की बुधवार से होगी शुरूआत
5वीं एलीट मेन्स नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप बुधवार से कर्नाटक के बेल्लारी स्थित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में शुरू होने जा रही है। डिफेंडिंग चैंपियन शिवा थापा और मोहम्मद हुसामुद्दीन इस आयोजन का खास आकर्षण होंगे, क्योंकि ये दोनों देश के अन्य शीर्ष मुक्केबाजों के साथ खिताब की दौड़ में शामिल होंगे। यह टूर्नामेंट 21 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद सेलेक्शन ट्रायल का आयोजन होगा, जो 24 सितंबर तक चलेगा।
35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की इकाइयों तथा बोडरें और करीबी 400 मुक्केबाजों की भागीदारी के साथ, चैंपियनशिप इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) के संशोधित वजन डिवीजनों के आधार पर खेली जाएगी, जिसे अब 10 से बढ़ाकर 13 कर दिया गया है। इस सात दिवसीय आयोजन में हिस्सा लेने वालो में एक और उल्लेखनीय नाम शामिल है और वह है 2017 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता गौरव बिधूड़ी का।
कोविड -19 महामारी के कारण इस प्रतिष्ठित घरेलू मुक्केबाजी प्रतियोगिता की एक साल के अंतराल के बाद वापसी हो रही है, जिसका अंतिम संस्करण 2019 में हिमाचल प्रदेश के बद्दी में आयोजित किया गया था।
आगामी चैंपियनशिप मुक्केबाजों के लिए भी एक बड़ा अवसर प्रदान करेगी क्योंकि स्वर्ण पदक विजेता को आगामी 2021 एआईबीए एलीट मेन्स वल्र्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाएगा, जो 24 अक्टूबर से 6 नवंबर तक सर्बिया के बेलग्रेड में होने वाली है।
नेशनल चैंपियनशिप के स्वर्ण और रजत पदक विजेता राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में शामिल होंगे। जबकि शिविर में शेष दो स्थानों का निर्णय चयन ट्रायल के आधार पर किया जाएगा, जो कि नेशनल के ठीक बाद होगा, जहां नेशनल्स के दो कांस्य पदक विजेता उन तीन शीर्ष टीमों- एसएससीबी, आरएसपीबी और हरियाणा – की बी टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुक्केबाजों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बीते संस्करण में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था।
नेशनल कैम्प के लिए शेष दो नामों की घोषणा 24 सितंबर को सेलेक्शन ट्रायल के परिणामों के आधार पर की जाएगी।
राजनीति
बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी : प्रतुल शाहदेव

रांची, 9 अप्रैल : भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
रांची में मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हम पूरी तरह से पश्चिम बंगाल में बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख फर्जी वोटर थे। यही ममता बनर्जी का मुख्य वोट बैंक था और इसी के सहारे वे जीतती रही हैं, क्योंकि स्थानीय प्रशासन उनके प्रभाव में रहता था। स्थानीय प्रशासन किस तरह अभी भी उनके प्रभाव में है, यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मालदा में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को 9 घंटे तक घेरकर रखा गया।
मौजूदा चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन तक नहीं उठाया, तब सीजेआई को कहना पड़ा कि आपको फोन उठाना चाहिए। जिस तरीके से पूरी ब्यूरोक्रेसी का राजनीतिकरण किया गया है, वह सब अब समाप्त होने वाला है। बंगाल से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर किया जाएगा। भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
उन्होंने तीन राज्यों में चल रहे मतदान पर कहा कि जनता से अपील है कि बड़ी संख्या में आएं और देर शाम तक रिकॉर्ड मतदान करें। लोकतंत्र के महापर्व में अपना अमूल्य वोट देकर अपनी सहभागिता निभाएं। जहां तक तीनों राज्यों की बात है, तो केरल में हम अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले हैं। जो लोग हमें कहते थे कि आपका वहां खाता नहीं खुलेगा, आज वे भी मान रहे हैं कि भाजपा वहां एक बहुत शक्तिशाली तरीके से लड़ रही है।
संघ पर विपक्षी दलों के बयान पर उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है और एक सौ वर्षों से देश की सेवा में, सनातनियों की सेवा में अर्पित है। देश में कभी भी विपत्ति आती है तो आरएसएस के स्वयंसेवक लोगों के प्रति समर्पित रहते हैं। संघ के स्वयंसेवक देश के लिए सब कुछ त्याग करने के लिए तैयार रहते हैं। कोविड काल के दौरान भी संघ के कार्यकर्ता समर्पित भाव और बिना किसी स्वार्थ के काम करते रहे।
अंतरराष्ट्रीय
बलूचिस्तान में पाकिस्तान का ड्रोन अटैक, एक की मौत और कई घायल

क्वेटा, 9 अप्रैल : पाकिस्तानी ड्रोन हमले में बलूचिस्तान के एक युवक की मौत हो गई और कई महिलाएं घायल हो गईं। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इसे रिपोर्ट किया। घटना मस्तंग जिले की बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए, ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने मस्तंग के कुर्दगाप इलाके में एक घर पर ड्रोन हमला किया, जिससे अब्दुल समद नाम का शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया। घर में मौजूद महिलाएं भी घायल हुईं।
अब्दुल की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई। हमले में घायल महिलाओं को स्थानीय अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद, बेहतर इलाज के लिए क्वेटा भेज दिया गया।
हाल के दिनों में, इस इलाके में बलूच सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए हमलों में पाकिस्तानी सेना और स्पेशल सर्विस ग्रुप के कई जवान मारे गए थे, जिसके बाद सेना ने एक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया, जो अभी भी जारी है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह पहली बार नहीं है जब बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के ड्रोन हमलों से आम नागरिक हताहत हुए हैं; ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग सहित कई अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, और साथ ही बलूच राजनीतिक दलों ने इन हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। ये संगठन सरकार से बलूचिस्तान में ऐसी और घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की अपील करते रहे हैं।
पिछले हफ्ते ही बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की ओर से दागे गए मोर्टार में एक बलूच परिवार के तीन सदस्य मारे गए थे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था।
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने बताया कि यह दुखद घटना 31 मार्च की शाम को अवारान जिले के बुंगुल बाजार इलाके में हुई थी।
संगठन ने बताया कि कथित तौर पर बलूच सशस्त्र समूहों द्वारा पास के एक सैन्य शिविर पर हमला किए जाने के बाद, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम आबादी वाले इलाकों के करीब मोर्टार दागे और कई भारी हथियारों का इस्तेमाल किया।
इस गोलाबारी के दौरान, एक मोर्टार बुंगुल बाजार स्थित रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई।
60 वर्षीय मोहम्मद उमर, 57 वर्षीय फैजा, और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी महजैब बलूच इसमें मारे गए।
इस घटना की निंदा करते हुए, ‘बलूच वॉयस फॉर जस्टिस’ (बीवीजे) ने कहा, “यह घटना अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के संभावित उल्लंघन को उजागर करती है, विशेष रूप से ‘भेदभाव’ और ‘अनुपात’ के सिद्धांतों का उल्लंघन; ये सिद्धांत सभी पक्षों को आम नागरिकों और नागरिक संपत्तियों की रक्षा करने के लिए बाध्य करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय
भारत और आसियान ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की

मनीला, 9 अप्रैल : भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन और फिलीपींस के विदेश विभाग की नीति के अवर सचिव लियो एम हेरेरा-लिम ने मनीला में आसियान और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों की 28वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।
मीटिंग के दौरान हिस्सा लेने वालों ने अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “मीटिंग में अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की गई और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। हम साल 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के तौर पर मना रहे हैं।”
फिलीपींस में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि बुधवार को पेरियासामी कुमारन ने मनीला में जाने-माने थिंक टैंक, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया।
पेरियासामी कुमारन ने बुधवार को मनीला में फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो के साथ भी मीटिंग की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया और आसियान के लिए भारत के समर्थन को लेकर चर्चा की।
एक्स पर एक पोस्ट में, लाजारो ने कहा, “फिलीपींस-भारत रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया के साथ-साथ आसियान के लिए भारत के एक्टिव सपोर्ट पर हमारी छोटी, लेकिन फायदेमंद बातचीत हुई।”
इस बीच, मनीला में हुई आसियान वरिष्ठ अधिकारियों की मीटिंग (एसओएम) में फिलीपींस की चेयरशिप की प्राथमिकताओं और आसियान समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए तय लक्ष्यों और योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही, आसियान के बाहरी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर मंथन हुआ और मई 2026 में होने वाले 48वें आसियान शिखर सम्मेलन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
आसियान के बयान के मुताबिक, इस मीटिंग में प्लेनरी और रिट्रीट सत्र शामिल थे। इसमें आसियान के सदस्य देशों के एसओएम नेताओं या उनके प्रतिनिधियों और आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय के लिए आसियान के उप महासचिव शामिल हुए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, आसियान की स्थापना 1967 में थाईलैंड में हुई थी, जब आसियान के फाउंडिंग फादर्स: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने आसियान डिक्लेरेशन (बैंकॉक डिक्लेरेशन) पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रुनेई दारुस्सलाम जनवरी 1984 में आसियान में शामिल हुआ, उसके बाद जुलाई 1995 में वियतनाम, जुलाई 1997 में लाओस और म्यांमार, अप्रैल 1999 में कंबोडिया, और अक्टूबर 2025 में तिमोर-लेस्ते शामिल हुए, जिससे आज आसियान के 11 सदस्य देश बन गए हैं।
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