Connect with us
Saturday,19-September-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

बाबा रामदेव के खिलाफ काली पट्टी बांध रेजिडेंट डॉकटरों का विरोध प्रदर्शन

Published

on

कोरोना महामारी के मुकाबला कर रहे डॉक्टर्स आज ‘काला दिवस’ मना रहे हैं। हाथ पर काली पट्टी बांध बाबा रामदेव के खिलाफ ये प्रदर्शन किया जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि अस्पतालों में मरीजों के इलाज पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

दरअसल एलौपेथ को लेकर योगगुरु रामदेव द्वारा बीते दिनों दिए गए बयानों से खफा देशभर के डॉक्टर लगातार उनपर एक्शन की मांग कर रहे हैं। यही कारण है कि देशभर के रेजिडेंट डॉक्टर आज काला दिवस मना रहे हैं।

दिल्ली के एम्स अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए हाथों में प्लेकार्ड लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ एक्शन की मांग कर रहें हैं। प्लेकार्ड पर लिखा गया है कि, ‘रामदेव पैथी में तेल नहीं, कोरोना का इलाज खेल नहीं’, ‘रामदेव पैथी हटाओ, देश बचाओ’, ‘जिन्हें कोरोना शहीदों का सम्मान नहीं, हमें उनका सम्मान नहीं’।

एम्स अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अमनदीप सिंह ने आईएएनएस को बताया कि, आज डॉक्टर्स काला दिवस मना रहे है। बाबा रामदेव का बयान बहुत सवेदनहीन बयान है। हर दिन कुछ न कुछ बयान दे रहे है। अस्पतालों में जो डॉक्टर दिन रात काम कर रहे हैं उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

क्या देश अब ये सोच कर बैठ गया है कि महामारी खत्म हो गई है? अब हमारी जरूरत नहीं है ? डॉक्टर आज भी काला दिवस मना रहे है उसके बाद भी हम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। बाबा रामदेव के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो।

एम्स अस्पताल के डॉ अमरिंदर सिंह ने आईएएनएस से कहा कि, बाबा रामदेव ने जिस तरह का बयान दिया है डॉक्टर को लेकर वो बिल्कुल मंजूर नहीं और गलत है। उन्हें अपने बयान पर माफी मांगनी होगी। 1200 डॉक्टर मर गए। कौन बोलता है ये ?

प्रधानमंत्री मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी चुप है। बाबा रामदेव ने जो बयान दिया है उसपर उनसे लिखित में माफी मंगवाए।

हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने हाल ही में बाबा रामदेव को पत्र लिख बयान वापस लेने की मांग तक की थी लेकिन उसके बाद भी यह विवाद थम नहीं रहा।

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के जनरल सेक्रेटरी डॉ सुनील अरोड़ा ने आईएएनएस को बताया कि, वैक्सीन के बाद भी हजार डॉकटरों की मृत्यु हो गई, उन्हें बचा नहीं पाए, इस तरह के बयान से डॉक्टरों में आक्रोश है। जिसके कारण हम उनके खिलाफ एक्शन की मांग कर रहे है और काला दिवास मना रहें हैं।

दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। इसके अलावा देशभर के अन्य राज्यों में भी डॉक्टरों ने प्रदर्शन को समर्थन दिया है।

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और फेमा सहित कई चिकित्सीय संगठनों द्वारा बाबा रामदेव के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, एमपी और राजस्थान तक सरकारी अस्पतालों में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लेने की जानकारी दी गई है।

इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन रामदेव बाबा को कानूनी नोटिस थमा चुके हैं । देश के अलग अलग हिस्सों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं।

राष्ट्रीय समाचार

दिल्ली में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और हत्या मामले का एनसीडब्ल्यू ने लिया संज्ञान, कमिश्नर को लिखा पत्र

Published

on

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने आउटर नॉर्थ दिल्ली में 16 साल की लड़की से गैंगरेप और हत्या का मामला खुद संज्ञान में लिया है। एनसीडब्ल्यू की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर समयबद्ध और विस्तृत जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और सभी फोरेंसिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है।

दरअसल नाबालिग लड़की की गैंगरेप के बाद चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। लड़की का शव एक खुले मैदान में मिला था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पोक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत उचित कार्रवाई करने और जहां कानूनी रूप से लागू हो, वहां 16-18 साल के आरोपियों के लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 15 के तहत शुरुआती जांच करने को भी कहा है।

आयोग ने पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, कानूनी मदद, काउंसलिंग और मुआवजे के साथ-साथ सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

13 सितंबर को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास सड़ी-गली लाश मिली थी। शव की हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का। पुलिस को जांच में पता चला कि गैंगरेप के बाद हत्या कर शव फेंका गया था। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को 4 लोगों ने अंजाम दिया, जिसमें 3 नाबालिग थे।

जांच में पता चला कि पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। पुलिस के अनुसार सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की से दुष्कर्म किया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया। लावारिस कुत्तों ने शव के कुछ हिस्से खा लिए थे और पीड़िता का एक हाथ शरीर से अलग पड़ा मिला था। पुलिस ने बताया कि लड़की के परिवार ने उसकी गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।

Continue Reading

राजनीति

तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, सीएम विजय 28 सितंबर से योजना करेंगे शुरू

Published

on

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में कल्याणकारी योजना के शुभारंभ और कार्यान्वयन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

सरकार ने कहा कि उसने गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल, आपातकालीन प्रसूति उपचार, पोषण संबंधी सहायता और संस्थागत प्रसव के लिए अग्रिम योजना के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है।

गर्भावस्था और शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन सॉफ्टवेयर का उपयोग गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए भी किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि इन पहलों से राज्य के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का उद्देश्य सरकारी चिकित्सा सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना और नवजात शिशुओं का सम्मान करना है। यह तमिल संस्कृति में मामा की पारंपरिक भूमिका को भी दर्शाती है।

इस योजना के तहत 22 जून 2026 को या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी पात्र शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना को अधिकृत करने वाला सरकारी आदेश 23 जून को जारी किया गया था। तमिलनाडु में प्रतिवर्ष लगभग 7.80 लाख जन्म दर्ज किए जाते हैं।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के अनुसार, राज्य में लगभग 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं।

सरकारी अस्पतालों में लगभग 42 लाख प्रसव होते हैं, जो कुल प्रसवों का 53 प्रतिशत है। सरकारी अस्पतालों में होने वाले लगभग 90 प्रतिशत प्रसव व्यापक आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल केंद्रों में संपन्न होते हैं।

सरकार ने कहा कि ये आंकड़े सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ नवजात शिशुओं को सुनिश्चित करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करते हैं। इस योजना के तहत वितरित की जाने वाली प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक यूनिक सीरियल नंबर होगा और इसे टेंपर प्रूफ पैकेजिंग आपूर्ति की जाएगी।

पहले चरण में कुल 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी गई हैं। तमिलनाडु में स्थायी रूप से रहने वाली माताएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगी, बशर्ते वे गर्भावस्था एवं शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली (पीआईसीएमई) पोर्टल पर पंजीकृत हों और उनके पास प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पहचान संख्या हो।

22 जून और औपचारिक शुभारंभ के बीच जन्मे बच्चों को अंगूठियां वितरित करने के लिए 107 नामित केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र 28 सितंबर से प्रतिदिन 100 बच्चों को सेवा प्रदान करेगा। इसके बाद सरकारी अस्पतालों से छुट्टी मिलने पर पात्र नवजात शिशुओं को अंगूठियां सौंप दी जाएंगी।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

‘महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं’, नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या मामले पर बोलीं प्रियंका

Published

on

दिल्ली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार ही नहीं है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली में एक 17 साल की बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया।”

उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों पहले एक और नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया। देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार ही नहीं है। महिलाओं के विकास की सिर्फ खोखली बातें की जाती हैं। सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार होते हैं और हिंसा होती है, मगर अपराधियों पर ठोस कार्रवाई की वे उम्मीद नहीं कर सकतीं। एफआईआर दर्ज तक नहीं होते।

साथ ही, प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि समाज और सरकार दोनों, महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार देने में पूरी तरह से विफल हैं।

इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली की घटना को लेकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती। दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।”

कांग्रेस सांसद ने लिखा, “अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं। दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सजा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो।”

यह मामला 13 सितंबर को सामने आया, जब उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक बुरी तरह सड़ी-गली लाश मिली। हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का।

जांच में पीड़िता की पहचान की गई। बाद में पता चला कि इस वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया, जिनमें तीन नाबालिग हैं। आरोपियों ने बाद में लड़की के शव को खुले इलाके में फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार45 minutes ago

दिल्ली में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और हत्या मामले का एनसीडब्ल्यू ने लिया संज्ञान, कमिश्नर को लिखा पत्र

राष्ट्रीय समाचार48 minutes ago

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें हुईं प्रभावित, यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना

राजनीति51 minutes ago

तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, सीएम विजय 28 सितंबर से योजना करेंगे शुरू

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

‘महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं’, नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या मामले पर बोलीं प्रियंका

व्यापार16 hours ago

आरबीआई ने अतिरिक्त तरलता के बीच वीआरआरआर नीलामी के माध्यम से अवशोषित किए 2.23 लाख करोड़ रुपए

व्यापार17 hours ago

पीयूष गोयल ने व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कनाडा के मंत्री मनिंदर सिद्धू से की मुलाकात

मनोरंजन17 hours ago

आईफोन की भीड़ देख सोनू सूद ने कसा तंज, कहा- असली अपग्रेड फोन का नहीं समाज का करो

महाराष्ट्र17 hours ago

बीएमसी ने गणपति विसर्जन के लिए 383 से ज़्यादा कृत्रिम झीलें उपलब्ध कराई हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार18 hours ago

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद के पास विस्फोट, 15 लोगों की मौत; 50 से अधिक घायल

मनोरंजन19 hours ago

आईफा अवॉर्ड्स 2027 को होस्ट करेंगे करण जौहर-वरुण धवन, डिजिटल अवॉर्ड्स में पंकज त्रिपाठी-अली फजल संभालेंगे मंच

महाराष्ट्र2 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल3 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध2 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल2 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

खेल3 days ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राजनीति7 days ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

राजनीति4 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल4 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

रुझान