अनन्य
सुशांत मामले की जांच करने मुंबई गई बिहार पुलिस को नहीं मिल रहा सहयोग
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद उनके पिता कृष्ण किशोर द्वारा पटना में दायर एफआईआर पर जांच करने मुम्बई पहुंची पटना पुलिस की टीम को मुम्बई पुलिस का बिल्कुल सहयोग नहीं मिल रहा है। ऐसे में बिहार पुलिस अपने सीमित संसाधनों की बदौलत ही इस मामले से जुड़े तमाम लोगों को खोजकर उनसे पूछताछ कर रही है।
पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय के एक आला सूत्र के अनुसार, इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार है क्योंकि आरोपी रिया चक्रव्रर्ती ने पटना में दायर केस को मुम्बई शिफ्ट करने के लिए सर्वोच्च न्यालय में याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई होना है। सूत्रों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पहले बिहार पुलिस कोई कदम नहीं उठा सकती।
मुम्बई के एक फ्लैट में 14 जून को आत्महत्या करने वाले सुशांत के पिता ने 25 जुलाई को पटना में रिया और उनके कई परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। इसके बाद बिहार पुलिस की एक टीम मामले की छानबीन के लिए मुम्बई गई।
इस टीम में चार लोग शामिल हैं और ये बीते तीन दिनों से मामले से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज कर चुके हैं, जिनमें सुशांत की पूर्व प्रेमिका अंकिता लोखंडे और उनकी बहन प्रमुख हैं लेकिन रिया चक्रवर्ती का कोई अता-पता नहीं है। बिहार पुलिस की टीम गुरुवार को रिया के फ्लैट पर भी गई थी लेकिन वह वहां नहीं मिलीं।
पुलिस मुख्यालय के एक आला अधकारी ने अपना नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, “कहीं कुछ नहीं हो रहा है। हम इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। रिया चक्रवर्ती सुप्रीम कोर्ट गई हैं और उनकी याचिका में कहा गया है कि यह केस मुम्बई के ज्यूरिडिक्शन में लाया जाए। जब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता तब तक इस मामले में कुछ नहीं हो सकता।”
अधिकारी ने हालांकि कहा कि बिहार पुलिस की टीम मुम्बई में अपना काम करती रहेगी लेकिन इस काम में उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है क्योंकि मुम्बई पुलिस का उसे बिल्कुल भी साथ नहीं मिल रहा है।
अधिकारी ने कहा, “अब जो कुछ करना है, अपने बूते करना है। अफसोस की बात यह है कि मुम्बई पुलिस का हमें बिल्कुल साथ नहीं मिल रहा है। इससे काम करने में काफी दिक्कत हो रही है।”
बिहार पुलिस द्वारा रिया की गिरफ्तारी को लेकर बिहार से महिला पुलिस अधिकारियों को भेजे जाने सम्बंधी खबरों को लेकर अधिकारी ने कहा कि यह सब बेकार की बातें है। ऐसा कुछ भी नहीं है।
अधिकारी ने कहा, “सब अपने मन से चला रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है। जब हमें रिया को गिरफ्तार करने का वारंट ही नहीं मिला है तो फिर महिला अधिकारियों को मुम्बई भेजने का सवाल ही नहीं उठता।”
अधिकारी ने इतना जरूर कहा कि बिहार पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें सुशांत आत्महत्या मामले से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। यह एक नियिमत बैठक थी, जिसमें बिहार पुलिस के सबसे वरिष्ठ अधिकारी शरीक हुए और अब तक हुए डेवलपमेंट पर चर्चा की गई।
सुशांत आत्महत्या मामले में मुम्बई पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। इस सिलसिले मे उसने कई दिग्गज फिल्म जगत से जुड़े लोगों से पूछताछ की है और वह अब तक किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सकी है।
इस बीच, पटना में सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में सुशांत मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग का समर्थन किया। बिहार सरकार भी खुलकर अब इस मामले में कूद पड़ी है। उसने इस पूरे मामले को पटना से मुम्बई ले जाने के लिए रिया द्वारा दायर याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना लिया है। बिहार भाजपा ने तो इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे आदित्य ठाकरे की चुप्पी पर निशाना साधा है।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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