Monsoon
बिहार : घरों में बाढ़ का पानी और छत पर बारिश की बूंदों से ठहर गई जिंदगी
बिहार में ऐसे तो 10 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं लेकिन गोपालगंज में तटबंध के टूटने के बाद कई प्रखंडों की हालत खराब हो गई है। बरौली प्रखंड के शहरी इलाकों के घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है जबकि छत पर आसमान से गिर रही बारिश की बूंदें छतों को ठिकाना बनाने में बाधा उत्पन्न कर रही हैं।
गोपालगंज के देवापुर में सारण तटबंध के टूट जाने के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी फैल गया। जिस इलाके में कभी भी बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा था, वहां भी बाढ़ का मंजर देख लोग सहम गए। घरों के कमरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। लोगों ने जब पक्के मकानों की छत पर शरण लिए तो वहां भी बारिश की बूंदें उन्हें ठिकाना बनाने से रोकी रही। छत पर टिके लोग किसी मददगार की आस में हैं। इनके पास ना खाने को खाना है और न ही पीने को पानी।
देवापुर में नदी ने विकराल रूप दिखाया और सारण बांध को तोड़ दिया। बांध टूटने की सूचना के बाद ढढ़वा, सोनबरसा, आलापुर, जोकहा, रूपनाछाप सहित बरौली गांव के लोग तटबंध पर शरण ले लिए।
सिसई गांव के अरुण गुप्ता बताते हैं कि गांव के कई लोग तो तटबंध पहुंच गए लेकिन कई लोग घरों को छोड़कर नहीं जाना चाहते। छतों पर लोगों को ठिकाना बनाने की कोशिश की। इसके लिए छतों पर चूल्हा-बर्तन लेकर पहुंच गए, लेकिन प्रकृति की मार भारी पड़ी। मिट्टी के चूल्हे पानी में विलीन हो गए। अब तो खाने पर आफत है।
इधर, देवपुर के गांव के लेाग अभी भी छतों पर शरण लिए हुए हैं। देवपुर के संग्राम सिंह कहते हैं कि छत पर शरण लिए हुए हैं लेकिन पानी के बीच में रहने के बावजूद पीने को पानी नहीं। सुबह में परेशानी और बढ़ गई जब बाथरूम के लिए भी स्थान नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कई लोग बाढ़ के पानी में रस्सी के सहारे बाहर निकल सके थे। जो निकल गए, सो निकल गए, इसके बाद देखने वाला कोई नहीं।
बरौली के लोग कहते हैं कि उनका तो सबकुछ बर्बाद हो गया। उन्हें अब भविष्य को लेकर चिंता है। बरौली के नागेश्वर कहते हैं कि बाढ़ का पानी तो आज नहीं तो कल उतर जाएगा, लेकिन उनके दुकान में रखे सभी सामान बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गए, उनका क्या होगा। उनकी आगे की जिंदगी कैसे कटेगी।
उल्लेखनीय है कि बिहार में सभी नदियां उफान पर हैं और 10 जिलों के 74 प्रखंडों के 529 पंचायत के नौ लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकार राहत और बचाव कार्य चला रही है लेकिन लोगों की शिकायत है कि राहत सभी पीड़ितों तक पहुंच नहीं रही है।
Monsoon
बिहार का मौसम: बाढ़ से 6.65 लाख लोग प्रभावित, 13 ज़िलों में येलो अलर्ट

बिहार में मॉनसून सक्रिय है और मौसम विभाग ने सोमवार को 13 ज़िलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुज़फ़्फ़रपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर और सुपौल शामिल हैं। सुपौल, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा—इन चार ज़िलों में भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में 30 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम केंद्र ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधान रहने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों में बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। मुंगेर में 73 मिमी, पटना में 68 मिमी, बांका में 67 मिमी, मुज़फ़्फ़रपुर में 65 मिमी और जमुई व सिवान में 55-55 मिमी बारिश दर्ज की गई।
हाल की बारिश के बावजूद, इस सीज़न में अब तक बिहार में कुल बारिश में 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। राज्य में 820.9 मिमी बारिश की उम्मीद के मुकाबले 531.3 मिमी बारिश हुई है। रविवार को पटना में 68 मिमी बारिश हुई। सोमवार को राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद है, हालांकि लगातार भारी बारिश की संभावना कम है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश कम होने पर उमस और तापमान बढ़ सकता है, जबकि आने वाले हफ़्ते में तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने के साथ-साथ नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है। नेपाल और उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का पानी अब 18 ज़िलों और लगभग 6.65 लाख लोगों को प्रभावित कर रहा है। गंगा नदी बक्सर से भागलपुर तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.75 मीटर ऊपर पहुँच गया है; खबरों के अनुसार, बाढ़ का पानी पटना के दक्षिणी हिस्सों में सुरक्षात्मक तटबंधों के ऊपर से बह रहा है या उन्हें तोड़कर रिहायशी इलाकों में घुस रहा है। बाढ़ ने कई जगहों पर परिवहन व्यवस्था को भी बाधित किया है; पानी ने पटना-गया रेलवे सेक्शन, बिहटा-सरमेरा एन एच 78 और मोकामा नेशनल हाईवे को प्रभावित किया है। सोन नदी के कारण भी बिहटा ब्लॉक के नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ आ गई है, जिससे लगभग 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं और कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पूरे बिहार में बारिश असमान रहने की संभावना है, जिसमें अलग-अलग इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं।
Monsoon
मुंबई मौसम अपडेट: मध्यम से भारी बारिश के बीच गणपति विसर्जन के लिए शहर तैयार; आईएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट

WETHER
मुंबई: 11 दिवसीय गणेशोत्सव के भव्य समापन, गणपति विसर्जन की तैयारियों के बीच शनिवार को मुंबई में मध्यम से भारी बारिश हुई। महाराष्ट्र भर में लाखों श्रद्धालुओं के विसर्जन जुलूसों में शामिल होने की उम्मीद के चलते, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें नागरिकों को दिन भर चलने वाले उत्सव के दौरान सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
मुंबई में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह से ही कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है, जबकि दोपहर और शाम तक कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के बावजूद, शहर में उमस और उमस बनी रहेगी, जबकि तटीय इलाकों में मध्यम हवाएँ चलने का अनुमान है।
ठाणे और नवी मुंबई भी यलो अलर्ट के तहत हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अचानक भारी बारिश से यातायात प्रभावित हो सकता है और विसर्जन का समय बढ़ सकता है। यात्रियों और श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएँ, क्योंकि दोपहर और देर शाम बारिश तेज़ होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 29 और 24 डिग्री रहने का अनुमान है।
पालघर में, जहाँ पिछले हफ़्ते भारी बारिश हो चुकी है, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ज़िले में कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और परिवहन बाधित होने का ख़तरा बढ़ सकता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। मौसम विभाग ने अधिकतम और न्यूनतम तापमान 28 और 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है, साथ ही मध्यम से तेज़ हवाएँ चलने की भी संभावना है।
कोंकण तट के और आगे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। रायगढ़ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में असमान बारिश होने की संभावना है, कुछ जगहों पर तेज़ और कुछ जगहों पर हल्की। तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि आर्द्रता 89 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। हवा की गति लगभग 30 किमी प्रति घंटे तक पहुँचने का अनुमान है, समुद्र में उथल-पुथल मच सकती है और तटरेखा पर ऊँची लहरें उठने की आशंका है।
Monsoon
मुंबई मौसम अपडेट: आज शहर में भारी बारिश, आईएमडी ने 5-6 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया

WETHER
मुंबई: शुक्रवार को मुंबईवासियों की सुबह आसमान धूसर और बारिश से सराबोर रही, क्योंकि मानसून ने शहर पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 5 और 6 सितंबर को दिन भर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस पूर्वानुमान के चलते नगर निगम के अधिकारी और निवासी सतर्क हैं, क्योंकि शहर में जलभराव और यातायात जाम की एक और स्थिति पैदा हो सकती है।
शहर के लिए मौसम पूर्वानुमान
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 घंटों में मुंबई और उसके उपनगरों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और तेज़ बारिश के साथ उमस और चिपचिपाहट वाला मौसम रहेगा। दिन का तापमान 30-31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रहेगा, जिससे उमस से जूझ रहे निवासियों को ज़्यादा राहत नहीं मिलेगी।
हालाँकि, आने वाले पूरे हफ़्ते बारिश की तीव्रता इतनी ज़्यादा रहने की उम्मीद नहीं है। 7 सितंबर से, मुंबई में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी देखी जा सकती है। आईएमडी ने रविवार और सोमवार को मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिलेगी। 9 और 10 सितंबर तक, शहर में हल्की बारिश होने की संभावना है, और इन दिनों के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे भारी मानसून से एक ज़रूरी राहत मिलने का संकेत मिलता है।
इस बीच, पूरे महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने अलग-अलग तीव्रता की बारिश का अनुमान लगाया है। 5 सितंबर को राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी तटीय महाराष्ट्र भी अलर्ट पर है, जहाँ लगभग 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने का अनुमान है, जिससे मछुआरों और तटीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है।
कोंकण क्षेत्र में स्थिति मिली-जुली बनी हुई है। रायगढ़ जिले को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है और कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में येलो अलर्ट जारी है, जो कुछ जगहों पर भारी बारिश का संकेत देता है, लेकिन रायगढ़ जितनी तीव्रता का नहीं। तापमान के लिहाज से, कोंकण में अधिकतम तापमान लगभग 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जो बादल और नम मौसम की स्थिति को दर्शाता है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
