राष्ट्रीय समाचार
सेना ने महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन शुरू किया
भारतीय सेना ने गुरुवार को विभिन्न पदों पर शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए औपचारिक सरकारी मंजूरी पत्र जारी किया है, जिससे महिला अधिकारियों के संगठन में बड़ी भूमिका निभाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
यह आदेश भारतीय सेना की सभी 10 स्ट्रीम – आर्मी एयर डिफेंस (एएडी), सिग्नल, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई), आर्मी सर्विस कोर (एएससी), आर्मी ऑर्डिनेंस कोर (एओसी) और इंटेलीजेंस कोर को स्थायी कमीशन देता है, साथ ही जज और एडवोकेट जनरल (जेएजी) और आर्मी एजुकेशनल कोर (एईसी) को भी ये सुविधा मिलेगी।
एक परमानेंट कमीशन सेलेक्शन बोर्ड की ओर से महिला अधिकारियों को तैनत किया जाएगा।
फोर्स ने एक बयान में कहा, “भारतीय सेना महिला अधिकारियों सहित सभी सैन्यकर्मियों को राष्ट्र की सेवा करने के समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस साल फरवरी में तीन महीने के भीतर महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए भारतीय सेना को आदेश दिया गया था जिसके बाद सेना ने सेवारत महिला अधिकारियों को बड़ी भूमिका देने के लिए प्रक्रिया शुरू की।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश के खुलेंगे नए अवसर

भारत और न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश पारंपरिक कूटनीतिक मित्रता से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक सहयोग पर आधारित व्यापक साझेदारी की ओर जा रहे हैं। यह जानकारी एक लेख में दी गई।
ग्रीक समाचार पोर्टल डायरेक्टस में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
लेख में कहा गया है कि इस समझौते का महत्व केवल सीमा शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं है। यह बाजार तक पहुंच बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने, कौशल एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं वाली दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत कारोबारी संबंध बनाने का ढांचा प्रदान करता है।
‘रोडमैप टू 2030’ से मजबूत हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस आर्थिक जुड़ाव को दीर्घकालिक दिशा प्रदान करती है। एफटीए और इसके साथ जुड़ी सहयोग पहल मिलकर भारत और न्यूजीलैंड को अधिक विविधतापूर्ण, मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाने में मदद कर सकती हैं।
इस एफटीए की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक न्यूजीलैंड की ओर से भारत के सभी 8,284 उत्पाद श्रेणियों के निर्यात पर तत्काल शून्य शुल्क की सुविधा देना है। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने, विदेशी बाजारों में विविधता लाने और विकसित अर्थव्यवस्था में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, जूते और चमड़े के उत्पाद उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनमें निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। ये उद्योग बेहतर बाजार पहुंच का लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं, नए ऑर्डर हासिल कर सकते हैं और अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं।
इस समझौते से एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को भी बाजार के बढ़ते अवसरों का लाभ मिलने की उम्मीद है। छोटे कारोबारियों को अक्सर अधिक लेनदेन लागत, बाजार से जुड़ी सीमित जानकारी और विदेशों में कारोबारी संबंध स्थापित करने में कठिनाइयों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में परेशानी होती है। बेहतर शुल्क सुविधा, संस्थागत सहयोग और कारोबारियों के बीच मजबूत संपर्क से इन बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
लेख में आगे कहा गया है कि एफटीए के रणनीतिक ढांचे के तहत 2030 तक वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंचने की परिकल्पना की गई है। ये लक्ष्य दोनों देशों की महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं, लेकिन इन्हें हासिल करना प्रभावी क्रियान्वयन, कारोबारियों की भागीदारी और कई क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि पर निर्भर करेगा।
राजनीति
‘दीया मिर्जा को मुस्लिम होने के कारण टारगेट किया जा रहा’, पटाखा विवाद पर वारिस पठान

दिवाली पर पटाखे फोड़ने और सड़कों पर आतिशबाजी को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बीच एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली मनाने की अपील वाले वीडियो पर भाजपा नेता की आपत्ति को दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया। पठान ने सवाल किया कि जब कई अन्य हस्तियों ने भी इसी तरह की अपील की थी, तो केवल दीया मिर्जा को ही क्यों निशाना बनाया गया?
वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में दिवाली के दौरान सड़कों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने से बचने का निर्देश दिया था। इसके पीछे ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कारण बताया गया था। मुंबई नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे ने भी स्पष्ट किया था कि हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाना है।
पठान ने कहा कि निर्देशों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर निगम की ओर से कई मशहूर हस्तियों से संपर्क किया गया था। उनसे लोगों से अपील करने को कहा गया था कि वे त्योहार मनाएं, लेकिन सार्वजनिक सड़कों और गलियों में पटाखे न फोड़ें। इसके बाद अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और अन्य हस्तियों के साथ दीया मिर्जा ने भी वीडियो के जरिए लोगों से अपील की थी। मिर्जा ने अपने संदेश में दिवाली मनाने के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन साथ ही पटाखों से होने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को ध्यान में रखने की बात कही थी।
वारिस पठान ने कहा कि मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने इस मुद्दे पर एक्स पोस्ट के जरिए केवल दीया मिर्जा को निशाना बनाया। उन्होंने सवाल किया कि जब माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे सहित अन्य लोगों ने भी इसी तरह के वीडियो बनाए थे, तो उनके खिलाफ कोई टिप्पणी क्यों नहीं की गई? यदि भाजपा को इन अपीलों पर आपत्ति थी तो उसे सभी हस्तियों के बारे में एक समान बात रखनी चाहिए थी। दीया मिर्जा को उनके मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि नगर निगम आयुक्त के निर्देशों के तहत वीडियो बनवाए गए और अब उन्हें हटाने की बात की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह पहल हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन के लिए थी, तो इस पर विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि दिवाली सभी को मनाने का अधिकार है, लेकिन त्योहार के नाम पर केवल एक मुस्लिम अभिनेत्री को निशाना बनाना दोहरा मापदंड है।
राष्ट्रीय समाचार
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर तट पर समुद्र में फंसे 7 मछुआरों का सफल रेस्क्यू, इंजन खराब होने से आई थी परेशानी

आंध्र प्रदेश के पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के पास सोमवार को समुद्र में फंसे सात मछुआरों को अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया। इन मछुआरों की नाव का इंजन खराब हो गया था, जिसके कारण वे समुद्र में फंस गए थे।
जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने बताया कि कावली निर्वाचन क्षेत्र के जुव्वलादिन्ने के पास नाव का इंजन खराब होने के कारण समुद्र में फंसे सात मछुआरों को सुरक्षित तट पर लाया गया है।
बंगाल की खाड़ी में चल रहे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण समुद्र में लहरें तेज हैं। अधिकारियों ने किसानों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें वापस लौटने की सलाह दी गई है।
कलेक्टर ने बताया कि यह सफल बचाव अभियान मत्स्य विभाग, समुद्री पुलिस और स्थानीय मछुआरों की समन्वित और त्वरित कार्रवाई का परिणाम था, जिन्होंने नाव और उस पर सवार सातों मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की।
मछुआरे जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह से मछली पकड़ने निकले थे। मौसम में बदलाव देखकर उन्होंने बंदरगाह लौटने की कोशिश की। हालांकि, रास्ते में ही नाव का इंजन खराब हो गया, जिससे वे बंदरगाह के प्रवेश द्वार से लगभग आधा किलोमीटर दूर समुद्र में फंस गए।
जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह पर तैनात निगरानी कर्मचारियों ने स्थिति को भांप लिया और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग और समुद्री पुलिस के अधिकारियों ने स्थानीय मछुआरों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआत में, समुद्र की तेज लहरों के कारण नाव तक पहुंचना मुश्किल साबित हुआ।
इस दौरान नाव का लंगर टूट गया और तेज लहरों के कारण नाव बहकर पताकाडापलेम गांव की ओर बढ़ने लगी। समुद्री पुलिस, मत्स्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर तुरंत कार्रवाई करते हुए नाव का पीछा किया और बचाव अभियान जारी रखा। अंततः, वे नाव को पताकाडापलेम के तट पर सुरक्षित लाने में कामयाब रहे और यह सुनिश्चित किया कि नाव पर सवार सभी सात मछुआरे सुरक्षित बाहर आ जाएं।
जिला कलेक्टर ने मछुआरों की जान बचाने में सूझबूझ और प्रयासों के लिए मत्स्य विभाग के अधिकारियों, समुद्री पुलिस, निगरानी कर्मियों और स्थानीय मछुआरों की सराहना की। कलेक्टर ने मछुआरों को समुद्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान सतर्क रहने और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने की भी सलाह दी।
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