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केनोशा में हुए विनाश के लिए ‘अमेरिका विरोधी दंगे’ जिम्मेदार : ट्रंप
केनोशा में 23 अगस्त को एक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस की गोली से मौत होने के बाद हुए हिंसकप्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शहर का दौरा किया। ट्रंप ने इस विनाश के लिए ‘अमेरिका विरोधी दंगों’ को जिम्मेदार ठहराया है। यहां के राज्य और स्थानीय नेताओं द्वारा ट्रंप से यहां से दूर रहने का आह्वान करने के बावजूद मंगलवार को उन्होंने इस शहर का दौरा किया। नेताओं ने चेतावनी दी थी कि उनकी यात्रा से शहर में तनाव बढ़ेगा। राष्ट्रपति ने विरोध प्रदर्शन में क्षतिग्रस्त हुए क्षेत्रों का भी दौरा किया।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “केनोशा को पुलिस विरोधी और अमेरिकी विरोधी दंगों ने तबाह कर दिया है।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा, “आप कुछ दिन पहले नर्क से गुजरे थे, लेकिन मैं सुरक्षित महसूस करता हूं। हम कानून लागू होने के कारण सुरक्षित हैं।”
उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन केनोशा में कानून प्रवर्तन के लिए 10 लाख डॉलर, स्थानीय छोटे व्यवसायों में मदद करने के लिए 40 लाख डॉलर और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रयासों को मदद देने के लिए 40.2 लाख डॉलर देंगे।
यूएसए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 29 वर्षीय पीड़ित जैकब ब्लेक के परिवार से मुलाकात नहीं की, क्योंकि जैकब ने अपने वकीलों को शामिल करने का अनुरोध किया था, जिसे राष्ट्रपति ने ‘अनुचित’ कहा।
तीन बच्चों के पिता ब्लेक को 23 अगस्त को एक श्वते पुलिस अधिकारी ने पीठ में सात बार गोली मारी थी। इससे वे लकवाग्रस्त हो गए और अब शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
इसके दो दिन बाद 17 वर्षीय एक श्वेत लड़के ने दो प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सोमवार को फॉक्स न्यूज के साक्षात्कार में ट्रंप ने केनोशा अधिकारी की आलोचना करते हुए कहा, “किसी व्यक्ति को पीछे से इतनी गोलियां मारना – मेरा मतलब है, क्या आप कुछ अलग नहीं कर सकते थे?”
डेमोकट्रिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति खुद अशांति और नस्लीय संघर्ष का एक महत्वपूर्ण कारण हैं।
एक बयान में बाइडेन ने कहा, “दंगाई विरोध नहीं कर रहे हैं। लूटपाट करना, आग लगाना विरोध करना नहीं है। यह कानून विहीन है और जो लोग ऐसा करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। हिंसा से बदलाव नहीं आएगा। यह केवल विनाश लाएगा। यह हर तरह से गलत है।”
इससे पहले 25 मई को एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस क्रूरता और नस्लवाद के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन छिड़ गए थे।
2016 में ट्रंप विस्कॉसिन में मुश्किल से 23,000 वोटों से जीते थे। मंगलवार को जारी मॉर्निग कंसल्टिंग पोल में सामने आया है कि बाइडेन को विस्कॉन्सिन में ट्रंप पर 9 अंकों की बढ़त हासिल थी।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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