राजनीति
अंकिता लोखंडे की पोस्ट : मुझे खरीदा और बेचा नहीं जा सकता
दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रेमिका अंकिता लोखंडे ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें वह अपने मन की बात बताती दिख रही हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लेखिका सी अरा कैम्पबेल का यह कोट लिखा है, “मुझे खरीदा नहीं जा सकता है, और न ही मुझे बेचा जा सकता है। वे चाहते हैं कि मैं इस दुनिया में लाखों-करोड़ों चीजों में तब्दील होती रहूं और इन सके आगे झुक कर मैं कहती हूं, मेरे लिए नहीं है। मैं संतों की राह पर हूं, देवी की तरह जन्मी और मुझे बहाकर नहीं ले जाया जा सकता। मैं अपनी दिल की बात सुनती हूं और अपनी आत्मा की बात कहती हूं। न तो मुझे खरीदा जा सकता है और न ही बेचा- अरा।”
हाल ही में अंकिता ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट किया था। उन्होंने तस्वीर को कैप्शन देते हुए लिखा था, “सच्चाई की जीत होती है।”
यह पोस्ट दिवंगत अभिनेता के पिता द्वारा सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आई।
सुशांत की मौत की जांच के सिलसिले में बिहार पुलिस टीम ने अंकिता का बयान दर्ज किया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका सैन्य क्षेत्र में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करना चाहता है: रक्षा मंत्री हेगसेथ

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका की सेना में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश चाहता है। इसका उद्देश्य हथियारों के उत्पादन में तेजी लाना, स्वायत्त युद्ध क्षमताओं का विस्तार करना और विदेशी रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं पर निर्भरता को कम करना है।
ओहियो और विस्कॉन्सिन के दौरे के दौरान रक्षा उद्योग के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन अपनी खरीद प्रणाली में व्यापक बदलाव कर रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य के उन संघर्षों के लिए तैयार होना है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बिना चालक वाले हथियार और उन्नत संचार प्रणालियां शामिल होंगी। प्रस्तावित खर्च अमेरिकी सैन्य निवेश में एक बड़ा विस्तार होगा।
डेटन, ओहियो में सिएरा नेवादा कॉर्पोरेशन में उन्होंने कहा कि प्रशासन अमेरिकी विनिर्माण को मजबूत करना चाहता है और पारंपरिक खरीद प्रणालियों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से सैन्य प्रौद्योगिकियों को विकसित करना चाहता है।
हेगसेथ ने कहा, “हम 1.5 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की मांग कर रहे हैं। यह एक ऐसा निवेश होगा जो आने वाली पीढ़ियों के काम आएगा और इससे यह सुनिश्चित होगा कि हम दुनिया की सबसे मजबूत और शक्तिशाली सेना बने रहें।”
उन्होंने कांग्रेस से एक ऐसे पैकेज को मंजूरी देने का भी आग्रह किया, जो रक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं के लिए कम से कम 350 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराए। रक्षा सचिव ने कहा कि निर्माताओं को दीर्घकालिक निश्चितता देने और नई उत्पादन सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है।
उन्होंने तर्क दिया कि पेंटागन अब ऐसे अधिग्रहण कार्यक्रमों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिनमें हथियार और सैन्य उपकरण मिलने में एक दशक या उससे अधिक का समय लग जाता है। इसके बजाय, विभाग ऐसी महत्वपूर्ण क्षमताएं चाहता था जो कुछ महीनों या कुछ वर्षों के भीतर उपलब्ध हो सकें।
हेगसेथ ने कहा कि भविष्य के संघर्ष काफी हद तक कई क्षेत्रों में काम करने की क्षमता पर निर्भर करेंगे, जिनमें अंतरिक्ष, पानी के नीचे का वातावरण, साइबरस्पेस और स्वायत्त (ऑटोनॉमस) सिस्टम शामिल हैं।
उन्होंने ‘प्रोजेक्ट मेरिडियन’ का उदाहरण दिया, जो हाल ही में शुरू की गई एक पहल है। इसका उद्देश्य सैन्य प्लेटफॉर्मों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और नई तकनीकों को तेजी से शामिल करना है। विभाग एक ‘ऑटोनॉमस वारफेयर कमांड’ भी विकसित कर रहा था।
उन्होंने इसे चार-स्टार कमांड बताया, जिसकी जिम्मेदारी संयुक्त रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानवरहित सैन्य सिस्टम (अनमैन्ड मिलिट्री सिस्टम) को संभालना होगी। यह प्रस्तावित कमांड सशस्त्र बलों में स्वायत्त क्षमताओं की तैनाती के समन्वय में मदद करेगी।
हेगसेथ ने कहा कि सुरक्षित घरेलू उत्पादन और भरोसेमंद सप्लाई चेन के बिना, केवल तकनीकी श्रेष्ठता काफी नहीं होगी। उन्होंने कहा, “जो कोई भी समुद्र के नीचे और चंद्रमा के आसपास के अंतरिक्ष (सिसलूनर) क्षेत्र को नियंत्रित करेगा, वही अगली लड़ाई में अपना दबदबा बनाए रखेगा।”
सिएरा नेवादा कॉर्पोरेशन में हेगसेथ ने ‘नेक्स्ट-जेनरेशन सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर’ पर हो रहे काम का जिक्र किया। यह एक ऐसा सैन्य विमान है जिसे राष्ट्रीय आपातकाल (जिसमें परमाणु संकट भी शामिल है) के दौरान राष्ट्रपति के कमांड और कंट्रोल को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने ‘ब्रॉलर’ और ‘मॉलर’ एयर-डिफेंस सिस्टम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कमांडर इनका इस्तेमाल दो अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों में कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी सेनाओं को ‘असममित हमलों’ से बचाया जा सके।
रक्षा सचिव ने कहा कि पेंटागन अब केवल स्थापित रक्षा ठेकेदारों पर निर्भर रहने के बजाय, छोटे निर्माताओं और नई तकनीक वाली कंपनियों के लिए भी खरीद के अवसर खोलना चाहता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर और लंबी अवधि की खरीद का वादा करके, रक्षा क्षेत्र में कुछ और बड़े आपूर्तिकर्ता तैयार करना है। इस नई योजना के तहत जो कंपनियां नई फैक्ट्रियों, उपकरणों और कर्मचारियों में निवेश करेंगी, उन्हें 5 से 7 साल तक के उत्पादन के लिए अनुबंध मिल सकते हैं।
हेगसेथ ने कहा कि इससे निर्माताओं को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही सरकार को भी यह फायदा होगा कि उसे पहले से तय कीमतों पर सामान मिल सकेगा।
विस्कॉन्सिन की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने आधुनिक हथियारों, विमानों और रडार प्रणालियों के लिए पुर्जे बनाने में छोटे व्यवसायों की भूमिका पर जोर दिया।
रक्षा सचिव ने यह भी वादा किया कि 2028 में मौजूदा प्रशासन का कार्यकाल खत्म होने से पहले पेंटागन अपना पूरा वित्तीय ऑडिट पूरा कर लेगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग पहले कई बार कांग्रेस की ऑडिट संबंधी जरूरतों को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सैन्य खर्च बढ़ेगा, वैसे-वैसे वित्तीय जवाबदेही को भी और मजबूत किया जाएगा।
हेगसेथ ने औद्योगिक आधुनिकीकरण कार्यक्रम को प्रशासन की व्यापक सैन्य रणनीति से जोड़ा, जिसमें मध्य पूर्व में चलाए जा रहे अभियान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के उन कर्मियों से मुलाकात की, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
‘स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन’ की प्रशासक केली लोफ्लर ने बताया कि पेंटागन के साथ मिलकर एक संयुक्त पहल छोटे रक्षा निर्माताओं की मदद कर रही है। इसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों और औद्योगिक कच्चे माल से जुड़े लगभग 175 मिलियन डॉलर के संभावित सौदे होने वाले हैं।
अमेरिका का रक्षा बजट दुनिया में सबसे बड़ा है और उसका सैन्य अड्डों, गठबंधनों तथा विदेशों में तैनात सैन्य बलों का एक विशाल नेटवर्क है। इसके रक्षा औद्योगिक आधार में बड़े ठेकेदारों के साथ-साथ हजारों छोटी कंपनियां भी शामिल हैं, जो विशेष पुर्जे और तकनीकें तैयार करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप को गोली मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गोली मारने की धमकी देने के आरोप में 24 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, आरोपी की पहचान जेडेन रीड के रूप में हुई है। उसे शनिवार को कंसास के क्लियरवॉटर से गिरफ्तार किया गया। वह फिलहाल संघीय हिरासत में है और उसकी हिरासत को लेकर सुनवाई होनी है।
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि मामले की जांच 15 अक्टूबर को मिली एक सूचना के बाद शुरू हुई थी। इस सूचना के आधार पर अधिकारियों ने आरोपी की फेसबुक टिप्पणियों की जांच की। ये टिप्पणियां केएकेई न्यूज की उस खबर के नीचे की गई थीं, जिसमें ट्रंप के कंसास के विचिटा दौरे की जानकारी दी गई थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, रीड ने फेसबुक पर ट्रंप को गोली मारने की बात कही थी। उसने लिखा, “ट्रंप को गोली मार देनी चाहिए” और पूछा कि उन्हें निशाना बनाने वाला व्यक्ति कहां है? इसके तुरंत बाद उसने एक अन्य टिप्पणी में हथियार और गोलियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति को मारने की धमकी दी।
अधिकारियों को जांच के दौरान केडब्ल्यूसीएच 12 न्यूज की एक अन्य खबर पर भी आरोपी की टिप्पणियां मिलीं। यह खबर भी ट्रंप के प्रस्तावित दौरे से संबंधित थी। इनमें रीड ने राष्ट्रपति को कंसास में गोली मारने की इच्छा जताई और खुद ऐसा करने की बात कही।
आरोपी ने एक अन्य टिप्पणी में दावा किया कि उसे पता है कि ट्रंप कहां भाषण देंगे। उसने आसपास की इमारतों की छतों का नक्शा तैयार करने का भी उल्लेख किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसकी टिप्पणी में इस्तेमाल किया गया वाक्यांश ‘गेट किर्क्ड’ सितंबर 2025 में यूटा वैली यूनिवर्सिटी में 31 वर्षीय राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या की घटना की ओर संकेत करता प्रतीत होता है।
इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच की और शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इन धमकियों के बावजूद ट्रंप सोमवार शाम कंसास के पार्क सिटी में चुनावी रैली में शामिल हुए। इस रैली का उद्देश्य रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर रोजर मार्शल के दोबारा चुनाव जीतने के अभियान को समर्थन देना था।
ट्रंप को पहले भी सुरक्षा संबंधी गंभीर घटनाओं का सामना करना पड़ा है। इस साल अप्रैल में एक बंदूकधारी शॉटगन लेकर वाशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन के रात्रिभोज के दौरान सुरक्षा जांच चौकी तक पहुंच गया था। उस घटना में ट्रंप को कोई चोट नहीं आई थी। बाद में इस कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित किया गया और 24 जुलाई को आयोजित किया गया।
बार-बार सामने आ रही सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद ट्रंप देशभर में सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं। हालिया धमकी के मामले ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान संभावित खतरों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
महाराष्ट्र
दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलेंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस, सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वजारोहण समारोह के लिए करेंगे आमंत्रित

महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली में रहेंगे, जहां वे दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस उन्हें ध्वजारोहण समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे।
सिंहस्थ महाकुंभ के शुभारंभ की तैयारियों के तहत 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह आयोजित होना है। बताया गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 31 अक्टूबर को होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के भी मौजूद रहने की उम्मीद है।
31 अक्टूबर को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सिंहस्थ महाकुंभ के औपचारिक शुभारंभ का महत्वपूर्ण चरण होगा। सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वजारोहण के लिए दो प्रमुख स्थान निर्धारित किए गए हैं।
नासिक में रामकुंड घाट और त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त कुंड, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर से जुड़े क्षेत्र में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दोनों स्थानों पर एक ही समय में 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। तैयारियों के तहत सितंबर में कुंभ मेला प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। इसकी अध्यक्षता कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने की। बैठक में साधु-संतों, महंतों, विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।
मंत्री गिरीश महाजन ने बताया था कि एक स्थान पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से ध्वजारोहण होने की योजना है, जबकि दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई नेता भी उपस्थित रहेंगे।
बैठक में भक्तों की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पार्किंग, आपातकालीन व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषयों पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया था।
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