अंतरराष्ट्रीय
एशिया कप जीत के बाद दुनिया भारतीय महिला क्रिकेट टीम को पहले से ज्यादा कर रही फॉलो
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का समर्थन निश्चित रूप से बढ़ रहा है। सिलहट, बांग्लादेश में एशिया कप फाइनल जीतने के बाद हर तरफ से भारतीय महिला टीम को बधाई मिल रही है। दरअसल, मैच की रिपोर्टिग करते हुए कई अखबारों ने भी जीत की तस्वीर छापी थी।
जबकि बढ़ता समर्थन एक स्वस्थ संकेत है, टीम का निरंतर विकास ही एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है। जून 2022 से भारतीय टीम हर महीने एक अंतर्राष्ट्रीय सीरीज खेल चुकी है। यह पिछले वर्षो से काफी अंतर है और इसीलिए विकास को मापा जा सकता है और प्रदर्शन को बेहतरीन तरीके से आंका जा सकता है।
भारतीय टीम जून में एक पूर्ण सफेद गेंद श्रृंखला दौरे (वनडे और टी20), 3-3 मैचों के लिए श्रीलंका की यात्रा की। उन्होंने बर्मिघम में जुलाई-अगस्त में राष्ट्रमंडल गेम्स खेले, जहां वे उपविजेता बने। इंग्लैंड की महिलाओं के साथ एक पूर्ण सफेद गेंद श्रृंखला खेलने के लिए यूके में अच्छा प्रदर्शन किया। अक्टूबर से शुरू होने वाले एशिया कप के तुरंत बाद बांग्लादेश गए, जहां वे चैंपियन बने।
यह लगातार अच्छे परिणाम हैं, जिन्होंने खेल में आवश्यक ध्यान आकर्षित करने में सहायता की है। यह कोई सोचने वाली बात नहीं है कि केवल चैंपियन ही सुर्खियां बटोरते हैं और महिला टीम द्वारा खेले जा रहे लगातार अंतरराष्ट्रीय मैचों के नेतृत्व में इस निरंतरता ने इस समर्थन को हासिल करने में मदद की है। यह तो बस शुरुआत है और उम्मीद है कि यह यहां से और बढ़ेगा।
खिलाड़ी अब इसमें सबसे बड़े उत्प्रेरक हैं। यह उन पर होगा कि वे अपने व्यक्तिगत योगदान से समझौता किए बिना इस सिलसिले को आगे बढ़ाए।
तो, इस लगातार अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ है। कुछ उल्लेखनीय बातों पर विचार करते हैं :
1) दीप्ति शर्मा- भारतीय टीम की नियमित सदस्य होने से लेकर इस साल की शुरुआत तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं, वह न्यूजीलैंड, 2022 में कुछ विश्व कप मैचों में आराम करती हुई नजर आई थीं। महिला टी20 चुनौती में वेलोसिटी टीम की कप्तानी दिए जाने के बाद प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। एशिया कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भारतीय टीम में बड़ी भूमिका निभाने का आत्मविश्वास प्रदान करेगा।
2) रेणुका सिंह ठाकुर- एक खिलाड़ी जिसकी प्रगति मैंने घरेलू क्रिकेट में हिमाचल टीम के लिए गेंदबाजी करने से, 2019 में भारत की संभावित टीम के रूप में चुने जाने से लेकर अब भारत के लिए तेज आक्रमण की अगुवाई करते हुए देखी है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट उनके लिए अभी भी नया है, लेकिन विशेष रूप से अंग्रेजी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने से लेकर बांग्लादेश की धीमी गति के विकेटों पर उनकी क्षमता सबने देखी है। वह आगे बढ़ते हुए भारत के लिए एक छोर संभालेंगी।
3) राजेश्वरी गायकवाड़- राधा यादव (बाएं हाथ की स्पिनर भी) के लिए विशेष रूप से टी20 में दूसरी भूमिका निभाने से उनके अवसरों का अच्छी तरह से फायदा हुआ है। राधा के लिए बहुत अलग कौशल बुद्धिमान, गायकवाड़ ने भारत के स्पिन गेंदबाजी विभाग को और मजबूत की है।
4) जेमिमा रोड्रिग्स – वह न्यूजीलैंड के लिए विश्व कप टीम में जगह बनाने से चूक गई थीं और इंग्लैंड में एक चोट लगी, जिसने उन्हें पिछले कुछ महीनों में बाहर रखा। लेकिन उन्होंने एशिया कप में महत्वपूर्ण, मैच जिताऊ पारियां खेलीं।
निकट भविष्य में भी काफी क्रिकेट है। घरेलू क्रिकेट की शुरुआत हो चुकी है और कुछ ही महीनों में ऑस्ट्रेलिया सीरीज खेलने भारत आ रहा है। संभावना है कि भारत फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप के साथ शुरू होने से पहले एक और श्रृंखला खेलेगा।
दुनिया देख रही है और उससे भी ज्यादा भारत अब पहले से ज्यादा महिला टीम को फॉलो कर रहा है। इस और खिलाड़ियों के लिए आराम करने का नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का है।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
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ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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