अंतरराष्ट्रीय
एडीएचएम 2020 : बेलिहू, गेमेचू खिताब की रक्षा करेंगे
रेस प्रोमोटर्स प्रोकैम इंटरनेशनल ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा चैम्पियन एंडामलाक बेलिहू और सेहे गेमेचू अपना खिताब बचाने के लिए एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन में लौट रहे हैं और ये दोनों धावक 29 नवम्बर को इस प्रतिष्ठित वल्र्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस के 16वें एडिशन में भागते हुए दिखेंगे। इयिथोपियाई जोड़ी भारत की राजधानी में अभूतपूर्व लगातार तीसरी जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है।
रेस से एक सप्ताह पहले 22 साल के होने जा रहे बेलिहू ने कहा, “मैं अभी इथियोपाई राजधानी आदिस अबाबा में अभ्यासरत हूं। बीते कुछ महीनों से अभ्यास का सिलसिला जारी है। दिल्ली में फिर से रोड रेसिंग का मौका मिल रहा है और इसके लिए मैं आयोजकों का धन्यवाद करना चाहता हूं।”
बेलिहू के हमवतन गुये एडोला के नाम एडीएचएम का कोर्स रिकार्ड है। साल 2014 में एडोला ने 59.06 मिनट के साथ यह रिकार्ड बनाया था लेकिन बेलिहू दो मौकों पर- एक बार 2018 में 59.18 मिनट और फिर 2019 में 59.10 मिनट के साथ इस रिकार्ड के करीब आ चुके हैं।
बेलिहू इस साल दिल्ली की सड़कों पर नया कीर्तिमान स्थापित करना चाहेंगे और साफ तौर पर उनका लक्ष्य इस साल रेस को 59 मिनट से कम समय में निपटाना और एडीएचएम के इतिहास का सबसे सफल धावक बनना होगा। साल 2017 में इस रेस में डेब्यू करते हुए बेलिहू ने दूसरा स्थान हासिल किया था।
इस साल एडीएचएम के इलीट वर्ग में कुल 13 पुरुष हैं और इन सबने एक घंटे के भीतर हाफ मैराथन पूरा किया है और इनमें से पांच को बेलिहू से भी तेज रहे हैं। इन्हीं में एडोला भी हैं, जो छह साल के बाद फिर से दिल्ली लौट रहे हैं।
एडीएचएम 2020 में हिस्सा ले रहे 13 इलीट धावकों में सबसे तेज बहरीन के 2018 वलर्ड एथलेटिक्स हाफ मैराथन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले अब्राहम चेरोबेन हैं, जिनके नाम डिस्टेंस रनिंग का 58.40 मिनट का एशियाई रिकार्ड है।
इसके अलावा इथियोपाई के एमडेवर्क वालेलेगन तथा मुख्तार एडरिस पर भी सबकी नजरें रहेंगी। वालेलेगन ने बीते साल दिल्ली में दूसरा स्थान हासिल किया था और बीते महीने आयोजित वल्र्ड एथलेटिक्स हाफ मैराथन चैम्पियनशिप्स में कांस्य पदक जीता था। वहीं, मुख्तार 2017 तथा 2019 में 5000 मीटर वल्र्ड चैम्पियन रहे हैं। वह इस साल मैराथन में डेब्यू कर रहे हैं।
बीते साल गेमेचू ने 2018 की तुलना मे अपना महिला कोर्स रिकार्ड कम से कम 50 सेकेंड के अंतर से सुधारा था। वह उस साल 66 मिनट में रेस पूरी करने में सफल रही थीं। इस साल गेमेचू इससे भी तेज भागना चाहेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ सकता है क्योंकि कोविड-19 के कारण अन्य एथलीटों की तरह उन पर भी विपरीत असर पड़ा है।
दिसम्बर में 22 साल की होने जा रहीं गेमेचू ने कहा,”कोविड-19 ने दुनिया भर के हर एक इंसान की जिंदगी को प्रभावित किया है और मैं भी इससे अछूती नहीं रही हूं। इससे मेरा ट्रेनिंग प्रभावित हुआ है। महामारी के शुरूआती दिनों में हम सबको संक्रमित होने का डर रहता था लेकिन बाद में हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन से सलाह लेने के बाद अभ्यास करना शुरू किया। मैंने अपनी व्यक्तिगत ट्रेनिंग शुरू की और अब मैं दिल्ली में दौड़ने के लिए उस्ताहित भी हूं और रोमांचित भी हूं।”
इस साल गेमेचू का सामना कई शानदार प्रतिद्वंदियों से होगा और यह कहने मे कोई शक नहीं कि एडीएचएम के इतिहास का सबसे सशक्त महिला इलीट लाइनअप इस साल देखने को मिल रहा है, जहां सात एथलीटों का समय 67 मिनट के भीतर का है।
गेमेचू की दो प्रतिद्वंदियों के तौर पर येलेमजेरेफ येहूलालाव और नेस्टानेट गुदेता का नाम लिया जा सकता है।
इन फार्म येहूलालावने एडीएचएम 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया था और वह गेमेचू से सिर्फ एक सेकेंड पीछे रही थी। इसके बाद येहूलालाव ने बीते महीने वलर्ड एथलेटिक्स हाफ मैराथन चैम्पियनशिप मे तीसरा स्थान हासिल करते हुए यह बताया था कि वह डिस्टेंस रनिंग की उभरती हुई स्टार हैं।
पुरुष एवं महिला रेसों के लिए पहले स्थान के लिए पुरस्कार राशि 27 हजार डालर है र इस साल इस आयोजन की कुल पुरस्कार राशि 233.270 डालर है।
एडीएचएम 2020 में इस साल 60 इलीट और भारतीय धावक एक्शन में दिखेंगे। पारंपरिक रूप से रेस की शुरूआत और समापन जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर होगा। यह इवेंट इस साल बायो सेक्योर बबल के आयोजित होगा।
इस साल के संस्करण के लिए गैर इलीट प्रतिभागियों के पास एडीएचएम रेस वीक (25 से 29 नवम्बर तक, एडीएचएम एप्प का उपयोग करते हुए, 25 नवम्बर को 0000 बजे से 29 नवम्बर को 23.59 बजे तक) में हिस्सा लेने का आब्शन होगा।
एक प्रतिभागी इस टाइम फ्रेम में अपनी सुविधानुसार कही भी और कभी रेस में हिस्सा ले सकता है। इसके लिए वे एक खासतौर पर तैयार एप्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस एप्प को कैसे डाउनलोड करना है और कैसे इसका उपयोग करना है, इसकी जानकारी एडीएचएम 2020 की आधिकारिक वेबसाइट पर से हासिल की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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