राजनीति
यूपी चुनाव 2027: कानपुर नगर की इन विधानसभा सीटों पर 2022 में ऐसे रहे थे समीकरण
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानपुर नगर जिले का बड़ा महत्व है। कानपुर भारत के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह गंगा नदी के दक्षिणी तट पर बसा हुआ है और प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 80 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
कानपुर नगर जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, सीसामऊ, आर्यनगर, किदवई नगर, कानपुर कैंट, महाराजपुर और घाटमपुर के नाम शामिल हैं।
बिल्हौर (सुरक्षित) सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 209वें नंबर की है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और कानपुर नगर जिले में आती है। लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र मिश्रिख संसदीय सीट के अंतर्गत आता है। 2022 के चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,92,993 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के मोहित सोनकर बच्चा हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की रचना सिंह को हराया था।
बिठूर के मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के अभिजीत सिंह सांगा हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने करीब 44.46 प्रतिशत वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के मुनींद्र शुक्ला को हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 65.63 प्रतिशत रहा था।
कल्याणपुर उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 211वीं सीट है और कानपुर नगर जिले में स्थित है। यह एक सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,55,100 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी की नीलिमा कटियार हैं।
गोविंद नगर से मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के सुरेंद्र मैथानी हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 61.13 प्रतिशत वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के सम्राट विकास यादव को बड़े वोटों के अंतर से हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 54.87 प्रतिशत रहा था।
2022 के विधानसभा चुनाव में सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार इरफान सोलंकी जीते थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सलिल विश्नोई को हराया था।
आर्य नगर सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 214वें नंबर की है और कानपुर नगर जिले में आती है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है और लोकसभा में कानपुर संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। मौजूदा विधायक समाजवादी पार्टी के अमिताभ बाजपेयी हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 50.56 प्रतिशत वोट प्राप्त कर भाजपा के सुरेश अवस्थी को हराया था। यहां मतदान प्रतिशत 50.97 प्रतिशत रहा था।
किदवई नगर 403 सीट में से 215वीं सीट है और कानपुर नगर में स्थित है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में यहां लगभग 3,48,846 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के महेश त्रिवेदी हैं।
कानपुर कैंट (छावनी) से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद हसन रूमी विधायक हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में करीब 49.99 प्रतिशत वोटों से जीत हासिल की और भाजपा के रघुनंदन सिंह भदौरिया को हराया था। यहां का मतदान प्रतिशत 52.40 प्रतिशत रहा था।
महाराजपुर 403 में से 217वीं सीट है और कानपुर नगर जिले में स्थित है। यह सामान्य अनारक्षित सीट है। पिछले चुनाव में यहां लगभग 4,48,458 पंजीकृत मतदाता थे। मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी के सतीश महाना हैं।
घाटमपुर सुरक्षित सीट है। यहां से अपना दल (सोनेलाल) की सरोज कुरील विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सरोज कुरील ने समाजवादी पार्टी के भगवती सागर को 14,474 वोटों के अंतर से हराया था।
अगर इस जिले की बात करें तो वायु मार्ग से लखनऊ का अमौसी यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक हवाई अड्डा है चकेरी एयरपोर्ट। रेल मार्ग से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा है। दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ, हावड़ा, गोरखपुर, झांसी, कन्नौज, मथुरा, आगरा, बांदा, मुंबई, चेन्नई, जबलपुर, भोपाल, मानिकपुर आदि शहरों के लिए नियमित रेलगाड़ियां हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध, विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर से होकर गुजरती हैं। सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, प्रयागराज, आगरा और कोलकाता से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और शिवपुरी से जोड़ता है।
इसे प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस शहर की स्थापना सचेंदी राज्य के राजा हिंदू सिंह ने की थी। कानपुर का मूल नाम कान्हपुर था। जिले के बारे में इतिहास बताता है कि अवध के नवाबों के शासनकाल के अंतिम चरण में यह नगर पुराना कानपुर, पटकापुर, कुरसवां, जुही और सीमामऊ गांवों के मिलने से बना था।
राजनीति
जम्मू-कश्मीर में साइबर हमलों से निपटने की तैयारी, सरकार ने सभी विभागों को सुरक्षा मजबूत करने का दिया आदेश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सभी विभागों में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का आदेश दिया।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संगठनों को साइबर सुरक्षा मजबूत करने और सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को उभरते साइबर खतरों से बचाने का निर्देश दिया है।
सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों और संगठनों को ‘यूनिफाइड एंडपॉइंट मैनेजमेंट’ (यूईएम) और ‘एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स’ (ईडीआर) समाधानों के अपग्रेडेड वर्जन लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षित और जवाबदेह ई-गवर्नेंस के हित में सभी विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे यूईएम और ईडीआर के नए वर्जन को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।
यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सरकारी विभागों और संगठनों में अपग्रेडेड साइबर सुरक्षा समाधान लागू करने के संबंध में भेजे गए एक संदेश के बाद उठाया गया है।
सरकार ने कहा कि सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से ‘नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर नेटवर्क’ (एनआईसीएनईटी) और ‘जम्मू-कश्मीर स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क’ (जेकेएसडब्ल्यूएएन) से जुड़े एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए, यूईएम और ईडीआर समाधानों को लागू करना बहुत महत्वपूर्ण है।
ये अपग्रेडेड सिस्टम सरकारी एंडपॉइंट्स का सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट प्रदान करेंगे, सुरक्षा नियमों के पालन और कमजोरियों की निगरानी में मदद करेंगे, साइबर खतरों का जल्द पता लगाने में सक्षम होंगे और सुरक्षा घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायता करेंगे। सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि मौजूदा यूईएम और ईडीआर समाधानों के लाइसेंस सपोर्ट की अवधि समाप्त होने वाली है।
इसके अनुसार, सुरक्षा सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और उभरते साइबर खतरों से बचाव के लिए एनआईसी मुख्यालय ने इनके अपग्रेडेड वर्जन हासिल कर लिए हैं। एनआईसी के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम, जिसे ‘साइबर वॉरियर्स’ नाम दिया गया है, संबंधित सरकारी विभागों और संगठनों में जाएगी। यह टीम एनआईसीएनईटी-जेकेएसडब्ल्यूएएन से जुड़े सभी एंडपॉइंट्स पर इन अपग्रेडेड समाधानों को इंस्टॉल और लागू करेगी।
इसे चरणों में लागू किया जाएगा। प्रशासनिक सचिवों और विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक ये निर्देश पहुंचाएं और अपग्रेडेड सिस्टम को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।
सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, स्थापित आईटी गवर्नेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करना और पूरे जम्मू-कश्मीर में एक सुरक्षित तथा जवाबदेह ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है।
राजनीति
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सीएम शर्मा का पलटवार, बोले- हार पर आत्ममंथन करे कांग्रेस

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी से लगातार चुनावी हार पर आत्मनिरीक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी आंतरिक कमियों को पहचानना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में की गई टिप्पणी की भी आलोचना की और इसे राजनीतिक चर्चा में अनुचित बताया।
जयपुर के सेंट्रल पार्क में सुबह की सैर के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व, संगठनात्मक कमजोरियों और जनता से जुड़ाव का आकलन करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी कमियों को पहचानना चाहिए। कोई और आपकी कमजोरियों को दूर नहीं कर सकता। जनता के बीच जाएं और उनके दिलों में जगह बनाएं। आपसी आरोप-प्रत्यारोप से कुछ हासिल नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस लंबे समय से चुनाव हार रही है और उसे अपनी चुनावी हार के कारणों की जांच करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, पार्टी को अपने नेतृत्व की गुणवत्ता और नेताओं द्वारा जनता के बीच बिताए जाने वाले समय का मूल्यांकन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर सवाल उठाने और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से संबंधित आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे तर्क आंतरिक मूल्यांकन का विकल्प नहीं हो सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में खड़गे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को संयम बरतना चाहिए और दिवंगत परिवार के सदस्यों से संबंधित व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहना चाहता हूं कि राजनीति में ऐसी भाषा का कोई स्थान नहीं है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। किसी को भी किसी के भी दिवंगत माता-पिता के बारे में ऐसी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तुष्टीकरण से संबंधित मुद्दों को बार-बार उठाने और आरोप फैलाने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से विवेकपूर्ण निर्णय लेने और राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा राजस्थान पंचायत चुनावों में पर्याप्त बहुमत हासिल करेगी। राज्य सरकार की ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रस्ताव की घोषणा के समय हुई आलोचनाओं को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव पहले ही हो चुके हैं और पंचायत चुनाव अब चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों के कल्याण पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमें राजस्थान की जनता पर पूरा भरोसा है। भाजपा पंचायत चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।
महाराष्ट्र
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली 2026 के लिए 33,000 रुपये का बोनस मिलेगा

मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने आज (28 अक्टूबर, 2026) घोषणा की कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली 2026 के लिए 33,000 रुपये का बोनस गिफ्ट दिया जाएगा। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी और कर्मचारी दिवाली का त्योहार खुशी से मना सकें, इसके लिए मेयर रितु तावड़े ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन को नवंबर महीने की रेगुलर सैलरी के साथ 33,000 रुपये की एक्स-ग्रेसिया ग्रांट देने का निर्देश दिया। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों/कर्मचारियों को दिवाली-2026 के लिए एक्स-ग्रेसिया ग्रांट देने के बारे में आज (28 अक्टूबर, 2026) मेयर हॉल में एक मीटिंग हुई। इस मौके पर डिप्टी मेयर संजय गाड़ी, नेता विपक्ष किशोरी पेडणेकर, नेता सदन गणेश खनकर, इंडियन नेशनल कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी, एएमआईएम ग्रुप लीडर विजय ओबले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ग्रुप लीडर यशवंत कालेदार, समरजेवा पार्टी ग्रुप लीडर यशवंत कालेदार, एएमआईएम ग्रुप लीडर ऋषवंत कालेदार, एएमआईएम. स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन प्रभाकर शिंदे, एजुकेशन कमेटी चेयरमैन राजेश्वरी श्रावदकर, जॉइंट कमिश्नर (फाइनेंस) देवीदास क्षीरसागर, डिप्टी कमिश्नर (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) श्री किशोर गांधी के साथ म्युनिसिपल वर्कर्स/एम्प्लॉईज ऑर्गेनाइजेशन्स की कोऑर्डिनेशन कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद थे। मेयर रितु तावड़े ने कहा कि इस साल कम बारिश होने की वजह से राज्य में सूखे के हालात बन गए हैं। इस बैकग्राउंड में, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 300 तालुका में क्राइटेरिया के हिसाब से सूखा घोषित किया है और कई कदम उठाए हैं। राज्य की पूरी स्थिति को देखते हुए, नगर निगम ग्रुप लीडर्स, अधिकारियों, नगर प्रशासन और मज़दूर संगठनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने एकमत से दिवाली सनोग्रा ग्रांट देने का फ़ैसला किया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को 33,000 रुपये की रेगुलर सैलरी के साथ 33,000 रुपये की दिवाली ग्रांट मिलेगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड4 weeks agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
